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Budaun News: समूह की 108 महिलाएं बना रहीं मोमबत्ती और मिट्टी के दीये
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बदायूं के विकास खंड जगत के गांव करौलिया में समूह की सरिता देवी की ओर से तैयार किए गए मिट्टी के
- फोटो : Self
बदायूं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में स्वयं सहायता समूहों की 108 महिलाएं दिवाली को लेकर इन दिनों मोमबत्ती और मिट्टी के दीये बनाने में जुटी हैं। इनके माध्यम से होने वाली आय से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल रही है।
महिलाओं के हाथों बने ये उत्पाद बाजार में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। कमल महिला स्वयं सहायता समूह की सपना ने बताया कि उनके समूह की तीन महिलाएं मोमबत्ती तैयार कर रही हैं। ये मोमबत्तियां दिखने में मिट्टी के दियो जैसी लगती हैं, जो ग्राहकों को खूब पसंद आ रही हैं। इनकी कीमत 20 से 50 रुपये रखी गई है।
मोमबत्तियों में अलग-अलग रंग और खुशबू का भी इस्तेमाल किया गया है, ताकि ये दिवाली पर घरों को रोशन करने के साथ-साथ महकाएं भी। वहीं, विकास खंड जगत के गांव करौलिया की लक्ष्मी माता स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मिट्टी के दीये तैयार कर रही हैं। समूह की महिला सरिता देवी ने बताया कि उनकी ओर से बड़ी संख्या में दीये तैयार कर लिए गए हैं। अब उनमें रंग-रोगन और सजावट का काम किया जा रहा है। इस बार पारंपरिक दीयों के अलावा डिजाइनर दीये भी बनाए गए हैं। इनकी बाजार में भी मांग अधिक है।
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डीसी एनआरएलएम रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि इन उत्पादों की बिक्री के लिए ब्लॉक स्तर पर स्टॉल लगाए जाएंगे। साथ ही दीपावली मेलों और हाट बाजारों में भी बिक्री की व्यवस्था जाएगी। इससे समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अच्छी आमदनी भी होगी। महिलाओं की अपील है कि ग्राहक भी समूह की महिलाओं की ओर से तैयार किए गए स्वदेशी उत्पादों को खरीदकर उन्हें प्रोत्साहित करें।
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महिलाओं के हाथों बने ये उत्पाद बाजार में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। कमल महिला स्वयं सहायता समूह की सपना ने बताया कि उनके समूह की तीन महिलाएं मोमबत्ती तैयार कर रही हैं। ये मोमबत्तियां दिखने में मिट्टी के दियो जैसी लगती हैं, जो ग्राहकों को खूब पसंद आ रही हैं। इनकी कीमत 20 से 50 रुपये रखी गई है।
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मोमबत्तियों में अलग-अलग रंग और खुशबू का भी इस्तेमाल किया गया है, ताकि ये दिवाली पर घरों को रोशन करने के साथ-साथ महकाएं भी। वहीं, विकास खंड जगत के गांव करौलिया की लक्ष्मी माता स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मिट्टी के दीये तैयार कर रही हैं। समूह की महिला सरिता देवी ने बताया कि उनकी ओर से बड़ी संख्या में दीये तैयार कर लिए गए हैं। अब उनमें रंग-रोगन और सजावट का काम किया जा रहा है। इस बार पारंपरिक दीयों के अलावा डिजाइनर दीये भी बनाए गए हैं। इनकी बाजार में भी मांग अधिक है।
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डीसी एनआरएलएम रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि इन उत्पादों की बिक्री के लिए ब्लॉक स्तर पर स्टॉल लगाए जाएंगे। साथ ही दीपावली मेलों और हाट बाजारों में भी बिक्री की व्यवस्था जाएगी। इससे समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अच्छी आमदनी भी होगी। महिलाओं की अपील है कि ग्राहक भी समूह की महिलाओं की ओर से तैयार किए गए स्वदेशी उत्पादों को खरीदकर उन्हें प्रोत्साहित करें।

बदायूं के विकास खंड जगत के गांव करौलिया में समूह की सरिता देवी की ओर से तैयार किए गए मिट्टी के - फोटो : Self