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हाईकोर्ट के आदेश पर अमल न करने पर दरोगा कोर्ट में तलब
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बदायूं। सीजेएम नवनीत भारती ने थाना उझानी में तैनात दरोगा को हाईकोर्ट में लंबित अपील के मामले में नोटिस तामील कराने के बाद स्थलीय जांच और साक्षी प्रस्तुत न करने के संबंध में नोटिस जारी कर एक अगस्त को हाजिर होने का आदेश दिया है।
थाना उझानी के मोहल्ला गौतमपुरी निवासी अनिल कुमार पुत्र ओमप्रकाश को थाना जीआरपी में जानलेवा हमले के मामले में 2005 में सजा हो चुकी थी। मुजरिम अनिल ने सजा के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। वर्तमान में अपील सुनवाई को लगी थी। सीजेएम कोर्ट से जारी नोटिस को तामील कराने के बाद दरोगा अनूप सिंह ने अपनी आख्या प्रेषित की और उसमें लिखा कि मुजरिम अनिल की मृत्यु हो चुकी है। उच्च न्यायालय इलाहाबाद से जारी प्रपत्रों के अनुसार यदि मुजरिम की मृत्यु हो जाती है तो ऐसी दशा में थाना पुलिस को स्थलीय जांच करने के बाद मृतक के दो परिजन, ग्राम प्रधान, एक स्वतंत्र साक्षी और स्वयं जांच अधिकारी के न्यायालय के समक्ष कथन अंकित किये जाते हैं।
एसआई अनूप सिंह ने न तो स्थलीय जांच की और न ही मृतक के परिजन, स्वतंत्र साक्षी और खुद भी कोर्ट में अपने कथन अंकित नहीं कराये। सीजेएम नवनीत भारती ने एसआई को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि मुजरिम की मृत्यु के संबंध में गवाह एक अगस्त को न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किये तो उनके विरुद्ध पुलिस अधिनियम की धारा 29 के तहत प्रकीर्ण वाद दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी और हाईकोर्ट इलाहाबाद में इसकी सूचना दी जाएगी।
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थाना उझानी के मोहल्ला गौतमपुरी निवासी अनिल कुमार पुत्र ओमप्रकाश को थाना जीआरपी में जानलेवा हमले के मामले में 2005 में सजा हो चुकी थी। मुजरिम अनिल ने सजा के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। वर्तमान में अपील सुनवाई को लगी थी। सीजेएम कोर्ट से जारी नोटिस को तामील कराने के बाद दरोगा अनूप सिंह ने अपनी आख्या प्रेषित की और उसमें लिखा कि मुजरिम अनिल की मृत्यु हो चुकी है। उच्च न्यायालय इलाहाबाद से जारी प्रपत्रों के अनुसार यदि मुजरिम की मृत्यु हो जाती है तो ऐसी दशा में थाना पुलिस को स्थलीय जांच करने के बाद मृतक के दो परिजन, ग्राम प्रधान, एक स्वतंत्र साक्षी और स्वयं जांच अधिकारी के न्यायालय के समक्ष कथन अंकित किये जाते हैं।
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एसआई अनूप सिंह ने न तो स्थलीय जांच की और न ही मृतक के परिजन, स्वतंत्र साक्षी और खुद भी कोर्ट में अपने कथन अंकित नहीं कराये। सीजेएम नवनीत भारती ने एसआई को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि मुजरिम की मृत्यु के संबंध में गवाह एक अगस्त को न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किये तो उनके विरुद्ध पुलिस अधिनियम की धारा 29 के तहत प्रकीर्ण वाद दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी और हाईकोर्ट इलाहाबाद में इसकी सूचना दी जाएगी।
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