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मोबाइल बेचने के नाम पर करते थे ठगी, धरे गए
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बदायूं। सिविल लाइंस क्षेत्र की रोडवेज चौकी पुलिस ने मुजफ्फरनगर के दो युवकों को दबोचा है। दोनों मोबाइल बेचने के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। तलाशी में उनके पास दो चाकू भी मिले हैं। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
रोडवेज चौकी इंचार्ज सौरभ यादव बस स्टैंड के नजदीक चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान राजकीय इंटर कॉलेज के नजदीक दो संदिग्ध लोग दिखाई दिए। पुलिस ने उनसे वहां खड़े होने का कारण पूछा तो वे सकपका गए। जब उनकी तलाशी ली गई तो उनके पास एक-एक चाकू बरामद हुआ। इसके बाद उन्हें सिविल लाइंस थाने ले जाया गया। जहां उन्होंने अपने नाम रमजान पुत्र यूनुस मोहल्ला किदवई कोतवाली मुजफ्फरनगर और दूसरे ने आजाद पुत्र शमीम निवासी ग्राम सुजडू मुजफ्फरनगर बताया। उन्होंने अपने पास एक असली और नकली मोबाइल दिखाया। बताया कि वे लोगों से मोबाइल बेचने के बहाने ठगी करते हैं। वे लोगों को बताते हैं कि वह मुजफ्फरनगर जाना चाहते हैं लेकिन उनकी जेब कट गई है। इससे उनके पास रुपये नहीं है। वह अपना बीस हजार का मोबाइल चार हजार रुपये में बेचना चाहते हैं। वे असली मोबाइल और उसका बिल भी दिखाते थे। सामने वाला मोबाइल खरीदने को राजी हो जाता तो उसे बातों में फंसाकर नकली मोबाइल डिब्बे में रखकर दे देते थे और फिर वहां से खिसक लेते थे। इस तरह वह कई लोगों को चूना लगा चुके थे। संवाद
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रोडवेज चौकी इंचार्ज सौरभ यादव बस स्टैंड के नजदीक चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान राजकीय इंटर कॉलेज के नजदीक दो संदिग्ध लोग दिखाई दिए। पुलिस ने उनसे वहां खड़े होने का कारण पूछा तो वे सकपका गए। जब उनकी तलाशी ली गई तो उनके पास एक-एक चाकू बरामद हुआ। इसके बाद उन्हें सिविल लाइंस थाने ले जाया गया। जहां उन्होंने अपने नाम रमजान पुत्र यूनुस मोहल्ला किदवई कोतवाली मुजफ्फरनगर और दूसरे ने आजाद पुत्र शमीम निवासी ग्राम सुजडू मुजफ्फरनगर बताया। उन्होंने अपने पास एक असली और नकली मोबाइल दिखाया। बताया कि वे लोगों से मोबाइल बेचने के बहाने ठगी करते हैं। वे लोगों को बताते हैं कि वह मुजफ्फरनगर जाना चाहते हैं लेकिन उनकी जेब कट गई है। इससे उनके पास रुपये नहीं है। वह अपना बीस हजार का मोबाइल चार हजार रुपये में बेचना चाहते हैं। वे असली मोबाइल और उसका बिल भी दिखाते थे। सामने वाला मोबाइल खरीदने को राजी हो जाता तो उसे बातों में फंसाकर नकली मोबाइल डिब्बे में रखकर दे देते थे और फिर वहां से खिसक लेते थे। इस तरह वह कई लोगों को चूना लगा चुके थे। संवाद
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