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साक्ष्यों के आधार पर तय होगी ‘सौतन’ शिक्षामित्र की गिरफ्तारी की रूपरेखा
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उझानी (बदायूं)। चार दिन पहले महिला शिक्षिक ममता गौतम की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने तथ्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। शिक्षक पति वाकई उसे परेशान करता था या फिर घर में महज ‘सौतन’ आने का डर रहा जो शिक्षिका के दिलो-दिमाग में घर कर बैठा। हकीकत का पता लगाने के लिए पुलिस शिक्षक और शिक्षामित्र के बीच कॉल डिटेल तक भी पहुंचना चाहती है। शिक्षामित्र का सेलफोन नंबर सर्विलांस पर है। उसके खिलाफ साक्ष्य मिलते ही पुलिस गिरफ्तारी की रूपरेखा भी तय कर लेगी।
अलीगढ़ जिले के थाना गांधीपार्क इलाके की आंबेडकर नगर कॉलोनी निवासी रिसौली प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक अजय गौतम की शिक्षिक पत्नी ममता (30) ने सात जुलाई को अपने ही दुपट्टे का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतका के पिता ने उसके पति, सास और पति के साथ ड्यूटी करने वाली शिक्षामित्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस अजय को जेल भेज चुकी है लेकिन मृतका की सास और आरोपी शिक्षक की दोस्त शिक्षामित्र की भूमिका की असलियत का पता लगाने के लिए पुलिस ने जांच भी शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने शिक्षामित्र की कॉल डिटेल हासिल करने के लिए सर्विलांस टीम की मदद ली है। दो-चार दिनों में यह भी साफ हो जाएगा कि आरोपी शिक्षक से शिक्षामित्र कब-कब बातें किया करती थी।
विवेचना के दौरान अब तक एक बात तो साफ हो गई है कि मृतक ममता गौतम की सास उसके साथ किराये के मकान में नहीं रहा करती थी। बता दें कि मृतका के पिता कलोद सिंह ने पुलिस को बताया था कि शिक्षामित्र के घर में बढ़ते दखल और अजय से उसकी नजदीकियों की वजह से ही उसकी बेटी को आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। पति की दोस्त शिक्षामित्र को वह उसी दिन से सौतन के रूप में देखने लगी थी जब पहली बार अजय ने अपने बेटे से उसे बड़ी मम्मी कहलवाया था। इधर मृतका के भाई राघवेंद्र ने बताया कि मामला सीधे-सीधे हत्या का है लेकिन रिपोर्ट में धारा का संक्षिप्तीकरण कर दिया गया है। पुलिस अगर शिक्षामित्र को हिरासत में लेकर पूछताछ करे तो तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।
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विवेचना की जा रही है। जैसे-जैसे साक्ष्य मिलेंगे, उन्हें विवेचना में शामिल कर लिया जाएगा। रही बात आरोपी शिक्षामित्र की गिरफ्तारी की, तो उसके बारे में भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। बिना साक्ष्य किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।
-शिवेंद्र भदोरिया, विवेचक।
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अलीगढ़ जिले के थाना गांधीपार्क इलाके की आंबेडकर नगर कॉलोनी निवासी रिसौली प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक अजय गौतम की शिक्षिक पत्नी ममता (30) ने सात जुलाई को अपने ही दुपट्टे का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतका के पिता ने उसके पति, सास और पति के साथ ड्यूटी करने वाली शिक्षामित्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस अजय को जेल भेज चुकी है लेकिन मृतका की सास और आरोपी शिक्षक की दोस्त शिक्षामित्र की भूमिका की असलियत का पता लगाने के लिए पुलिस ने जांच भी शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने शिक्षामित्र की कॉल डिटेल हासिल करने के लिए सर्विलांस टीम की मदद ली है। दो-चार दिनों में यह भी साफ हो जाएगा कि आरोपी शिक्षक से शिक्षामित्र कब-कब बातें किया करती थी।
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विवेचना के दौरान अब तक एक बात तो साफ हो गई है कि मृतक ममता गौतम की सास उसके साथ किराये के मकान में नहीं रहा करती थी। बता दें कि मृतका के पिता कलोद सिंह ने पुलिस को बताया था कि शिक्षामित्र के घर में बढ़ते दखल और अजय से उसकी नजदीकियों की वजह से ही उसकी बेटी को आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। पति की दोस्त शिक्षामित्र को वह उसी दिन से सौतन के रूप में देखने लगी थी जब पहली बार अजय ने अपने बेटे से उसे बड़ी मम्मी कहलवाया था। इधर मृतका के भाई राघवेंद्र ने बताया कि मामला सीधे-सीधे हत्या का है लेकिन रिपोर्ट में धारा का संक्षिप्तीकरण कर दिया गया है। पुलिस अगर शिक्षामित्र को हिरासत में लेकर पूछताछ करे तो तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।
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विवेचना की जा रही है। जैसे-जैसे साक्ष्य मिलेंगे, उन्हें विवेचना में शामिल कर लिया जाएगा। रही बात आरोपी शिक्षामित्र की गिरफ्तारी की, तो उसके बारे में भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। बिना साक्ष्य किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।
-शिवेंद्र भदोरिया, विवेचक।