फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Civic Amenities

दो कर्मचारी कर चुके हैं आत्महत्या

Mon, 06 Sep 2021 01:18 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 06 Sep 2021 01:18 AM IST
विज्ञापन
Civic Amenities
मालवीय आवास पर धरना देते रिटायर्ड कर्मचारी।संवाद - फोटो : BADAUN
पहले दो कर्मचारी कर चुके हैं आत्महत्या
विज्ञापन

बदायूं। शेखूपुर सहकारी चीनी मिल के 200 से ज्यादा कर्मचारी ऐसे हैं जिनको सेवानिवृत्त हुए तीन साल हो चुके हैं। मगर अब तक उन्हें देयों का भुगतान नहीं किया गया है। ऐसे में मिल कर्मचारियों के परिवार आर्थिक तंगी का शिकार हैं।
शेखूपुर मिल के कर्मचारी देयकों के भुगतान को लेकर लंबे समय से आंदोलित हैं। इस दौरान दो कर्मचारी तो आत्महत्या तक कर चुके हैं। एक की धरना स्थन पर मौत हो चुकी है। धीर सिंह की मौत आर्थिक तंगी के कारण बेहतर इलाज न मिलने के कारण हुई है। नौ मार्च 2016 को लैब केमिस्ट उमेश तिवारी ने मिल में खुद को गोली मारकर जान दे दी थी। उनकी बेटी की शादी 17 मार्च को थी और मिल से उनको भुगतान नहीं मिल रहा था। अप्रैल 2011 में वेद प्रकाश गुप्ता विषाक्त खाकर खुदकुशी कर चुके हैं। जून 2015 में लक्ष्मण प्रसाद नाम के कर्मचारी की धरनास्थल पर ही हार्टअटैक से मौत हो गई थी। इसके बाद भी मिल प्रबंधन कर्मचारियों के बकाया भुगतान को लेकर गंभीर नहीं है।
विज्ञापन

इस बीच मालवीय आवास पर मिल कर्मचारियों का धरना रविवार को 75 वें दिन भी जारी रहा। मिल प्रबंधन और अधिकारियों की ओर से धीर सिंह के घर पर भी कोई नहीं पहुंचा। साथी रिटायर्ड कर्मचारियों ने धीर सिंह के घर जाकर शोक संवेदना व्यक्त कीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

धरना स्थल पर पहुंचे पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव
बदायूं। पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी मालवीय आवास पहुंच कर रिटायर्ड कर्मचारियों से मुलाकात की। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि वह अपने स्तर से मिल कर्मचारियों के बकाया भुगतान को लेकर हरसंभव प्रयास करेंगे। मिल कर्मचारियों ने पूर्व सांसद को ज्ञापन भी दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि सपा सरकार के दौरान शेखूपुर मिल के कर्मचारियों के बकाया भुगतान के लिए मिल को 20 करोड़ का बजट दिया गया था। इससे काफी कर्मचारियों को भुगतान भी हो गया था। इसके बाद अब तक सरकार की ओर से मिल को बजट नहीं दिया गया है।
सेवानिवृत्त हुए डेढ़ साल से ज्यादा हो चुका है। अब तक देयकों का भुगतान नहीं हुआ है। इस कारण दो बार बेटी की शादी टाल चुका हूं। आर्थिक तंगी के कारण परिवार के अन्य काम भी प्रभावित हो रहे हैं। - धर्मपाल सिंह
सेवाकाल में ही पति नूर मोहम्मद की मौत हो गई थी। अब तक न तो उनके देयकों का भुगतान हुआ है और न ही परिवार में किसी को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिली है। - नाजरीन बेगम
सेवानिवृत्ति को तीन साल हो चुके हैं। सेवानिवृत्ति के बाद अब तक देयकों का भुगतान नहीं हुआ है। हृदय रोगी हूं और इलाज भी चल रहा है। इलाज में धन का अभाव सामने आ रहा है। - नरेश प्रसाद

पति की मौत के समय मिल पर उनका सात माह का वेतन बकाया था। दो साल से ज्यादा बीत गए हैं अब तक उनके देयकों का भुगतान नहीं हुआ है। परिवार आर्थिक तंगी का शिकार है। - मुन्नी देवी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed