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बेटा न होने पर पत्नी पर किया था जानलेवा हमला, दस साल की कैद
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बदायूं। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश गोपालजी ने बेटा न होने पर पत्नी पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी पति को दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर 17 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर टप्पा फरीदनगर निवासी नन्ही पत्नी बादाम सिंह ने 10 फरवरी 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई। उसके मुताबिक नन्ही ने अपनी बेटी मीना की शादी थाना क्षेत्र के ही गांव पतीसा निवासी राकेश पुत्र राजेंद्र के साथ की थी। शादी के बाद उसके तीन पुत्रियां हुई। इसी बात से राकेश और उसके परिवार वाले मीना से नाराज थे उसे परेशान करते थे। नौ फरवरी की रात राकेश और उसके परिवार वालों ने मीना पर सोते समय हमला कर दिया। उसको फरसा और चाकू मारकर घायल कर दिया। इसकी सूचना पर नन्ही गांव पहुंची और अपनी बेटी मीना को बदायूं जिला अस्पताल ले गई, जहां से उसे बरेली रेफर कर दिया। इस पर नन्ही ने राकेश, देवर देवपाल, सोनपाल, सास ज्ञानवती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद राकेश के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायधीश गोपालजी ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी मुनेंद्र प्रताप सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता को सुना। कोर्ट ने जानलेवा हमले में नामजद पति राकेश को दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
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इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर टप्पा फरीदनगर निवासी नन्ही पत्नी बादाम सिंह ने 10 फरवरी 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई। उसके मुताबिक नन्ही ने अपनी बेटी मीना की शादी थाना क्षेत्र के ही गांव पतीसा निवासी राकेश पुत्र राजेंद्र के साथ की थी। शादी के बाद उसके तीन पुत्रियां हुई। इसी बात से राकेश और उसके परिवार वाले मीना से नाराज थे उसे परेशान करते थे। नौ फरवरी की रात राकेश और उसके परिवार वालों ने मीना पर सोते समय हमला कर दिया। उसको फरसा और चाकू मारकर घायल कर दिया। इसकी सूचना पर नन्ही गांव पहुंची और अपनी बेटी मीना को बदायूं जिला अस्पताल ले गई, जहां से उसे बरेली रेफर कर दिया। इस पर नन्ही ने राकेश, देवर देवपाल, सोनपाल, सास ज्ञानवती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद राकेश के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायधीश गोपालजी ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी मुनेंद्र प्रताप सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता को सुना। कोर्ट ने जानलेवा हमले में नामजद पति राकेश को दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
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