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टोल फ्री नंबर पर शिकायतें...जनता जानती नहीं, पालिका मानती नहीं
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मोहल्ला गांधी नगर में सड़क पर फैली गंदगी और चोक पड़ी नाली। संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। नगर निकायों से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के लिए शासन की ओर से जारी टोल फ्री नंबर का लाभ जनता को दो महीने बाद भी नहीं मिल पा रहा। हालत यह है कि प्रचार प्रसार न होने के कारण जनता इस नंबर को जानती नहीं और पालिका यदा-कदा इस नंबर पर आने वाली शिकायतों को मानती नहीं। नतीजा वही, समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
सही से प्रचार न होने का ही नतीजा है कि अब तक दो महीने में शहर के केवल सात लोगों ने ही इस नंबर पर शिकायत की, लेकिन उनका निस्तारण कराने में भी पालिका असफल रही।
शहर क्या, पूरे जिले की बात करें तो निकायों में अव्यवस्था का हाल लगभग सभी जगह एक जैसा है। मुख्य सड़कों से लेकर गलियों तक में गंदगी पड़ी रहती है। कई जगह तो कूड़े के ढेर तक लग गए है। पालिका, पंचायत की नाला सफाई की स्थिति भी स्पष्ट है। इसको लेकर शासन ने दो महीने पहले टोल फ्री नंबर 1533 जारी किया गया था, ताकि लोग उस पर शिकायत करें, और उनकी समस्या का समाधान हो सके। यह अलग बात है कि जो पालिका के अफसर लोगों की लिखित शिकायतों पर ध्यान नहीं देते, वे फोन पर की गई शिकायतों को क्या तरजीह देते । जो हाल पहले था वही टोल फ्री नंबर जारी करने के बाद भी रहा।
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लोग बोले- एक दिन आए कर्मचारी, फिर वही हाल
विगत 11 अगस्त को पनबड़िया निवासी राहुल ने टोल फ्री नंबर पर शिकायत की थी कि मोहल्ले में मंदिर के पीछे कूड़ा उठाने के लिए कर्मचारी नहीं आते हैं। ऐसे में यहां पर कूड़ा इकट्ठा होने लगा है। शिकायत के बाद अगले दिन कर्मचारी वहां पर पहुंचे और कूड़ा उठाकर ले गए, लेकिन उसके बाद कोई नहीं आया। राहुल का कहना है कि अब या तो रोज शिकायत दर्ज कराओ, नहीं तो पालिका को किसी की नहीं पड़ी। 16 अगस्त को गांधी नगर निवासी शरद गुप्ता ने शिकायत की कि मोहल्ले में नालियों की सफाई नहीं होने की वजह से गंदा पानी सड़क पर आ जाता है। दूसरे दिन सफाई कर्मचारियों ने वहां पर पहुंचकर नालियों की सफाई कर दी लेकिन उसके बाद वहां झांकने तक कोई नहीं आया। इसके अलावा लोची नगला गली नंबर तीन, सम्राट अशोक नगर, पक्का बाग आदि क्षेत्रों से भी शिकायतें आईं। उनपर भी कुछ खास कार्रवाई नहीं हुई।
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दो महीनों में सिर्फ नौ शिकायतें...प्रचार तक नहीं करा सकी पालिका
जुलाई- 22 में टोल फ्री नंबर शुरू किया गया था। यहां पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल ने इसका शुभारंभ किया था, लेकिन उसके बाद में इसका भी ध्यान नहीं रखा गया कि आखिर ये नंबर जनता तक ज्यादा से ज्यादा कैसे पहुंचे। प्रचार न होने के कारण जनता को भी इसका लाभ नहीं मिल सका। यही वजह रही कि दो महीनों में केवल नौ शिकायतें ही टोल फ्री नंबर पर आईं। इनमें भी सात शहर की, जबकि एक-एक फैजगंज बेहटा और कुंवरगांव की थीं।
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शासन द्वारा जारी 1533 नंबर की सभी वार्ड सदस्यों को जानकारी दी गई है। उनके माध्यम से लोगों को इस नंबर के बारे में बताया गया है। हालांकि लोग सीधे हमारे नंबर या पालिका के अन्य कर्मचारियों के नंबर पर कॉल करते हैं। वहीं से उनकी समस्या का निस्तारण करा दिया जाता है। रही बात अन्य नगर पालिकाओं, पंचायतों की तो उसके बारे में संबंधित ईओ जाने कि उनके स्तर से इस नंबर का प्रचार-प्रसार किया गया है या नहीं। नंबर पर जो शिकायत आती है उनका निस्तारण कराया जाता है। जिन जगहों से शिकायतें आयी थी, वहां पर अगर कर्मचारी दोबारा नहीं पहुंचे हैं, तो संबंधित से जानकारी की जाएगी कि क्या वजह रही।
-दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष
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सही से प्रचार न होने का ही नतीजा है कि अब तक दो महीने में शहर के केवल सात लोगों ने ही इस नंबर पर शिकायत की, लेकिन उनका निस्तारण कराने में भी पालिका असफल रही।
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शहर क्या, पूरे जिले की बात करें तो निकायों में अव्यवस्था का हाल लगभग सभी जगह एक जैसा है। मुख्य सड़कों से लेकर गलियों तक में गंदगी पड़ी रहती है। कई जगह तो कूड़े के ढेर तक लग गए है। पालिका, पंचायत की नाला सफाई की स्थिति भी स्पष्ट है। इसको लेकर शासन ने दो महीने पहले टोल फ्री नंबर 1533 जारी किया गया था, ताकि लोग उस पर शिकायत करें, और उनकी समस्या का समाधान हो सके। यह अलग बात है कि जो पालिका के अफसर लोगों की लिखित शिकायतों पर ध्यान नहीं देते, वे फोन पर की गई शिकायतों को क्या तरजीह देते । जो हाल पहले था वही टोल फ्री नंबर जारी करने के बाद भी रहा।
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लोग बोले- एक दिन आए कर्मचारी, फिर वही हाल
विगत 11 अगस्त को पनबड़िया निवासी राहुल ने टोल फ्री नंबर पर शिकायत की थी कि मोहल्ले में मंदिर के पीछे कूड़ा उठाने के लिए कर्मचारी नहीं आते हैं। ऐसे में यहां पर कूड़ा इकट्ठा होने लगा है। शिकायत के बाद अगले दिन कर्मचारी वहां पर पहुंचे और कूड़ा उठाकर ले गए, लेकिन उसके बाद कोई नहीं आया। राहुल का कहना है कि अब या तो रोज शिकायत दर्ज कराओ, नहीं तो पालिका को किसी की नहीं पड़ी। 16 अगस्त को गांधी नगर निवासी शरद गुप्ता ने शिकायत की कि मोहल्ले में नालियों की सफाई नहीं होने की वजह से गंदा पानी सड़क पर आ जाता है। दूसरे दिन सफाई कर्मचारियों ने वहां पर पहुंचकर नालियों की सफाई कर दी लेकिन उसके बाद वहां झांकने तक कोई नहीं आया। इसके अलावा लोची नगला गली नंबर तीन, सम्राट अशोक नगर, पक्का बाग आदि क्षेत्रों से भी शिकायतें आईं। उनपर भी कुछ खास कार्रवाई नहीं हुई।
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दो महीनों में सिर्फ नौ शिकायतें...प्रचार तक नहीं करा सकी पालिका
जुलाई- 22 में टोल फ्री नंबर शुरू किया गया था। यहां पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल ने इसका शुभारंभ किया था, लेकिन उसके बाद में इसका भी ध्यान नहीं रखा गया कि आखिर ये नंबर जनता तक ज्यादा से ज्यादा कैसे पहुंचे। प्रचार न होने के कारण जनता को भी इसका लाभ नहीं मिल सका। यही वजह रही कि दो महीनों में केवल नौ शिकायतें ही टोल फ्री नंबर पर आईं। इनमें भी सात शहर की, जबकि एक-एक फैजगंज बेहटा और कुंवरगांव की थीं।
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शासन द्वारा जारी 1533 नंबर की सभी वार्ड सदस्यों को जानकारी दी गई है। उनके माध्यम से लोगों को इस नंबर के बारे में बताया गया है। हालांकि लोग सीधे हमारे नंबर या पालिका के अन्य कर्मचारियों के नंबर पर कॉल करते हैं। वहीं से उनकी समस्या का निस्तारण करा दिया जाता है। रही बात अन्य नगर पालिकाओं, पंचायतों की तो उसके बारे में संबंधित ईओ जाने कि उनके स्तर से इस नंबर का प्रचार-प्रसार किया गया है या नहीं। नंबर पर जो शिकायत आती है उनका निस्तारण कराया जाता है। जिन जगहों से शिकायतें आयी थी, वहां पर अगर कर्मचारी दोबारा नहीं पहुंचे हैं, तो संबंधित से जानकारी की जाएगी कि क्या वजह रही।
-दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष