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ब्लॉक कर्मचारी चुनाव में व्यस्त, अटक रहे लोगों के काम
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कादरचौक ब्लॉक में कर्मचारी नदारद, खाली पड़ी कुर्सियां। संवाद
- फोटो : BADAUN
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कादरचौक (बदायूं)। गांव भोजपुर निवासी रामलड़ैते बुजुर्ग हैं। वह करीब सप्ताह भर से ब्लॉक मुख्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। परिवार रजिस्टर की नकल चाहिए, जिसके लिए संबंधित कर्मचारी से मुलाकात ही नहीं हो पा रही। ब्लॉक की ज्यादातर कुर्सियां खाली पड़ी हैं। बीडीओ स्मृति सिंह कहती हैं कि चुनाव की वजह से कर्मचारी व्यस्त हैं, हालांकि जरूरी काम किए जा रहे हैं।
कादरचौक ब्लॉक में कई दिन से अजब आलम है। यहां के कर्मचारी चुनाव में व्यस्तता के बहाने मुख्यालय पर नहीं रहते, वहीं छोटे छोटे कामों के लिए ग्रामीण चक्कर लगाते रहते हैं। तमाम लोग दूरदराज गांवों से आते हैं और मायूस लौट जाते हैं। ऐसे ही एक वृद्ध भोजपुर के रामलड़ैते बुधवार सुबह ब्लॉक में घूमते मिले। बताया कि परिवार रजिस्टर की नकल के लिए पंद्रह दिन से ब्लॉक के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन अब तक नकल नहीं मिल सकी है। बताया कि जिन बाबू से काम है, उनकी कुर्सी रोज की तरह आज भी खाली मिली। ऐसे ही कई और भी फरियादी अक्सर मायूस लौट जाते हैं। आमतौर पर सुबह दस से बारह बजे तक का समय जनता की फरियाद सुनने का होता है पर अधिकारी कर्मचारी नहीं मिलते।
हालांकि खंड विकास अधिकारी स्मृति सिंह ने कहा कि चुनाव की व्यस्तता तो है ही लेकिन लोगों के काम पूरा कराने का प्रयास भी किया जा रहा है। जिनका काम नहीं हो पा रहा, वह सीधे उनसे मिल सकते हैं। मीटिंग की वजह से कर्मचारी बुधवार सुबह उनके पास बैठे थे, इसलिए कुर्सी खाली पड़ी थीं। संवाद
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कादरचौक ब्लॉक में कई दिन से अजब आलम है। यहां के कर्मचारी चुनाव में व्यस्तता के बहाने मुख्यालय पर नहीं रहते, वहीं छोटे छोटे कामों के लिए ग्रामीण चक्कर लगाते रहते हैं। तमाम लोग दूरदराज गांवों से आते हैं और मायूस लौट जाते हैं। ऐसे ही एक वृद्ध भोजपुर के रामलड़ैते बुधवार सुबह ब्लॉक में घूमते मिले। बताया कि परिवार रजिस्टर की नकल के लिए पंद्रह दिन से ब्लॉक के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन अब तक नकल नहीं मिल सकी है। बताया कि जिन बाबू से काम है, उनकी कुर्सी रोज की तरह आज भी खाली मिली। ऐसे ही कई और भी फरियादी अक्सर मायूस लौट जाते हैं। आमतौर पर सुबह दस से बारह बजे तक का समय जनता की फरियाद सुनने का होता है पर अधिकारी कर्मचारी नहीं मिलते।
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हालांकि खंड विकास अधिकारी स्मृति सिंह ने कहा कि चुनाव की व्यस्तता तो है ही लेकिन लोगों के काम पूरा कराने का प्रयास भी किया जा रहा है। जिनका काम नहीं हो पा रहा, वह सीधे उनसे मिल सकते हैं। मीटिंग की वजह से कर्मचारी बुधवार सुबह उनके पास बैठे थे, इसलिए कुर्सी खाली पड़ी थीं। संवाद
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