{"_id":"5dc2c8118ebc3e5b386a40fd","slug":"congress-badaun-news-bly382971234","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेसियों ने फूंका ऊर्जा मंत्री का पुतला, जमकर की नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेसियों ने फूंका ऊर्जा मंत्री का पुतला, जमकर की नारेबाजी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। प्रांतीय आह्वान पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं जनपद प्रभारी गुरमीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने जोगीपुरा स्थित कांग्रेस कार्यालय से जुलूस निकालते हुए लावेला चौक पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा का पुतला फूंका।
लावेला चौक पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की और पुतले को आग के हवाले कर दिया। इससे पूर्व कार्यालय पर आयोजित बैठक में जनपद प्रभारी गुरमीत सिंह ने कहा कि बिजली कर्मचारियों के पीएफ की राशि डीएचएफएल में निवेश करने का मुद्दा मुद्दा केवल भ्रष्टाचार ही नहीं बल्कि देश की सुरक्षा से भी जुड़ा है, जिस पर हमारे प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने भी ऊर्जा मंत्री से सवाल किया कि सितंबर-अक्तूबर 2017 में वह किस प्रयोजन से दुबई गए थे और कैसे कर्मचारियों के पसीने की कमाई का पैसा देश के प्रति संदिग्ध एवं डिफाल्टर कंपनी को दिया गया। पूर्व प्रदेश महासचिव ओमकार सिंह ने कहा कि इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि ऊर्जा मंत्री की दुबई में किन-किन लोगों से मुलाकात हुई। चूंकि डीएचएफएल से समझौता योगी आदित्यनाथ की सरकार में हुआ है इसलिए मामले में पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की है। इस मौके पर मुन्ना लाल सागर, सैय्यद आजम अली, शैलेश पाठक, साजिद अली, शफ़ी अहमद, गौरव सिंह राठौर, वफाती मियां, आतिफ खान, सुरेश राठौर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
लावेला चौक पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की और पुतले को आग के हवाले कर दिया। इससे पूर्व कार्यालय पर आयोजित बैठक में जनपद प्रभारी गुरमीत सिंह ने कहा कि बिजली कर्मचारियों के पीएफ की राशि डीएचएफएल में निवेश करने का मुद्दा मुद्दा केवल भ्रष्टाचार ही नहीं बल्कि देश की सुरक्षा से भी जुड़ा है, जिस पर हमारे प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने भी ऊर्जा मंत्री से सवाल किया कि सितंबर-अक्तूबर 2017 में वह किस प्रयोजन से दुबई गए थे और कैसे कर्मचारियों के पसीने की कमाई का पैसा देश के प्रति संदिग्ध एवं डिफाल्टर कंपनी को दिया गया। पूर्व प्रदेश महासचिव ओमकार सिंह ने कहा कि इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि ऊर्जा मंत्री की दुबई में किन-किन लोगों से मुलाकात हुई। चूंकि डीएचएफएल से समझौता योगी आदित्यनाथ की सरकार में हुआ है इसलिए मामले में पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की है। इस मौके पर मुन्ना लाल सागर, सैय्यद आजम अली, शैलेश पाठक, साजिद अली, शफ़ी अहमद, गौरव सिंह राठौर, वफाती मियां, आतिफ खान, सुरेश राठौर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन