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राज्यमंत्री ने बदायूं में चलाया सफाई अभियान
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नगर विकास राज्यमंत्री शहर में सफाई व्यवस्था का जायजा लेते हुए। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। सफाई कर्मियों की हड़ताल कई दिन पहले खत्म होने के बावजूद शहर में गंदगी की भरमार है। नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता ने शनिवार को नगर पंचायत के कर्मचारियों को लगाकर शहर में विशेष सफाई अभियान चलाया। इससे शहर की मुख्य सड़कें तो साफ हो गईं, लेकिन गलियों में अभी गंदगी भरी है।
शहर में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की है। दीपावली से पहले सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहे थे। नगर पालिका अध्यक्ष दीपमाला गोयल और तत्कालीन ईओ व एसडीएम सदर भी हड़ताल करने वाले कर्मचारियों को नहीं समझा सके। नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता के नाराजगी जताने पर ईओ का चार्ज एसडीएम से हटाकर सिटी मजिस्ट्रेट को दिया गया था। इसके बाद नगर पालिका के कर्मचारियों की हड़ताल तो खत्म हो गई, लेकिन शहर में सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आई। कई दिन इंतजार करने के बाद शनिवार को नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता ने दूसरी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के सफाई कर्मियों को बुलाया। सुबह करीब साढ़े आठ बजे नगर पंचायतों के कर्मचारी पुलिस लाइन चौराहे पर एकत्र हुए। वहीं नगर विकास मंत्री महेश चंद्र गुप्ता भी मौजूद थे। इसका पता लगने पर चेयरमैन दीपमाला गोयल नगर पालिका के सर्फाइ कर्मियों और स्टाफ के साथ पुलिस लाइन चौराहे जा पहुंचीं। इसके बाद सामूहिक रूप से सफाई अभियान चलाया गया। पुलिस लाइन, लावेला चौक, कलक्ट्रेट, लालपुल समेत शहर के कई अन्य इलाकों में सफाई अभियान चला। इससे शहर की मुख्य सड़कें चमकने लगीं।
शहर में गंदगी नहीं रहने दी जाएगी। मैं भले ही प्रदेश का मंत्री हूं पर स्थानीय विधायक होने के नाते यह मेरी जिम्मेदारी बनती है। नियमानुसार कार्यदायी संस्थाओं को सफाई बेहतर करानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। मैं किसी पर आरोप लगाने के बजाय काम में विश्वास करता हूं।
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- महेशचंद्र गुप्ता, नगर विकास राज्यमंत्री
शहर में सफाई कराने की पहली जिम्मेदारी मेरी और नगर पालिका प्रशासन की है। कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से कुछ समस्या रही, लेकिन हम अपनी जिम्मेदारी बेहतर तरीके से निभा रहे हैं। नगर विकास राज्यमंत्री अभियान के दौरान स्थिति देखने आ जाते हैं। वह दूसरे कर्मचारियों को जुटाने में मदद कर देते हैं। सफाई हम और सिटी मजिस्ट्रेट मिलकर करा रहे हैं। - दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष
गली-मोहल्लों में गंदगी की भरमार
बदायूं। नगर विकास राज्यमंत्री की ओर से शहर में चला विशेष सफाई अभियान मुख्य सड़कों तक सीमित रहा। इसकी वजह से मुख्य सड़कें चमक गईं, लेकिन गली-मोहल्ले में गंदगी की भरमार है। शहर में दो बार विशेष अभियान चल चुका है। इसके अलावा रोज सफाई कर्मचारियों द्वारा शहर में सफाई की जाती है। मगर इस सबके बावजूद सफाई कर्मचारी गलियों में नहीं पहुंच रहे हैं। हालात यह हैं शहर के कई मोहल्लों में पिछले 10-12 दिनों से कूड़ा नहीं उठा है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति में शहर के मोहल्ला नेकपुर और खंडसारी मोहल्ले की है। यहां हालात यह हैं सड़कों का कूड़ा नलियों में पहुंचना शुरू हो गया है। इससे नालियां चोक हो रहीं हैं, जिससे नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। संवाद
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शहर में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की है। दीपावली से पहले सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहे थे। नगर पालिका अध्यक्ष दीपमाला गोयल और तत्कालीन ईओ व एसडीएम सदर भी हड़ताल करने वाले कर्मचारियों को नहीं समझा सके। नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता के नाराजगी जताने पर ईओ का चार्ज एसडीएम से हटाकर सिटी मजिस्ट्रेट को दिया गया था। इसके बाद नगर पालिका के कर्मचारियों की हड़ताल तो खत्म हो गई, लेकिन शहर में सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आई। कई दिन इंतजार करने के बाद शनिवार को नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता ने दूसरी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के सफाई कर्मियों को बुलाया। सुबह करीब साढ़े आठ बजे नगर पंचायतों के कर्मचारी पुलिस लाइन चौराहे पर एकत्र हुए। वहीं नगर विकास मंत्री महेश चंद्र गुप्ता भी मौजूद थे। इसका पता लगने पर चेयरमैन दीपमाला गोयल नगर पालिका के सर्फाइ कर्मियों और स्टाफ के साथ पुलिस लाइन चौराहे जा पहुंचीं। इसके बाद सामूहिक रूप से सफाई अभियान चलाया गया। पुलिस लाइन, लावेला चौक, कलक्ट्रेट, लालपुल समेत शहर के कई अन्य इलाकों में सफाई अभियान चला। इससे शहर की मुख्य सड़कें चमकने लगीं।
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शहर में गंदगी नहीं रहने दी जाएगी। मैं भले ही प्रदेश का मंत्री हूं पर स्थानीय विधायक होने के नाते यह मेरी जिम्मेदारी बनती है। नियमानुसार कार्यदायी संस्थाओं को सफाई बेहतर करानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। मैं किसी पर आरोप लगाने के बजाय काम में विश्वास करता हूं।
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- महेशचंद्र गुप्ता, नगर विकास राज्यमंत्री
शहर में सफाई कराने की पहली जिम्मेदारी मेरी और नगर पालिका प्रशासन की है। कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से कुछ समस्या रही, लेकिन हम अपनी जिम्मेदारी बेहतर तरीके से निभा रहे हैं। नगर विकास राज्यमंत्री अभियान के दौरान स्थिति देखने आ जाते हैं। वह दूसरे कर्मचारियों को जुटाने में मदद कर देते हैं। सफाई हम और सिटी मजिस्ट्रेट मिलकर करा रहे हैं। - दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष
गली-मोहल्लों में गंदगी की भरमार
बदायूं। नगर विकास राज्यमंत्री की ओर से शहर में चला विशेष सफाई अभियान मुख्य सड़कों तक सीमित रहा। इसकी वजह से मुख्य सड़कें चमक गईं, लेकिन गली-मोहल्ले में गंदगी की भरमार है। शहर में दो बार विशेष अभियान चल चुका है। इसके अलावा रोज सफाई कर्मचारियों द्वारा शहर में सफाई की जाती है। मगर इस सबके बावजूद सफाई कर्मचारी गलियों में नहीं पहुंच रहे हैं। हालात यह हैं शहर के कई मोहल्लों में पिछले 10-12 दिनों से कूड़ा नहीं उठा है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति में शहर के मोहल्ला नेकपुर और खंडसारी मोहल्ले की है। यहां हालात यह हैं सड़कों का कूड़ा नलियों में पहुंचना शुरू हो गया है। इससे नालियां चोक हो रहीं हैं, जिससे नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। संवाद