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रिश्वत लेने वाले दरोगा को एसएसपी ने किया सस्पेंड
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बदायूं। कादरचौक थाने में तैनात एक दरोगा का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने दरोगा को सस्पेंड कर दिया है, साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
कुछ दिन पहले डीएम दिनेश कुमार सिंह झोलाछापों के खिलाफ अभियान चलाया था। उन्होंने पुलिस को आदेश दिए थे कि जहां भी झोलाछाप मिल जाएं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करें और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजें। इस डर से कादरचौक इलाके में झोलाछापों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। ग्राम ककोड़ा निवासी एक झोलाछाप कई दिन से अपनी दुकान खुलवाने के लिए थाने के चक्कर लगा रहा था। जब उसकी बात नहीं बनी तो उसने ककोड़ा निवासी एक व्यक्ति को थाने भेजा। उसने दरोगा हेमराज से झोलाछाप की दुकान खुलवाने को पूरा सौदा कर लिया। इसके लिए उसने दरोगा को तीन हजार रुपये भी दिए। साथ ही रुपये देने के दौरान एक वीडियो बना ली। इस वीडियो में रुपये लेने और दुकान खुलवाने की बात हो रही है। बुधवार को ये वीडियो वायरल हो गया। इससे पुलिस विभाग में हलचल मच गई। मामला एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी तक पहुंचा तो उन्होंने इसकी जांच सीओ उझानी विनय कुमार द्विवेदी को दे दी। वहीं प्रथम दृष्टया दरोगा को आरोपी मानते हुए तुरंत सस्पेंड कर दिया। एसएसपी ने बताया कि दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
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कुछ दिन पहले डीएम दिनेश कुमार सिंह झोलाछापों के खिलाफ अभियान चलाया था। उन्होंने पुलिस को आदेश दिए थे कि जहां भी झोलाछाप मिल जाएं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करें और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजें। इस डर से कादरचौक इलाके में झोलाछापों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। ग्राम ककोड़ा निवासी एक झोलाछाप कई दिन से अपनी दुकान खुलवाने के लिए थाने के चक्कर लगा रहा था। जब उसकी बात नहीं बनी तो उसने ककोड़ा निवासी एक व्यक्ति को थाने भेजा। उसने दरोगा हेमराज से झोलाछाप की दुकान खुलवाने को पूरा सौदा कर लिया। इसके लिए उसने दरोगा को तीन हजार रुपये भी दिए। साथ ही रुपये देने के दौरान एक वीडियो बना ली। इस वीडियो में रुपये लेने और दुकान खुलवाने की बात हो रही है। बुधवार को ये वीडियो वायरल हो गया। इससे पुलिस विभाग में हलचल मच गई। मामला एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी तक पहुंचा तो उन्होंने इसकी जांच सीओ उझानी विनय कुमार द्विवेदी को दे दी। वहीं प्रथम दृष्टया दरोगा को आरोपी मानते हुए तुरंत सस्पेंड कर दिया। एसएसपी ने बताया कि दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
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