फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Civic Amenities

12 लाख की मशीनें और बिल्डिंग कूड़ा बनाई, 17 लाख की मशीनें और मंगाईं

Sun, 15 May 2022 01:54 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 15 May 2022 01:54 AM IST
विज्ञापन
Civic Amenities
एमआरएफ सेंटर परिसर में रखी सील मशीन। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। कूड़ा निस्तारण के लिए 33.67 लाख की लागत से बनाए गए एमआरएफ सेंटर की बिल्डिंग और इसमें लगी लगभग 12 लाख की मशीन का आज तक उपयोग नहीं हो सका। कुल 55 लाख रुपये की धनराशि जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण कूड़ा हो गई लेकिन अब 16.97 लाख रुपये की पांच और मशीनें मंगाई जा रही हैं। खास बात ये है कि तत्कालीन नगर विकास मंत्री महेश गुप्ता ने इस सेंटर का उद्घाटन करके जनता को बड़े सपने दिखाए थे।
विज्ञापन

सरकारी धनराशि का दुरुपयोग कैसे होता है, इसे कोई सरकारी विभागों से ही सीखे। कुछ ऐसा ही नगर पालिका ने किया। पालिका ने 55 लाख रुपये से ज्यादा सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के नाम पर खर्च कर दिए, लेकिन सच्चाई यह है कि इतनी बड़ी धनराशि कूड़े में चली गई।
विज्ञापन

पालिका ने 33.67 लाख रुपये की लागत से एमएफआर सेंटर की बिल्डिंग बनाई थी। इसका उद्घाटन तत्कालीन नगर विकास मंत्री व मौजूदा सदर विधायक महेश चंद गुप्ता ने तत्कालीन डीएम कुमार प्रशांत के साथ नवंबर 2020 में किया था। उस समय बड़े-बड़े दावे किए गए कि इसके खुल जाने से शहरवासियों का कूड़े से निजात मिल जाएगी। इसके छह माह बाद करीब 12 लाख रुपये खर्च कर गीले कूड़े के निस्तारण को एक मशीन भी खरीद ली गई, लेकिन आज तक मशीन की सील तक नहीं खुली और यह सेंटर में रखे-रखे कबाड़ होने लगी है। करीब डेढ़ साल बाद भी यह सेंटर शुरू नहीं हो सका है। अब, पालिका ने फिर से 16.97 लाख रुपये की पांच और मशीनें मंगवाई है। ऐसे में उनका क्या हाल होगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-
काम करने से कतरा रही फर्म
नगर पालिका की ओर से एमआरएफ सेंटर शुरू करने के लिए कई बार टेंडर निकाले गए, लेकिन कोई भी फर्म पालिका के बने एमआरएफ सेंटर को संचालित करने के लिए इच्छुक नहीं दिखी। पिछली बार दिसंबर 2021 में टेंडर निकाला गया, तब भी कोई फायदा नहीं हुआ। इससे पहले भी पालिका की डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की योजना इसी वजह से फेल हो चुकी है, क्योंकि फर्म का भुगतान पालिका की तरफ से नहीं किया जाएगा, बल्कि उसे खुद ही कलेक्शन करना होगा। पालिका केवल उपकरण मुहैया कराएगी।

-
सेंटर का संचालन करने के लिए कोई फर्म तैयार नहीं हुई । अब फिर से एक बार टेंडर निकाला जाएगा। उम्मीद है कि जल्द ही एमआरएफ सेंटर को शुरू कर दिया जाएगा। यहां पर सूखे कूूड़े का निस्तारण किया जाएगा। कूड़े में से जो चीजें सेल करनी वाली होंगी, उसको सेल कर दिया जाएगा, बाकी का रीसाइकिल किया जाएगा।
- मोहम्मद स्वाले, डीपीएम नगर पालिका बदायूं
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed