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रात भर बंद रही चीनी मिल, गन्ना किसान परेशान
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बदायूं। शेखूपुर में दि किसान सहकारी चीनी मिल में बृहस्पतिवार रात पेराई ठप हो गई। चीनी मिल के बॉयलर में लीकेज की समस्या से गैस का रिसाव शुरू हो गया था। इस कारण प्रेशर नहीं बन रहा था, जिससे मिल प्रशासन को पेराई बंद करने पड़ी। मिल अधिकारियों के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह पेराई चालू हो गई।
शहर से सटे शेखूपुर स्थित दि किसान सहकारी चीनी मिल का पेराई सत्र 13 नवंबर को शुरू हुआ था। बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े 10 बजे चीनी मिल के बॉयलर में लीकेज की समस्या आ गई। गैस का रिसाव होने की जानकारी मिलने पर मिल अधिकारियों ने पेराई बंद करा दी। रात में कर्मचारी बॉयलर ठीक करने को जुट गए। मगर रात में मशीन के लीकेज को बंद नहीं कर पाए। इसकी वजह से पेराई शुरू नहीं हो सकी है। बृहस्पतिवार सुबह साढ़े 10 बजे के बाद में बॉयलर ठीक होने पर पेराई शुरू की गई। पेराई बंद होने से रातभर किसान परेशान रहे।
19 दिन में चार बार बंद हो चुकी है चीनी मिल
शेखूपुर सहकारी चीनी मिल 19 दिनों में चार बार बंद हो चुकी है। 19 दिसंबर को चीनी मिल नोकेन में बंद हुई थी। जबकि 25 नवंबर को दो बार चीनी मिल बंद हुई थी। उस दौरान भी चीनी मिल में बायलर में लीकेज की समस्या उत्पन्न हुई थी, चौथी बार बृहस्पतिवार रात में बंद हुई है।
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चीनी मिल के मरम्मत कार्य पर उठने लगे सवाल
चीनी मिल प्रशासन द्वारा चीनी मिल पेराई सत्र शुरू करने से पहले हर साल मशीनों को चेक किया जाता है। साथ ही कमी मिलने पर मरम्मत कार्य कराया जाता है ताकि जब चीनी मिल चले तो किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस बार कुछ ही दिनों में बार-बार चीनी मिल बंद होने से इसके मरम्मत कार्य पर सवाल उठने लगे हैं। साथ ही जिन अधिकारियों ने चीनी मिल की फिटनेस को पास कर चलाने की इजाजत दी है। उनकी कार्य प्रणाली पर किसान अब सवाल उठाने लगे हैं। किसानों के अनुसार अगर चीनी मिल सही नहीं थी, एक दो दिन बाद इसको शुरू कर देते। इससे जो कमियां थीं उनको सही कर लिया जाता।
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शहर से सटे शेखूपुर स्थित दि किसान सहकारी चीनी मिल का पेराई सत्र 13 नवंबर को शुरू हुआ था। बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े 10 बजे चीनी मिल के बॉयलर में लीकेज की समस्या आ गई। गैस का रिसाव होने की जानकारी मिलने पर मिल अधिकारियों ने पेराई बंद करा दी। रात में कर्मचारी बॉयलर ठीक करने को जुट गए। मगर रात में मशीन के लीकेज को बंद नहीं कर पाए। इसकी वजह से पेराई शुरू नहीं हो सकी है। बृहस्पतिवार सुबह साढ़े 10 बजे के बाद में बॉयलर ठीक होने पर पेराई शुरू की गई। पेराई बंद होने से रातभर किसान परेशान रहे।
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19 दिन में चार बार बंद हो चुकी है चीनी मिल
शेखूपुर सहकारी चीनी मिल 19 दिनों में चार बार बंद हो चुकी है। 19 दिसंबर को चीनी मिल नोकेन में बंद हुई थी। जबकि 25 नवंबर को दो बार चीनी मिल बंद हुई थी। उस दौरान भी चीनी मिल में बायलर में लीकेज की समस्या उत्पन्न हुई थी, चौथी बार बृहस्पतिवार रात में बंद हुई है।
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चीनी मिल के मरम्मत कार्य पर उठने लगे सवाल
चीनी मिल प्रशासन द्वारा चीनी मिल पेराई सत्र शुरू करने से पहले हर साल मशीनों को चेक किया जाता है। साथ ही कमी मिलने पर मरम्मत कार्य कराया जाता है ताकि जब चीनी मिल चले तो किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस बार कुछ ही दिनों में बार-बार चीनी मिल बंद होने से इसके मरम्मत कार्य पर सवाल उठने लगे हैं। साथ ही जिन अधिकारियों ने चीनी मिल की फिटनेस को पास कर चलाने की इजाजत दी है। उनकी कार्य प्रणाली पर किसान अब सवाल उठाने लगे हैं। किसानों के अनुसार अगर चीनी मिल सही नहीं थी, एक दो दिन बाद इसको शुरू कर देते। इससे जो कमियां थीं उनको सही कर लिया जाता।