{"_id":"5d8668dd8ebc3e0147579876","slug":"crime-badaun-news-bly3770407171","type":"story","status":"publish","title_hn":"भूरा की कॉल डिटेल निकलवाने के बाद मुख्य आरोपी तक पहुंचेगी क्राइम ब्रांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भूरा की कॉल डिटेल निकलवाने के बाद मुख्य आरोपी तक पहुंचेगी क्राइम ब्रांच
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बदायूं। बहुचर्चित पिस्टल कांड के आरोपी भले ही यह सोचकर खुश हों कि मामला दब गया है लेकिन ऐसा नहीं है। क्राइम ब्रांच अंदर ही अंदर जांच करके उन पर शिकंजा कसने की पूरी तैयारी कर रही है। इसके लिए ककराला निवासी भूरा की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है ताकि यह पता चल सके कि उसके संबंध किस-किस से थे और किसके इशारों पर पिस्टलों की सप्लाई करता था। माना जा रहा है कि कॉल डिटेल के मिलान के बाद कुछ सफेदपोशों के नाम भी इस धंधे में उजागर होंगे।
नवंबर-18 में पुलिस ने एक नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन के गन हाउस पर काम करने वाले नौकर समेत नौ लोगों को पकड़ा था। उनके पास मुंगेर की आठ पिस्टल बरामद हुईं थीं। बताया जाता है कि जब पुलिस को पता चला कि इस मामले में कई मालदार लोग भी फंस रहे हैं तो पुलिस ने कार्रवाई की बजाय लोगों को धमकाकर पकड़ने और पैसा लेकर छोड़ दिया। अगले दिन केवल नौ लोगों के साथ आठ पिस्टलों की बरामदगी दिखाई गई। इससे पहले पुलिस ने मुखबिरी के आधार पर ककराला निवासी भूरा को पकड़ा था, जिसकी निशानदेही पर एक पूर्व नगर पंचायत चेयरमैन व उसके बेटे और नौकर को उठाया गया। बताते हैं कि पुलिस ने पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष के बेटे को रात भर हवालात में रखा और सुबह मोटा सौदा होने के बाद छोड़ दिया। जिन अन्य लोगों को उठाया गया, उनसे भी मोटी सौदेबाजी की गई थी। मामले की जानकारी डीआईजी राजेश कुमार पांडेय तक पहुंचने के बाद इसकी जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी। पहले इस मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच के सीनियर इंस्पेक्टर कृष्णमुरारी कर रहे थे, लेकिन उनका स्थानांतरण मुरादाबाद होने के बाद अब इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार इस मामले की जांच कर रहे हैं। क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच भले ही धीमी गति से कर रही हो, लेकिन वह मुख्य आरोपी को दबोचने के लिए कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। इसके लिए जांच में हर वह बिंदु शामिल किया जा रहा है जिससे उसके बचने की कोई गुंजाइश न रहे। अब क्राइम ब्रांच भूरा की कॉल डिटेल निकलवाकर उसका मिलान करा रही है, ताकि उसके माध्यम से उन लोगों तक पहुंचा जा सके जो उससे जुड़ेे थे।
पुलिस ने थाने से छोड़ दिए थे कई लोग
पिस्टल मामले में पुलिस ने बड़ा खेल किया था। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष के अलावा प्रोफेसर कॉलोनी और कबूलपुरा निवासी एक-एक व्यक्ति, चौधरी सराय निवासी दो लोग व चंदौसी के मई निवासी एक व्यक्ति को थाने से ही छोड़ दिया गया था। आरोप है कि इसके बदले पुलिस ने इनसे मोटा पैसा वसूला था।
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जनप्रतिनिधि के साथ नजर आता था आरोपी
सपा सरकार में पिस्टल कांड का मुख्य आरोपी एक पूर्व जनप्रतिनिधि के साथ नजर आता था। चुनाव में भी उसने इस पूर्व जनप्रतिनिधि का सहयोग किया था, बल्कि उनकी रैली जुलूस आदि में पूरी सहभागिता निभाई थी। दरअसल आरोपी को इस बात की उम्मीद थी कि वह जिसकी सपोर्ट कर रहा है वह चुनाव जीत ही जाएंगे, लेकिन उसकी बदकिस्मती रही कि वह चुनाव हार गए।
