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Budaun News: साक्ष्यों के अभाव में गला दबाकर हत्या के मामले में दंपती दोषमुक्त
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बदायूं। कोर्ट ने तीन साल पहले रामलीला देखने गए युवक भूप सिंह उर्फ टिंकू की प्रेम संबंधों में गला दबाकर हत्या करने के मामले में सुनवाई करते हुए साक्ष्यों के अभाव में आरोपी दंपती गजराज व उसकी पत्नी गुड़िया उर्फ गुड्डो को दोषमुक्त कर दिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में टिंकू की मौत दम घुटने से होने की बात आई थी। अभियोजन पक्ष दोनों अभियुक्तों पर लगाए गए गंभीर आरोपों को साबित करने में असफल रहा।
मूल निवासी अलीगढ़ के थाना दादों के किरतौली निवासी अनोखे ने जरीफनगर पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 3 अक्तूबर 2023 की अपराह्न करीब दो बजे उसका भाई भूप सिंह उर्फ टिंकू साकरा के लिए निकला था। भाई के फोन नंबर पर संपर्क करने पर उसने बताया कि सकरा में वह रामलीला देखने जा रहा है। जब उसका भाई घर नहीं पहुंचा तो उसे चिंता हुई।
लगातार फोन कर संपर्क करने की कोशिश की, पर फोन नहीं उठा। 4 अक्तूबर की सुबह करीब 10:30 बजे रिश्तेदार गजराज निवासी कलेथा थाना जुनाबाई जनपद संभल ने फोन पर बताया कि उसका भाई टिंकू मृत अवस्था में विजयगढ़ी से कलेथा जाने वाले मार्ग पर पड़ा है। तहरीर में कहा गया था कि घटना छिपाने के लिए शव यहां मार्ग पर फेंका गया है।
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पुलिस ने चोब सिंह, मदन लाल और धर्मेंद्र के विरुद्ध हत्या व साक्ष्य छिपाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। विवेचना के दौरान नामजद आरोपियों का नाम विवेचना से अलग कर गजराम व गुड़िया उर्फ गुड्डो का नाम रिपोर्ट में शामिल कर आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया गया। कोर्ट ने आरोपियों को विचरण के लिए तलब किया।
गुजराज निवासी किशोरी व बेटा बाल अपचारी के विरुद्ध आरोपपत्र किशोर न्याय बोर्ड बदायूं में अलग से भेजा गया। गवाह सुनील ने कोर्ट में बताया कि गजराज मेरे चाचा वीरेंद्र का साढ़ू है। छोटा भाई टिंकू का गजराज के घर आना-जाना था। उसके भाई के गजराज की बेटी से प्रेम संबंध हो गए थे। टिंकू उससे शादी करना चाहता था। वह सब्जा बेचने का काम करता था।
गवाह सुनील, अनोखे लाल व वीरेंद्र सिंह ने गजराज व उसकी पत्नी पर टिंकू की हत्या का आरोप लगाया था। जरीफनगर थाने के निरीक्षक राकेश कुमार ने गवाही में बताया था कि गजराज व गुड़िया की निशानदेही पर उनके घर से गला दबाने में प्रयुक्त अंगोछा, टिंकू की बाइक व घर की टंकी के नीचे से मोबाइल फोन बरामद किया जा चुका है।
सीडीआर से यह बात सामने आई थी कि टिंकू ने घटना वाले दिन गजराज से फोन पर 61 सेकंड, गुड़िया से फोन पर 11.49 सेकंड, पुत्री के मोबाइल पर तीन बार 880, 141 और 199 सेकंड बात की थी। अभियोजन पक्ष कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियुक्तों पर लगाए गए आरोपों को साबित करने में असफल रहा। साक्ष्यों के अभाव में अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय विकास सिंह की कोर्ट ने अभियुक्त गजराज व उसकी पत्नी गुड़िया को दोषमुक्त कर दिया।
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मूल निवासी अलीगढ़ के थाना दादों के किरतौली निवासी अनोखे ने जरीफनगर पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 3 अक्तूबर 2023 की अपराह्न करीब दो बजे उसका भाई भूप सिंह उर्फ टिंकू साकरा के लिए निकला था। भाई के फोन नंबर पर संपर्क करने पर उसने बताया कि सकरा में वह रामलीला देखने जा रहा है। जब उसका भाई घर नहीं पहुंचा तो उसे चिंता हुई।
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लगातार फोन कर संपर्क करने की कोशिश की, पर फोन नहीं उठा। 4 अक्तूबर की सुबह करीब 10:30 बजे रिश्तेदार गजराज निवासी कलेथा थाना जुनाबाई जनपद संभल ने फोन पर बताया कि उसका भाई टिंकू मृत अवस्था में विजयगढ़ी से कलेथा जाने वाले मार्ग पर पड़ा है। तहरीर में कहा गया था कि घटना छिपाने के लिए शव यहां मार्ग पर फेंका गया है।
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पुलिस ने चोब सिंह, मदन लाल और धर्मेंद्र के विरुद्ध हत्या व साक्ष्य छिपाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। विवेचना के दौरान नामजद आरोपियों का नाम विवेचना से अलग कर गजराम व गुड़िया उर्फ गुड्डो का नाम रिपोर्ट में शामिल कर आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया गया। कोर्ट ने आरोपियों को विचरण के लिए तलब किया।
गुजराज निवासी किशोरी व बेटा बाल अपचारी के विरुद्ध आरोपपत्र किशोर न्याय बोर्ड बदायूं में अलग से भेजा गया। गवाह सुनील ने कोर्ट में बताया कि गजराज मेरे चाचा वीरेंद्र का साढ़ू है। छोटा भाई टिंकू का गजराज के घर आना-जाना था। उसके भाई के गजराज की बेटी से प्रेम संबंध हो गए थे। टिंकू उससे शादी करना चाहता था। वह सब्जा बेचने का काम करता था।
गवाह सुनील, अनोखे लाल व वीरेंद्र सिंह ने गजराज व उसकी पत्नी पर टिंकू की हत्या का आरोप लगाया था। जरीफनगर थाने के निरीक्षक राकेश कुमार ने गवाही में बताया था कि गजराज व गुड़िया की निशानदेही पर उनके घर से गला दबाने में प्रयुक्त अंगोछा, टिंकू की बाइक व घर की टंकी के नीचे से मोबाइल फोन बरामद किया जा चुका है।
सीडीआर से यह बात सामने आई थी कि टिंकू ने घटना वाले दिन गजराज से फोन पर 61 सेकंड, गुड़िया से फोन पर 11.49 सेकंड, पुत्री के मोबाइल पर तीन बार 880, 141 और 199 सेकंड बात की थी। अभियोजन पक्ष कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियुक्तों पर लगाए गए आरोपों को साबित करने में असफल रहा। साक्ष्यों के अभाव में अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय विकास सिंह की कोर्ट ने अभियुक्त गजराज व उसकी पत्नी गुड़िया को दोषमुक्त कर दिया।