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नाबालिग को अगवा कर दुष्कर्म के मामले में 10 साल की सजा
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बदायूं। करीब 10 साल पुराने नाबालिग को अगवा कर दुष्कर्म करने के मामले में स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट सुबोध कुमार वार्ष्णेय ने नामजद आरोपी को मुजरिम ठहराया है। कोर्ट ने दोष सिद्ध मुजरिम को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
उझानी कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 12 वर्षीय पुत्री सब्जी लेने गई थी। काफी समय तक जब वह नहीं लौटी तो उसने अपनी उसे तलाश किया। तब वादी को दो लोगों ने बताया की वादी की पुत्री को रफीक अहमद अगवा कर ले गया है। वादी ने रफीक अहमद और उसके पिता रहीस अहमद निवासी मोहल्ला काजी टोला कस्बा और थाना सहसवान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद पिता-पुत्र के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट सुबोध कुमार वार्ष्णेय ने पत्रावली का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी जितेंद्र कुमार सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुना। कोर्ट ने रफीक अहमद पुत्र रहीस अहमद को मुजरिम ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मुजरिम रफीक अहमद पर कोर्ट ने 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जबकि आरोपी के पिता रहीस अहमद को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। संवाद
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उझानी कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 12 वर्षीय पुत्री सब्जी लेने गई थी। काफी समय तक जब वह नहीं लौटी तो उसने अपनी उसे तलाश किया। तब वादी को दो लोगों ने बताया की वादी की पुत्री को रफीक अहमद अगवा कर ले गया है। वादी ने रफीक अहमद और उसके पिता रहीस अहमद निवासी मोहल्ला काजी टोला कस्बा और थाना सहसवान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद पिता-पुत्र के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
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स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट सुबोध कुमार वार्ष्णेय ने पत्रावली का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी जितेंद्र कुमार सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुना। कोर्ट ने रफीक अहमद पुत्र रहीस अहमद को मुजरिम ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मुजरिम रफीक अहमद पर कोर्ट ने 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जबकि आरोपी के पिता रहीस अहमद को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। संवाद
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