{"_id":"613678c58ebc3e7a200ecf05","slug":"court-badaun-news-bly458765136","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में एक को 10 साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में एक को 10 साल की सजा
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बदायूं। करीब साढ़े सात साल पहले नाबालिग से हुए दुष्कर्म के मामले में नामजद आरोपी को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट राजकुमार तृतीय ने आरोपी को मुजरिम करार दिया है। कोर्ट ने मुजरिम को पॉक्सो एक्ट में 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही मुजरिम पर 57 हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है। अर्थदंड की धनराशि जमा होने पर पूरी धनराशि पीड़िता को देने का भी कोर्ट ने आदेश दिया है।
उझानी कोतवाली क्षेत्र के निवासी एक व्यक्ति ने 29 मार्च 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक उसकी नाबालिग पुत्री 24 मार्च 2014 को सुबह सात बजे बोर्ड की परीक्षा देने गई थी। परीक्षा देकर जब वादी की पुत्री घर वापस नहीं आई तो उसने अपनी पुत्री को तलाशना शुरू किया। तब वादी के परिचित ने बताया कि उसकी पुत्री को शिवम उर्फ शिवा शर्मा निवासी मोहल्ला किला खेड़ा थाना उझानी के साथ देखा था। वादी ने शिवम उर्फ शिवा उसकी मां और बहन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने 12 अप्रैल 2014 को वादी की पुत्री को बरामद किया। पीड़िता के बयान और तमाम विवेचना के आधार पर पुलिस ने शिवम उर्फ शिवा शर्मा के खिलाफ कोर्ट में अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल की।
स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट राज कुमार तृतीय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी मदनलाल राजपूत, विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने मामले में नामजद शिवम उर्फ शिवा को पॉक्सो एक्ट में दोषी ठहराया। कोर्ट ने शिवम उर्फ शिवा को पॉक्सो एक्ट में 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मुजरिम शिवम उर्फ शिवा पर 57 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
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उझानी कोतवाली क्षेत्र के निवासी एक व्यक्ति ने 29 मार्च 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक उसकी नाबालिग पुत्री 24 मार्च 2014 को सुबह सात बजे बोर्ड की परीक्षा देने गई थी। परीक्षा देकर जब वादी की पुत्री घर वापस नहीं आई तो उसने अपनी पुत्री को तलाशना शुरू किया। तब वादी के परिचित ने बताया कि उसकी पुत्री को शिवम उर्फ शिवा शर्मा निवासी मोहल्ला किला खेड़ा थाना उझानी के साथ देखा था। वादी ने शिवम उर्फ शिवा उसकी मां और बहन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने 12 अप्रैल 2014 को वादी की पुत्री को बरामद किया। पीड़िता के बयान और तमाम विवेचना के आधार पर पुलिस ने शिवम उर्फ शिवा शर्मा के खिलाफ कोर्ट में अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल की।
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स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट राज कुमार तृतीय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी मदनलाल राजपूत, विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने मामले में नामजद शिवम उर्फ शिवा को पॉक्सो एक्ट में दोषी ठहराया। कोर्ट ने शिवम उर्फ शिवा को पॉक्सो एक्ट में 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मुजरिम शिवम उर्फ शिवा पर 57 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
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