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...आओ बेजुबानों को बचाने का लें संकल्प 

Sat, 30 Apr 2016 12:20 AM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Sat, 30 Apr 2016 12:20 AM IST
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विश्व पशु चिकित्सा दिवस पर विशेष
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इलाज के अभाव में दम तोड़ देते हैं तमाम जानवर 

 घर से निकलते ही चंद कदम चलने पर आप को कोई बीमार, घायल या तड़पता हुआ जानवर नजर आए, तो उसे बचाने के लिए नजदीकी पशु चिकित्सालय में सूचना देकर उसकी जान को बचाया जा सकता है। समय से इलाज मिलने पर तमाम घायल बेजुबानों को बचाया जा सकता है। बेजुवानों को बचाने के लिए जुबां वालों को अब कोशिश करनी होगी। इसके लिए पशुओं को बचाने का संकल्प लेना ही होगा। 
आपके घरों में पाले जाने वाले गाय, भैंस, बकरी, कुत्ता, घोड़ा, बैल आदि जानवर पाले जाते हैं। इनकी की सेवा और चिकित्सा हो जाती है, लेकिन सड़कों पर खुले में घूमने वाले आवारा जानवर अक्सर इलाज के अभाव में दम तोड़ देते हैं। खासकर कुत्तों के सिर में कोई चोट या घाव होने के बाद वे अक्सर तड़प-तड़प कर दम तोड़ देते हैं, लेकिन उन्हें बचाने के लिए सभ्य समाज द्वारा कोई प्रयास नहीं किया जाता है। 
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इसके साथ ही सड़क दुर्घटनाओं की चपेट में आकर तमाम पशु घायल हो जाते हैं, जिनकी बाद में मौत हो जाती है। यदि उन निरीह पशुओं को समय से थोड़ा सा इलाज मिल जाए तो शायद उनकी जिंदगी बच जाए। जिले में पशुपालन विभाग की ओर से तमाम प्रयास किए जाते हैं, लेकिन उनका फायदा बीमार और आवारा पशुओं को नहीं मिल पाता है। ऐसे पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए हमे प्रयास करने ही होंगे। 
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कुत्तों को फ्री में लगेगी रैबीज वैक्सीन 
बदायूं। विश्व पशु चिकित्सा पशु पालन विभाग की ओर से शहर में दो कैंप लगाकर कुत्तों को फ्री में रैबीज वैक्सीन लगाई जाएगी। पहला कैंप मंडी समिति में होने वाले सांसद धर्मेंद्र यादव के कार्यक्रम लगाया जाएगा। साथ ही दूसरा कैंप पशु चिकित्सालय सदर में लगाया जाएगा। यह जानकारी देते हुए पशु पालन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि शनिवार को रैबीज इंजेक्शन की फीस नहीं ली जाएगी। 
पॉलीथिन में कूड़ा फेंकने से बीमार हो रहे पशु 
बदायूं।अधिकांश घरों से पॉलीथिन में रखकर खाद्य पदार्थों, सब्जियों के छिलके आदि को फेंक दिया जाता है। ऐसे में जानवर पॉलीथिन को खा जाते हैं, जेिनसे पहले तो वह बीमार हो जाते हैं। इससे कई पशुओं की मौत तक हो जाती है। पॉलीथिन में खाद्य पदार्थ न फेंककर पशुओं को बीमार होने और मरने से बचाया जा सकता है। 

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पशुओं को चिकित्सा प्रदान करने के लिए विश्व पशु चिकित्सा दिवस वर्ष 2002 से मनाया जाता है। यह अप्रैल के अंतिम शनिवार को मनाया जाता है। इसमें पशुओं को होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए विभाग की ओर से विशेष व्यवस्था की जाती है। 
-एके जादौन, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
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