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नाबालिग से दुष्कर्म में 12 साल की सजा
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बदायूं। नाबालिग से दुष्कर्म के साढ़े आठ साल पुराने मामले में स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट राजकुमार तृतीय ने नामजद दो आरोपियों में से एक को दोषी करार देते हुए 12 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषसिद्ध पर 32 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जबकि दूसरे आरोपी को बरी कर दिया है।
थाना फैजगंज बेहटा क्षेत्र निवासी एक महिला ने परिवाद दायर किया था। महिला के मुताबिक 23 अप्रैल 2013 की रात उसकी 14 वर्षीय पुत्री शौच को गई थी। रास्ते में नेकपाल, चंद्रपा, रामप्रसाद और सियाराम उनकी पुत्री को बुरी नीयत से पकड़ कर ले जाने लगे। पीड़िता के शोर मचाने पर गांव के बहुत से लोग आ गए। गांव वालों के ललकारने पर आरोपी भाग गए। प्रार्थिनी की थाने पर रिपोर्ट नहीं लिखी गई तब उसने न्यायालय की शरण ली। कोर्ट में सभी को विचारण के लिए तलब किया। दौरान मुकदमा राम प्रसाद की मृत्यु हो गई और चंद्रपाल की पत्रावली पृथक की गई। कोर्ट में नेकपाल और सियाराम पर नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म करने का मुकदमा चलाया गया।
स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट राजकुमार तृतीय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने नेकपाल को नाबालिग के अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषी ठहराया। कोर्ट ने नेकपाल को 12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषसिद्ध नेकपाल पर 32 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं कोर्ट ने दूसरे आरोपी सियाराम को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। संवाद
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थाना फैजगंज बेहटा क्षेत्र निवासी एक महिला ने परिवाद दायर किया था। महिला के मुताबिक 23 अप्रैल 2013 की रात उसकी 14 वर्षीय पुत्री शौच को गई थी। रास्ते में नेकपाल, चंद्रपा, रामप्रसाद और सियाराम उनकी पुत्री को बुरी नीयत से पकड़ कर ले जाने लगे। पीड़िता के शोर मचाने पर गांव के बहुत से लोग आ गए। गांव वालों के ललकारने पर आरोपी भाग गए। प्रार्थिनी की थाने पर रिपोर्ट नहीं लिखी गई तब उसने न्यायालय की शरण ली। कोर्ट में सभी को विचारण के लिए तलब किया। दौरान मुकदमा राम प्रसाद की मृत्यु हो गई और चंद्रपाल की पत्रावली पृथक की गई। कोर्ट में नेकपाल और सियाराम पर नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म करने का मुकदमा चलाया गया।
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स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट राजकुमार तृतीय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने नेकपाल को नाबालिग के अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषी ठहराया। कोर्ट ने नेकपाल को 12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषसिद्ध नेकपाल पर 32 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं कोर्ट ने दूसरे आरोपी सियाराम को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। संवाद
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