क्राइम ब्रांच इस मामले की छानबीन में लगी है। ककराला निवासी भूरा की कॉल डिटेल निकलवाकर उसका मिलान किया जा रहा है कि उसके संबंध किससे थे तथा वह किसके लिए काम कर रहा था। कॉल डिटेल का मिलान करके अन्य आरोपियों तक पहुंचा जाएगा।
- प्रमोद, इंस्पेक्टर क्राइम ब्रांच
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नवंबर-18 में पुलिस ने एक नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन के गन हाउस पर काम करने वाले नौकर समेत नौ लोगों को पकड़ा था। उनके पास मुंगेर की आठ पिस्टल बरामद हुईं थीं। बताया जाता है कि जब पुलिस को पता चला कि इस मामले में कई मालदार लोग भी फंस रहे हैं तो पुलिस ने कार्रवाई की बजाय लोगों को धमकाकर पकड़ने और पैसा लेकर छोड़ दिया। अगले दिन केवल नौ लोगों के साथ आठ पिस्टलों की बरामदगी दिखाई गई। इससे पहले पुलिस ने मुखबिरी के आधार पर ककराला निवासी भूरा को पकड़ा था, जिसकी निशानदेही पर एक पूर्व नगर पंचायत चेयरमैन व उसके बेटे और नौकर को उठाया गया। बताते हैं कि पुलिस ने पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष के बेटे को रात भर हवालात में रखा और सुबह मोटा सौदा होने के बाद छोड़ दिया। जिन अन्य लोगों को उठाया गया, उनसे भी मोटी सौदेबाजी की गई थी। मामले की जानकारी डीआईजी राजेश कुमार पांडेय तक पहुंचने के बाद इसकी जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी। पहले इस मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच के सीनियर इंस्पेक्टर कृष्णमुरारी कर रहे थे, लेकिन उनका स्थानांतरण मुरादाबाद होने के बाद अब इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार इस मामले की जांच कर रहे हैं। क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच भले ही धीमी गति से कर रही हो, लेकिन वह मुख्य आरोपी को दबोचने के लिए कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। इसके लिए जांच में हर वह बिंदु शामिल किया जा रहा है जिससे उसके बचने की कोई गुंजाइश न रहे। अब क्राइम ब्रांच भूरा की कॉल डिटेल निकलवाकर उसका मिलान करा रही है, ताकि उसके माध्यम से उन लोगों तक पहुंचा जा सके जो उससे जुड़ेे थे।
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पुलिस ने थाने से छोड़ दिए थे कई लोग
पिस्टल मामले में पुलिस ने बड़ा खेल किया था। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष के अलावा प्रोफेसर कॉलोनी और कबूलपुरा निवासी एक-एक व्यक्ति, चौधरी सराय निवासी दो लोग व चंदौसी के मई निवासी एक व्यक्ति को थाने से ही छोड़ दिया गया था। आरोप है कि इसके बदले पुलिस ने इनसे मोटा पैसा वसूला था।
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जनप्रतिनिधि के साथ नजर आता था आरोपी
सपा सरकार में पिस्टल कांड का मुख्य आरोपी एक पूर्व जनप्रतिनिधि के साथ नजर आता था। चुनाव में भी उसने इस पूर्व जनप्रतिनिधि का सहयोग किया था, बल्कि उनकी रैली जुलूस आदि में पूरी सहभागिता निभाई थी। दरअसल आरोपी को इस बात की उम्मीद थी कि वह जिसकी सपोर्ट कर रहा है वह चुनाव जीत ही जाएंगे, लेकिन उसकी बदकिस्मती रही कि वह चुनाव हार गए।
क्राइम ब्रांच इस मामले की छानबीन में लगी है। ककराला निवासी भूरा की कॉल डिटेल निकलवाकर उसका मिलान किया जा रहा है कि उसके संबंध किससे थे तथा वह किसके लिए काम कर रहा था। कॉल डिटेल का मिलान करके अन्य आरोपियों तक पहुंचा जाएगा।
- प्रमोद, इंस्पेक्टर क्राइम ब्रांच