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हत्या के मामले में आजीवन कारावास
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बदायूं। मामूली कहासुनी पर एक युवक की गला रेतकर हत्या के मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रभानु सिंह ने एक व्यक्ति को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना डाला है।
जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव रघुपुर पुख्ता निवासी पूरन सिंह ने 21 फरवरी 2012 को हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पूरन के मुताबिक उसकी मां और पड़ोसी महिला से मामूली कहासुनी हो गई। इस पर पड़ोसी गनेश उसके भाई जोगेंद्र सिंह को राजेश के घर बुलाकर ले गया था। वहां राजेश, उसके एक नाबालिग भाई, वीरेंद्र, चरन सिंह पुत्रगण भोजराज निवासी रघुपुर पुख्ता थाना जुनावई संभल और ऋषिपाल निवासी रैंधा जरीफनगर ने जोगेंद्र सिंह पर हमला बोल दिया। उसकी रेतकर हत्या कर दी। इसमें पुलिस ने विवेचना कर राजेश और उसके नाबालिग भाई के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। राजेश के आरोपी भाई की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड को प्रेषित कर दी गई।
अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रभानु सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार गुप्ता और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने हत्या के मामले में नामजद राजेश को मुजरिम ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। उस पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
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जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव रघुपुर पुख्ता निवासी पूरन सिंह ने 21 फरवरी 2012 को हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पूरन के मुताबिक उसकी मां और पड़ोसी महिला से मामूली कहासुनी हो गई। इस पर पड़ोसी गनेश उसके भाई जोगेंद्र सिंह को राजेश के घर बुलाकर ले गया था। वहां राजेश, उसके एक नाबालिग भाई, वीरेंद्र, चरन सिंह पुत्रगण भोजराज निवासी रघुपुर पुख्ता थाना जुनावई संभल और ऋषिपाल निवासी रैंधा जरीफनगर ने जोगेंद्र सिंह पर हमला बोल दिया। उसकी रेतकर हत्या कर दी। इसमें पुलिस ने विवेचना कर राजेश और उसके नाबालिग भाई के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। राजेश के आरोपी भाई की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड को प्रेषित कर दी गई।
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अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रभानु सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार गुप्ता और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने हत्या के मामले में नामजद राजेश को मुजरिम ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। उस पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
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