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प्रतियोगिता थ्री मंडलीय, लेकिन महज चार तीरंदाज ही जुटे
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उझानी (बदायूं)। भदवार गर्ल्स इंटर कॉलेज की मेजबानी में बृहस्पतिवार दोपहर मंडलीय तीरंदाजी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें बिल्सी के लक्ष्य व प्रणवी शर्मा और बरेली के अर्जुन राणा व नैतिक राणा ने हिस्सा लेकर राज्य स्तर पर खेलने को स्थान प्राप्त कर लिया। नैतिक, लक्ष्य और प्रणवी को अंडर-14 तो अंडर-17 में अर्जुन राणा को चयनित किया गया है।
भगवान दास पैलेस में प्रतियोगिता शुरू होने पर ओलंपिक संघ के जिलाध्यक्ष राजन मेंदीरत्ता ने तीरंदाजों को नियमों के बारे में अवगत कराया। अंडर- 14 में बिल्सी के भूदेवी इंटर कॉलेज से लक्ष्य शर्मा, प्रणवी शर्मा और बरेली के एसवी इंटर कॉलेज के नैतिक राणा ने पंजीकरण कराया। तीनों ही प्रतिभागियों ने निशाना लगाकर भी दिखाया। इसी वर्ग में चूंकि पीलीभीत और शाहजहांपुर जिले के विद्यार्थियों को हिस्सा लेना था, लेकिन दोनों जिलों के अलावा किसी और कॉलेज से भी कोई प्रतिभागी नहीं आया।
कोच इकबाल अहमद, वरुण कुमार और नेहा बी ने लक्ष्य, प्रणवी और नैतिक को राज्य स्तर पर खेलने के लिए चयनित कर लिया। इसी तरह अंडर-17 वर्ग में महज अर्जुन राणा ने ही प्रतिभाग किया। इकलौता प्रतिभागी होने पर उसके चयन कर औपचारिकता पूरी कर ली गई। अर्जुन भी एसवी कॉलेज बरेली का छात्र है। नैतिक उसका छोटा भाई है। मेजबान कॉलेज की प्रधानाचार्य सुजाता माथुर ने बताया कि राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता 18 से 20 अक्टूबर तक प्रयागराज में होगी।
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पहले भी कई कॉलेज दिखा चुके हैं उदासीनता
मंडलीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में जिस तरह से महज चार प्रतिभागियों की मौजूदगी से मेजबान रूबरू हुए हैं, ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ है। करीब दो महीना पहले माध्यमिक विद्यालयों का जिला स्तरीय फुटबॉल मैच हुआ था। वह भी औपचारिकता साबित हुआ था। विमला कॉलेज की मेजबानी में फुटबॉल टीम का चयन उझानी के ही खिलाड़ियों में से करना पड़ गया। बताते हैं कि विभागीय स्तर से जिला और मंडलीय प्रतियोगिताएं आयोजित करने के लिए सभी कॉलेजों को पत्र भी जारी कर दिए जाते हैं, लेकिन अधिकतर कॉलेज के प्रधानाचार्य आदेशों पर गौर नहीं करते। यही वजह है कि खिलाड़ियों के चयन से लेकर ट्रायल औपचारिकता बनकर रह जाते हैं।
तीरंदाजी में रुचि रखने वाले खिलाड़ी काफी कम हैं। यही वजह रही होगी कि अन्य किसी स्कूलों से छात्र-छात्राएं नहीं पहुंचे। आगे कोशिश रहेगी कि छात्र-छात्राओं को इन खेलों को लेकर प्रेरित किया जाए, जिससे इन खेलों में भी खिलाड़ियों की संख्या ज्यादा से ज्यादा हो सके। डॉ. प्रवेश कुमार, डीआईओएस
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भगवान दास पैलेस में प्रतियोगिता शुरू होने पर ओलंपिक संघ के जिलाध्यक्ष राजन मेंदीरत्ता ने तीरंदाजों को नियमों के बारे में अवगत कराया। अंडर- 14 में बिल्सी के भूदेवी इंटर कॉलेज से लक्ष्य शर्मा, प्रणवी शर्मा और बरेली के एसवी इंटर कॉलेज के नैतिक राणा ने पंजीकरण कराया। तीनों ही प्रतिभागियों ने निशाना लगाकर भी दिखाया। इसी वर्ग में चूंकि पीलीभीत और शाहजहांपुर जिले के विद्यार्थियों को हिस्सा लेना था, लेकिन दोनों जिलों के अलावा किसी और कॉलेज से भी कोई प्रतिभागी नहीं आया।
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कोच इकबाल अहमद, वरुण कुमार और नेहा बी ने लक्ष्य, प्रणवी और नैतिक को राज्य स्तर पर खेलने के लिए चयनित कर लिया। इसी तरह अंडर-17 वर्ग में महज अर्जुन राणा ने ही प्रतिभाग किया। इकलौता प्रतिभागी होने पर उसके चयन कर औपचारिकता पूरी कर ली गई। अर्जुन भी एसवी कॉलेज बरेली का छात्र है। नैतिक उसका छोटा भाई है। मेजबान कॉलेज की प्रधानाचार्य सुजाता माथुर ने बताया कि राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता 18 से 20 अक्टूबर तक प्रयागराज में होगी।
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पहले भी कई कॉलेज दिखा चुके हैं उदासीनता
मंडलीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में जिस तरह से महज चार प्रतिभागियों की मौजूदगी से मेजबान रूबरू हुए हैं, ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ है। करीब दो महीना पहले माध्यमिक विद्यालयों का जिला स्तरीय फुटबॉल मैच हुआ था। वह भी औपचारिकता साबित हुआ था। विमला कॉलेज की मेजबानी में फुटबॉल टीम का चयन उझानी के ही खिलाड़ियों में से करना पड़ गया। बताते हैं कि विभागीय स्तर से जिला और मंडलीय प्रतियोगिताएं आयोजित करने के लिए सभी कॉलेजों को पत्र भी जारी कर दिए जाते हैं, लेकिन अधिकतर कॉलेज के प्रधानाचार्य आदेशों पर गौर नहीं करते। यही वजह है कि खिलाड़ियों के चयन से लेकर ट्रायल औपचारिकता बनकर रह जाते हैं।
तीरंदाजी में रुचि रखने वाले खिलाड़ी काफी कम हैं। यही वजह रही होगी कि अन्य किसी स्कूलों से छात्र-छात्राएं नहीं पहुंचे। आगे कोशिश रहेगी कि छात्र-छात्राओं को इन खेलों को लेकर प्रेरित किया जाए, जिससे इन खेलों में भी खिलाड़ियों की संख्या ज्यादा से ज्यादा हो सके। डॉ. प्रवेश कुमार, डीआईओएस