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गैंगस्टर में एक को सात साल की सजा, जुर्माना
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बदायूं। गैंगस्टर के 16 साल पुराने मामले में स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट देवराज प्रसाद सिंह ने एक व्यक्ति को सात साल की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
थाना धनारी (संभल) के तत्कालीन थानाध्यक्ष अचल सिंह यादव ने थाने पर 23 अगस्त 2003 को रिपोर्ट लिखाई थी। रिपोर्ट के मुताबिक जब वह पुलिस पार्टी के साथ अपराधियों की तलाश में गश्त पर थे तब जानकारी मिली कि थाना क्षेत्र के गांव भकरौली निवासी नूरना पुत्र दंगली और उसका पुत्र रामनिवास क्षेत्र में अपना गिरोह बनाकर अपराध करते हैं। नूरना इस गैंग का मुखिया है। नूरना और उसके गिरोह के आतंक की वजह से क्षेत्र की जनता में भय व्याप्त था। कोई भी व्यक्ति इनके खिलाफ गवाही देने की हिम्मत नहीं करता था। पुलिस ने नूरना और रामनिवास के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। दौराने मुकदमा नूरना की मृत्यु हो गई। स्पेशल जज देवराज प्रसाद सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस को सुनने के बाद कोर्ट ने रामनिवास को सात साल की सजा सुनाई, साथ ही उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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थाना धनारी (संभल) के तत्कालीन थानाध्यक्ष अचल सिंह यादव ने थाने पर 23 अगस्त 2003 को रिपोर्ट लिखाई थी। रिपोर्ट के मुताबिक जब वह पुलिस पार्टी के साथ अपराधियों की तलाश में गश्त पर थे तब जानकारी मिली कि थाना क्षेत्र के गांव भकरौली निवासी नूरना पुत्र दंगली और उसका पुत्र रामनिवास क्षेत्र में अपना गिरोह बनाकर अपराध करते हैं। नूरना इस गैंग का मुखिया है। नूरना और उसके गिरोह के आतंक की वजह से क्षेत्र की जनता में भय व्याप्त था। कोई भी व्यक्ति इनके खिलाफ गवाही देने की हिम्मत नहीं करता था। पुलिस ने नूरना और रामनिवास के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। दौराने मुकदमा नूरना की मृत्यु हो गई। स्पेशल जज देवराज प्रसाद सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस को सुनने के बाद कोर्ट ने रामनिवास को सात साल की सजा सुनाई, साथ ही उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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