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भाषा का अनुवाद कराने के 30 हजार रुपये प्रतिमाह देते हैं हवाला कारोबारी
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बदायूं। हवाला के धंधे से जुड़े संग्रामपुर और लक्ष्मीपुर के लोग ज्यादा पढ़े-लिखे तो नहीं हैं लेकिन उन्हें हर तरह से लोगों को ठगने, फर्जी खाते खोलकर रुपयों को इधर-उधर पहुंचाने की महारत हासिल है। इनके नाइजीरिया और पाकिस्तानी लोगों से सीधे संबंध हैं। ये हिंदी, उर्दू के अलावा अंग्रेजी की एबीसीडी नहीं जानते लेकिन इसके लिए ऐसे युवकों को रखते हैं, जो पढ़े-लिखे होते हैं और फर्राटे की अंग्रेजी बोलते हैं। उन्हें 30 हजार रुपये प्रतिमाह पगार के तौर पर देते हैं।
बिसौली कोतवाली क्षेत्र के ग्राम संग्रामपुर, लक्ष्मीपुर के अलावा अब तो कई गांव हवाला के धंधे के लिए बदनाम हो चुके हैं। इनका मुख्य धंधा यह ही है। ऑनलाइन ठगी से लेकर फर्जी खाते खोलकर ब्लैक मनी को व्हाइट करना ही इनका मुख्य धंधा है। इस धंधे में ये अकेले नहीं, इनका पूरा कुनबा लिप्त है। बड़े-बड़े महानगरों में जाकर अपना धंधा चला रहे हैं। लोकल स्तर पर तमाम क्षेत्रीय बैंकों में इनके खाते हैं, जिनमें लेन-देन होता रहता है। इनके नाइजीरिया के लोगों से सीधे संबंध हैं। संग्रामपुर और लक्ष्मीपुर में कई बार नाइजीरियाई आ चुके हैं। पिछले साल एक नाइजीरियाई पकड़ा भी गया था। चूंकि नाइजीरिया के अधिकतर लोग अंग्रेजी में बात करते हैं। इससे इन लोगों को उनकी भाषा समझने में दिक्कत होती है।
सूत्रों का कहना है ये लोग ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं लेकिन अपना धंधा चलाए रखने के लिए ऐसे लोगों को अपने गैंग में शामिल किया है, जो फर्राटे की अंग्रेजी बोलते हैं। उन्हें 30 हजार रुपये प्रतिमाह देते हैं। बात खुले नहीं, इसके लिए किसी बाहरी व्यक्ति से संपर्क नहीं करते। ये लोग इनके बिल्कुल करीबी होते हैं। जो भाषा समझकर और ट्रांसलेट करके इन्हें समझाते हैं। इससे इनका धंधा बड़े आराम से चल रहा है। ऐसे ही कुछ लोगों का नाम टेरर फंडिंग में भी शामिल बताए जा रहे हैं।
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मुंबई में खाते से निकाले 63 लाख रुपये
बिसौली क्षेत्र के एक गांव निवासी हवाला का धंधेबाज कुछ दिन पहले मुंबई की एक बैंक से 63 लाख रुपये निकालकर लाया है। क्षेत्र में इसकी व्यापक चर्चा है लेकिन जिला और पुलिस प्रशासन ने इसकी जांच करने की जहमत नहीं उठाई है।
बिसौली क्षेत्र के ये गांव मेरी नजर में हैं। अभी दीपावली के त्योहार की वजह से कोई छानबीन नहीं हो पाई थी लेकिन अब इसकी पूरी पड़ताल की जाएगी। एक विशेष टीम को पहले ही काम पर लगा दिया गया है। जल्द ही कोई न कोई सूचना सुनने को मिलेगी।
-राघवेंद्र सिंह राठौर, सीओ बिसौली
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बिसौली कोतवाली क्षेत्र के ग्राम संग्रामपुर, लक्ष्मीपुर के अलावा अब तो कई गांव हवाला के धंधे के लिए बदनाम हो चुके हैं। इनका मुख्य धंधा यह ही है। ऑनलाइन ठगी से लेकर फर्जी खाते खोलकर ब्लैक मनी को व्हाइट करना ही इनका मुख्य धंधा है। इस धंधे में ये अकेले नहीं, इनका पूरा कुनबा लिप्त है। बड़े-बड़े महानगरों में जाकर अपना धंधा चला रहे हैं। लोकल स्तर पर तमाम क्षेत्रीय बैंकों में इनके खाते हैं, जिनमें लेन-देन होता रहता है। इनके नाइजीरिया के लोगों से सीधे संबंध हैं। संग्रामपुर और लक्ष्मीपुर में कई बार नाइजीरियाई आ चुके हैं। पिछले साल एक नाइजीरियाई पकड़ा भी गया था। चूंकि नाइजीरिया के अधिकतर लोग अंग्रेजी में बात करते हैं। इससे इन लोगों को उनकी भाषा समझने में दिक्कत होती है।
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सूत्रों का कहना है ये लोग ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं लेकिन अपना धंधा चलाए रखने के लिए ऐसे लोगों को अपने गैंग में शामिल किया है, जो फर्राटे की अंग्रेजी बोलते हैं। उन्हें 30 हजार रुपये प्रतिमाह देते हैं। बात खुले नहीं, इसके लिए किसी बाहरी व्यक्ति से संपर्क नहीं करते। ये लोग इनके बिल्कुल करीबी होते हैं। जो भाषा समझकर और ट्रांसलेट करके इन्हें समझाते हैं। इससे इनका धंधा बड़े आराम से चल रहा है। ऐसे ही कुछ लोगों का नाम टेरर फंडिंग में भी शामिल बताए जा रहे हैं।
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मुंबई में खाते से निकाले 63 लाख रुपये
बिसौली क्षेत्र के एक गांव निवासी हवाला का धंधेबाज कुछ दिन पहले मुंबई की एक बैंक से 63 लाख रुपये निकालकर लाया है। क्षेत्र में इसकी व्यापक चर्चा है लेकिन जिला और पुलिस प्रशासन ने इसकी जांच करने की जहमत नहीं उठाई है।
बिसौली क्षेत्र के ये गांव मेरी नजर में हैं। अभी दीपावली के त्योहार की वजह से कोई छानबीन नहीं हो पाई थी लेकिन अब इसकी पूरी पड़ताल की जाएगी। एक विशेष टीम को पहले ही काम पर लगा दिया गया है। जल्द ही कोई न कोई सूचना सुनने को मिलेगी।
-राघवेंद्र सिंह राठौर, सीओ बिसौली