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कोरोना मरीजों से भरे राजकीय मेडिकल कॉलेज के वार्ड
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राजकीय मेडिकल कॉलेज। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में लगातार कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इससे चिह्नित किए गए वार्ड करीब-करीब भर चुके हैं। उनमें दो-चार बेड ही खाली होंगे। वो भी शनिवार देर रात तक या रविवार सुबह तक भर जाएंगे। नए मरीजों के लिए आर्थो वार्ड तैयार हो रहा है। फिर भी मरीजों की संख्या बढ़ी, तो सर्जरी वार्ड व अन्य वार्ड तैयार कराए जाएंगे।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में कोरोना मरीजों की संख्या 100 से ऊपर पहुंच चुकी है। शुरुआत में कोरोना मरीजों के लिए इमरजेंसी, ट्रायज एरिया और आइसोलेशन वार्ड चिह्नित किए गए थे। धीरे-धीरे यहां कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ गई। इससे ट्रायज एरिया के पांच, इमरजेंसी के 22 और आइसोलेशन वार्ड प्रथम के 24 बेड दो-चार दिन में ही फुल हो गए। इस पर तीसरी मंजिल पर एक और आइसोलेशन वार्ड बनाया गया। यहां 30 बेड हैं। ये भी लगभग फुल हो चुके हैं। यह स्थिति देखकर बृहस्पतिवार को एमआईसीयू और गायनी वार्ड खाली कराए गए थे। फिर इन्हें तैयार कराया गया। सभी बेड पर मॉनीटर और पल्स मीटर दुरुस्त कराए थे। एमआईसीयू वार्ड में 10 और गायनी वार्ड में 10 बेड हैं। शनिवार तक ये दोनों वार्ड भी भर गए। एमआईसीयू वार्ड में केवल दो बेड शेष रह गए हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि ये भी शनिवार देर रात तक या फिर रविवार सुबह तक भर जाएंगे।
इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज में अब आर्थो वार्ड की तैयारी चल रही है। अगर यही हाल रहा, तो ये वार्ड भी एक दो दिन में भर जाएगा। जिस पर कॉलेज प्रशासन को अन्य वार्डों के बारे में विचार करना होगा।
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मॉनीटर, बीपी और पल्स मीटर की कमी
राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीज बढ़ने के साथ-साथ व्यवस्थाएं खराब होती जा रही हैं। मॉनीटर, बीपी और पल्स मीटर की कमी पड़ गई है। बताया जा रहा है कि प्रत्येक गंभीर मरीज को ऑक्सीजन और मॉनीटर, बीपी, पल्स मीटर की जरूरत पड़ रही है।
कोरोना के शिकार हो रहे कर्मचारी
कोरोना मरीजों का इलाज करते-करते कॉलेज के कर्मचारी भी संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। कई डॉक्टर और कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। इससे कर्मचारियों की संख्या कम पड़ गई है। लगातार उन्हीं कर्मचारियों को काम करना पड़ रहा है। आठ घंटे के स्थान पर कर्मचारियों से 10 से12 घंटे तक काम लिया जा रहा है।
कॉलेज में लगातार कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसको लेकर अन्य वार्डों को भी संक्रमितों को भर्ती करने के लिए तैयार किया जा रहा है। - सीपी सिंह, सीएमओ, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में कोरोना मरीजों की संख्या 100 से ऊपर पहुंच चुकी है। शुरुआत में कोरोना मरीजों के लिए इमरजेंसी, ट्रायज एरिया और आइसोलेशन वार्ड चिह्नित किए गए थे। धीरे-धीरे यहां कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ गई। इससे ट्रायज एरिया के पांच, इमरजेंसी के 22 और आइसोलेशन वार्ड प्रथम के 24 बेड दो-चार दिन में ही फुल हो गए। इस पर तीसरी मंजिल पर एक और आइसोलेशन वार्ड बनाया गया। यहां 30 बेड हैं। ये भी लगभग फुल हो चुके हैं। यह स्थिति देखकर बृहस्पतिवार को एमआईसीयू और गायनी वार्ड खाली कराए गए थे। फिर इन्हें तैयार कराया गया। सभी बेड पर मॉनीटर और पल्स मीटर दुरुस्त कराए थे। एमआईसीयू वार्ड में 10 और गायनी वार्ड में 10 बेड हैं। शनिवार तक ये दोनों वार्ड भी भर गए। एमआईसीयू वार्ड में केवल दो बेड शेष रह गए हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि ये भी शनिवार देर रात तक या फिर रविवार सुबह तक भर जाएंगे।
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इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज में अब आर्थो वार्ड की तैयारी चल रही है। अगर यही हाल रहा, तो ये वार्ड भी एक दो दिन में भर जाएगा। जिस पर कॉलेज प्रशासन को अन्य वार्डों के बारे में विचार करना होगा।
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मॉनीटर, बीपी और पल्स मीटर की कमी
राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीज बढ़ने के साथ-साथ व्यवस्थाएं खराब होती जा रही हैं। मॉनीटर, बीपी और पल्स मीटर की कमी पड़ गई है। बताया जा रहा है कि प्रत्येक गंभीर मरीज को ऑक्सीजन और मॉनीटर, बीपी, पल्स मीटर की जरूरत पड़ रही है।
कोरोना के शिकार हो रहे कर्मचारी
कोरोना मरीजों का इलाज करते-करते कॉलेज के कर्मचारी भी संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। कई डॉक्टर और कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। इससे कर्मचारियों की संख्या कम पड़ गई है। लगातार उन्हीं कर्मचारियों को काम करना पड़ रहा है। आठ घंटे के स्थान पर कर्मचारियों से 10 से12 घंटे तक काम लिया जा रहा है।
कॉलेज में लगातार कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसको लेकर अन्य वार्डों को भी संक्रमितों को भर्ती करने के लिए तैयार किया जा रहा है। - सीपी सिंह, सीएमओ, राजकीय मेडिकल कॉलेज