{"_id":"5d85018e8ebc3e016f0b2285","slug":"crime-badaun-news-bly376960863","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी रोडवेज बस के चालक-परिचालक के खिलाफ रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी रोडवेज बस के चालक-परिचालक के खिलाफ रिपोर्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। रोडवेज चौराहे से पकड़ी गई फर्जी रोडवेज बस के चालक और परिचालक के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। चालक और परिचालक पुलिस हिरासत में हैं। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। अभी उन्हें जेल नहीं भेजा गया है। इस बस की मालिक बागपत की रहने वाली बताई जा रही है।
फर्जी रोडवेज बस गुरुवार शाम रोडवेज चौराहे से पकड़ी गई थी। उस समय बस बदायूं रोडवेज बस स्टैंड पर सवारियां उतारने आई थी। टीएसआई राममिलन पासवान पुलिस लाइन चौराहे पर चेकिंग कर रहे थे। जैसे ही बस उनके सामने से रोडवेज बस स्टैंड की ओर निकली कि वह बस को देखकर हैरान रह गए। वह पीछा करते हुए स्टैंड पहुंचे और रोडवेज चौराहे पर बस को रोक लिया। उसके चालक-परिचालक से पूछताछ की गई तो उन्होंने दावा किया कि बस बुलंदशहर डिपो की है और दिल्ली-बदायूं रूट पर चल रही है। परिचालक के पास टिकट काटने वाली मशीन भी थी। टीएसआई ने परिवहन निगम के अधिकारियों को सूचना दी। जिस पर निगम के अधिकारी भी चौराहे पर पहुंच गए। पूरी छानबीन के बाद पता चला कि रोडवेज बस फर्जी है। उसे निगम की बस बनाकर दिल्ली-बदायूं रूट पर चलाया जा रहा था। टीएसआई ने बस को सिविल लाइंस पुलिस के हवाले करके सीज कर दिया। तो वहीं पुलिस ने चालक मुनिराज और परिचालक सचिन त्यागी निवासी स्याना, बुलंदशहर को हिरासत में ले लिया। इधर, पुलिस ने परिवहन निगम के केंद्र प्रभारी कौशलेंद्र पाल सिंह की ओर से चालक, परिचालक और बस मालिक बागपत निवासी अनीता त्यागी पत्नी विनोद त्यागी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। चालक-परिचालक अभी जेल नहीं भेजे गए हैं। उनसे पूछताछ चल रही है।
रोडवेज के केंद्र प्रभारी ने एफआईआर दर्ज करा दी है। अभी मामले की जांच चल रही है। पूरा मामला साफ होने के बाद चालक-परिचालक को जेल भेजा जाएगा।
-अरविंद कुमार, प्रभारी एसओ सिविल लाइंस
बस पूरी तरह से फर्जी है। हमने पूरी जानकारी ले ली है। इससे हमारे केंद्र प्रभारी कौशलेंद्र पाल सिंह ने चालक, परिचालक और बस मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है। बाकी कार्रवाई पुलिस करेगी।
विज्ञापन
-राजेश कुमार, एआरएम
विज्ञापन
फर्जी रोडवेज बस गुरुवार शाम रोडवेज चौराहे से पकड़ी गई थी। उस समय बस बदायूं रोडवेज बस स्टैंड पर सवारियां उतारने आई थी। टीएसआई राममिलन पासवान पुलिस लाइन चौराहे पर चेकिंग कर रहे थे। जैसे ही बस उनके सामने से रोडवेज बस स्टैंड की ओर निकली कि वह बस को देखकर हैरान रह गए। वह पीछा करते हुए स्टैंड पहुंचे और रोडवेज चौराहे पर बस को रोक लिया। उसके चालक-परिचालक से पूछताछ की गई तो उन्होंने दावा किया कि बस बुलंदशहर डिपो की है और दिल्ली-बदायूं रूट पर चल रही है। परिचालक के पास टिकट काटने वाली मशीन भी थी। टीएसआई ने परिवहन निगम के अधिकारियों को सूचना दी। जिस पर निगम के अधिकारी भी चौराहे पर पहुंच गए। पूरी छानबीन के बाद पता चला कि रोडवेज बस फर्जी है। उसे निगम की बस बनाकर दिल्ली-बदायूं रूट पर चलाया जा रहा था। टीएसआई ने बस को सिविल लाइंस पुलिस के हवाले करके सीज कर दिया। तो वहीं पुलिस ने चालक मुनिराज और परिचालक सचिन त्यागी निवासी स्याना, बुलंदशहर को हिरासत में ले लिया। इधर, पुलिस ने परिवहन निगम के केंद्र प्रभारी कौशलेंद्र पाल सिंह की ओर से चालक, परिचालक और बस मालिक बागपत निवासी अनीता त्यागी पत्नी विनोद त्यागी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। चालक-परिचालक अभी जेल नहीं भेजे गए हैं। उनसे पूछताछ चल रही है।
विज्ञापन
रोडवेज के केंद्र प्रभारी ने एफआईआर दर्ज करा दी है। अभी मामले की जांच चल रही है। पूरा मामला साफ होने के बाद चालक-परिचालक को जेल भेजा जाएगा।
-अरविंद कुमार, प्रभारी एसओ सिविल लाइंस
बस पूरी तरह से फर्जी है। हमने पूरी जानकारी ले ली है। इससे हमारे केंद्र प्रभारी कौशलेंद्र पाल सिंह ने चालक, परिचालक और बस मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है। बाकी कार्रवाई पुलिस करेगी।
विज्ञापन
-राजेश कुमार, एआरएम