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कलयुगी मां: ससुराल में रहने की चाह में ले ली थी डेढ़ साल के बेटे जान, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद

Wed, 29 Sep 2021 08:28 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 29 Sep 2021 08:28 PM IST
सार

एडीजे रविकांत ने कहा कि अभियुक्त प्रीति ने मां होकर अपने डेढ़ वर्षीय पुत्र की हत्या की है। अभियुक्ता ने अपने अबोध पुत्र की हत्या करके मां जैसे पवित्र रिश्ते को कलंकित किया है। उसके द्वारा किया गया अपराध समाज के लिए घातक है। 

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court sentenced to life imprisonment to mother who killed her one and half years old son
जेल की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डेढ़ साल के बेटे को गले में फंदा डालकर मारने के चार साल पुराने मामले में कोर्ट ने उघैती थाना क्षेत्र के गांव चाचीपुर निवासी प्रीति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। महिला अपनी ससुराल में रहना नहीं चाहती थी। ऐसे में उसने ससुराल वालों को फंसाने के लिए बेटे की हत्या कर दी। बाद में तफ्तीश के दौरान महिला ने जुर्म स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने महिला पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

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बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव दिसौलीगंज निवासी रामखिलाड़ी शाक्य की शादी घटना से तीन साल पहले उघैती थाना क्षेत्र के गांव चाचीपुर निवासी नत्थू की बेटी प्रीति से हुई थी। शादी के बाद से प्रीति अपने मायके में रहने लगी। कई दिन बाद रामखिलाड़ी पत्नी को बुलाने ससुराल गया लेकिन वह उसके साथ नहीं आई। बाद में रामखिलाड़ी ही ससुराल आता-जाता रहा। इसी दौरान प्रीति ने एक बेटे को जन्म दिया जिसका नाम दीपक रखा था।
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नौ जुलाई 2017 रामखिलाड़ी अपने पिता प्रेमचंद और रिश्तेदारों के साथ ससुराल पहुंचा और प्रीति को अपने घर ले आया। 10 जुलाई को रामखिलाड़ी अपनी मां, पिता प्रेमचंद्र, भाई जुगल किशोर और बहन नन्ही के साथ खेत पर काम करने चले गए । घर पर प्रीति, डेढ़ साल का बेटा दीपक और सबसे छोटी बहन नीरज थे। शाम को चचेरे भाई खेमकरन ने खेत पर आकर बताया कि प्रीति ने दीपक की हत्या कर दी है।
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इस संबंध में रामखिलाड़ी ने प्रीति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। बाद में पुलिस ने प्रीति को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने स्वीकार किया कि वह कुछ वजहों से मायके में ही रहना चाहती थी पर ससुराल वालों के साथ ही मायके वाले भी उसे ससुराल में रखने पर अड़े थे। ऐसे में ससुराल वालों को बेटे की हत्या के मामले में फंसाने के लिए उसे मार डाला। विवेचना में पुलिस ने प्रीति के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अपर सत्र न्यायाधीश रविकांत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी अतुल कुमार सिंह, केजी शंखधार एडवोकेट और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने आरोपी प्रीति को अपने अबोध बेटे की हत्या के मामले में मुजरिम ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रीति पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है।

हत्या के बाद पड़ोसी के घर पहुंची थी प्रीति
बच्चे को मारने के बाद प्रीति वहीं रहने वाले एक परिवार में पहुंची थी। वहां उसने बताया कि पति व ससुराल वालों ने उसके बेटे की हत्या कर दी है, वह खुद जान बचाकर आई है। हालांकि उसके हाथ पर बच्चे का मल मूत्र लगा देखकर पड़ोसियों को शक हो गया। घर जाकर देखा गया तो लाल चुनरी से बच्चे का गला कसा हुआ था और शव बेड पर पड़ा था। जबकि पति व अन्य लोग खेत पर थे। थोड़ी देर में सीओ और इंस्पेक्टर आ गए। पहले महिला ससुरालवालों पर आरोप लगाती रही, बाद में उसने अपराध स्वीकार कर लिया।


गंभीरतम मामले में जज ने की टिप्पणी
अभियुक्त प्रीति ने मां होकर अपने डेढ़ वर्षीय पुत्र की हत्या की है। अभियुक्ता ने अपने अबोध पुत्र की हत्या करके मां जैसे पवित्र रिश्ते को कलंकित किया है। उसके द्वारा किया गया अपराध समाज के लिए घातक है। - रविकांत, एडीजे

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