फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   crime

एमओआईसी को बनाया झोलाछाप, रिपोर्ट भी दर्ज करा दी

Tue, 01 Oct 2019 10:03 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 01 Oct 2019 10:03 PM IST
विज्ञापन
crime
दातागंज (बदायूं)। अलापुर पुलिस ने चिकित्साधिकारी को ही झोलाछाप बना दिया। इस बारे में पता लगने के बाद पुलिस के साथ स्वास्थ्य विभाग की भी किरकिरी हो रही है। झोलाछाप के खिलाफ जिले भर में हो रही कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। सिर्फ मेडिकल आफीसर इंचार्ज (एमओआईसी) ही नहीं बल्कि छह और डॉक्टर भी ऐसे हैं जो वैध रूप से चिकित्सा पेशा कर रहे थे, लेकिन पुलिस द्वारा इनको भी नामजद कर दिया गया। अब इस संबंध में प्रभारी सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह ने अलापुर थाना पुलिस को लिखा है।
विज्ञापन

अलापुर पुलिस ने दो दिन पहले 10 झोलाछाप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इनमें ककराला के डॉ. शादाब, डॉ. रिजवान, डॉ. खालिद नदीम, डॉ. असलम, डॉ. शाह और म्याऊं के डॉ. मोहित शर्मा, डॉ. आरपी सिंह को भी नामजद किया गया। अखबारों में नाम छपे तो डॉक्टरों में अफरातफरी मच गई। यह सभी डॉक्टर वैध रूप से चिकित्सा पेशा कर रहे थे। डॉ. आरपी सिंह तो संविदा पर सरकारी सेवा में हैं। उन पर एमओआईसी अलापुर का चार्ज भी है। इसके साथ वह शाम को म्याऊं में अपने क्लीनिक पर भी बैठते हैं। इन दिनों उनकी ड्यूटी एसडीएम के साथ अल्ट्रासाउंड सेंटर्स की चेकिंग में लगी हुई है। रिपोर्ट दर्ज होने के बारे में पता लगा तो वह सोमवार को सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह से मिले। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग को गलती के बारे में पता लगा। सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह ने अलापुर एमओआईसी डॉ. आरपी सिंह समेत सभी सात डॉक्टर के संबंध में अलापुर पुलिस को लिखा है। कहा गया है कि यह सभी लोग वैध रूप से चिकित्सा पेशा कर रहे हैं। झोलाछाप के रूप में इनकी नामजदगी गलत है। इधर, झोलाछाप में नामजदगी को लेकर डॉक्टर परेशान हैं।
विज्ञापन


एमओआईसी ने पुलिस पर उठाए सवाल
अलापुर एमओआईसी डॉ. आरपी सिंह ने पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में कम से कम एक हजार झोलाछाप अवैध रूप से चिकित्सकीय कार्य कर रहे हैं। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करता। कार्रवाई के नाम पर वैध चिकित्सा पेशा करने वाले डॉक्टरों को परेशान किया जा रहा है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई पर उन्होंने हैरानी जताई।
विज्ञापन
विज्ञापन


अगर कहीं पर कोई गलती हुई है तो उसमें सुधार किया जाएगा। अलापुर के एमओआईजी डॉ. आरपी सिंह के म्याऊं क्लीनिक पर टीम पहुंची थी। क्लीनिक बंद था। बाहर लिखे मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया, बात नहीं हो सकी। शायद इसी वजह से उनका नाम झोलाछाप की सूची में शामिल हो गया। जो भी वैध रूप से चिकित्सा पेशा कर रहे हैं उनको कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इस संबंध में अलापुर पुलिस को लिखा गया है।
- डॉ. मंजीत सिंह, प्रभारी सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed