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कटान तेज, मुख्य अभियंता पूर्वी गंगा नहर ने बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया
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बदायूं। नरौरा बैराज से गंगा में बृहस्पतिवार को 87 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया। बुधवार के मुकाबले गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से कुछ नीचे आया है, लेकिन अब भी गंगा खतरे के निशान से 58 सेमी ऊपर बह रही हैं। बृहस्पतिवार को गंगा का जलस्तर मीटरगेज पर 162.580 दर्ज किया गया। खतरे का निशान 162 सेमी पर है। इस बीच मुख्य अभियंता पूर्वी गंगा नहर राज्यपाल सिंह ने उसहैत में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया।
शनिवार को गंगा में 90 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया था। इसके बाद रविवार, मंगलवार और बुधवार को लगातार तीन तीन एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया। बुधवार को 1.27 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी आने के बाद गंगा में उफान आ गया था। उसहैत के प्रेमी नगला, जटा, ठकुरी नगला, कमलैयापुर, जसवंत नगला, अहमद नगर बछौरा, कदमनगला, दलनगला और रहपुरा में बाढ़ का पानी घुस गया है। अहमदनगर बछौरा, जसवंत नगला समेत कई गांवों में गंगा ने कटान भी तेज कर दिया। सहसवान के गांव कोतल नगला, तेलिया नगला, तोफी नगला, आसे नगला में भी गंगा ने कटान तेज कर दिया। खिरकवारी, मानपुर पुख्ता भी गंगा के निशान पर आ गए।
बाढ़ खंड ने कटान रोकने को उपाय शुरू कर दिए। इसके बाद भी हालात संवेदनशील बने हुए हैं। बृहस्पतिवार को जल स्तर में बुधवार को मुकाबले मामूली गिरावट आने के बाद कटान और तेज हो गया है। इस बीच मुख्य अभियंता पूर्वी गंगा नहर राज्यपाल सिंह ने अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड उमेश चंद्र के साथ उसहैत में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर कटान का जायजा लिया। अधिकारियों को कटान रोकने को ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।
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जोरी नगला बांध पर अतिसंवेदनशील हालात, उसहैत संवेदनशील
बदायूं कटान तेज होने के कारण जोरी नगला बांध पर अतिसंवेदनशील हालात पैदा हो गए हैं। यहां कटान रोकने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है। इसके साथ ही उसहैत बांध और सहसवान में गंगा-महावा बांध पर भी हालात संवेदनशील बने हुए हैं। भुंडी बांध से भी बाढ़ का पानी टकरा रहा है। यहां भी कटान रोकने के लिए बालू की बोरियां लगाई जा रही हैं। जसवंत नगला, अहमदनगर बछौरा में हालात ज्यादा खराब हो रहे हैं। अब तक सैकड़ों बीघा जमीन गंगा में समा चुकी है।
रामगंगा का जलस्तर भी बढ़ा, कई गांवों में हड़कंप
दातागंज रामगंगा के जलस्तर में भी बृहस्पतिवार को अचानक इजाफा हुआ है। बरेली बैराज से रामगंगा में लगातार कई दिन से पानी छोड़ा जा रहा है। इससे दातागंज क्षेत्र में रामगंगा तेजी से फैलाव ले रही हैं। रामगंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण रामगंगा के तटवर्ती निचले इलाकों में बसे नगला नत्थू सिंह, नगला राजपाल, कटकौरा, पट्टी बिजा, लालपुर खादर और नगरिया खनू गांवों में हड़कंप सा है। हालांकि, रामगंगा की स्थिति सामान्य है। इसके बाद भी 2018 में रामगंगा में आई बाढ़ को याद करके ग्रामीण डर रहे हैं।
- हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। बुधवार को मुकाबले बृहस्पतिवार को जलस्तर कम हुआ है। कुछ स्थानों पर कटान हो रहा है। कटान रोकने के सभी प्रबंध किए जा रहे हैं। जोरी नगला बांध को अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। फिलहाल गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 58 सेमी ऊपर है। - उमेश चंद्र, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड
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शनिवार को गंगा में 90 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया था। इसके बाद रविवार, मंगलवार और बुधवार को लगातार तीन तीन एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया। बुधवार को 1.27 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी आने के बाद गंगा में उफान आ गया था। उसहैत के प्रेमी नगला, जटा, ठकुरी नगला, कमलैयापुर, जसवंत नगला, अहमद नगर बछौरा, कदमनगला, दलनगला और रहपुरा में बाढ़ का पानी घुस गया है। अहमदनगर बछौरा, जसवंत नगला समेत कई गांवों में गंगा ने कटान भी तेज कर दिया। सहसवान के गांव कोतल नगला, तेलिया नगला, तोफी नगला, आसे नगला में भी गंगा ने कटान तेज कर दिया। खिरकवारी, मानपुर पुख्ता भी गंगा के निशान पर आ गए।
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बाढ़ खंड ने कटान रोकने को उपाय शुरू कर दिए। इसके बाद भी हालात संवेदनशील बने हुए हैं। बृहस्पतिवार को जल स्तर में बुधवार को मुकाबले मामूली गिरावट आने के बाद कटान और तेज हो गया है। इस बीच मुख्य अभियंता पूर्वी गंगा नहर राज्यपाल सिंह ने अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड उमेश चंद्र के साथ उसहैत में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर कटान का जायजा लिया। अधिकारियों को कटान रोकने को ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।
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जोरी नगला बांध पर अतिसंवेदनशील हालात, उसहैत संवेदनशील
बदायूं कटान तेज होने के कारण जोरी नगला बांध पर अतिसंवेदनशील हालात पैदा हो गए हैं। यहां कटान रोकने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है। इसके साथ ही उसहैत बांध और सहसवान में गंगा-महावा बांध पर भी हालात संवेदनशील बने हुए हैं। भुंडी बांध से भी बाढ़ का पानी टकरा रहा है। यहां भी कटान रोकने के लिए बालू की बोरियां लगाई जा रही हैं। जसवंत नगला, अहमदनगर बछौरा में हालात ज्यादा खराब हो रहे हैं। अब तक सैकड़ों बीघा जमीन गंगा में समा चुकी है।
रामगंगा का जलस्तर भी बढ़ा, कई गांवों में हड़कंप
दातागंज रामगंगा के जलस्तर में भी बृहस्पतिवार को अचानक इजाफा हुआ है। बरेली बैराज से रामगंगा में लगातार कई दिन से पानी छोड़ा जा रहा है। इससे दातागंज क्षेत्र में रामगंगा तेजी से फैलाव ले रही हैं। रामगंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण रामगंगा के तटवर्ती निचले इलाकों में बसे नगला नत्थू सिंह, नगला राजपाल, कटकौरा, पट्टी बिजा, लालपुर खादर और नगरिया खनू गांवों में हड़कंप सा है। हालांकि, रामगंगा की स्थिति सामान्य है। इसके बाद भी 2018 में रामगंगा में आई बाढ़ को याद करके ग्रामीण डर रहे हैं।
- हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। बुधवार को मुकाबले बृहस्पतिवार को जलस्तर कम हुआ है। कुछ स्थानों पर कटान हो रहा है। कटान रोकने के सभी प्रबंध किए जा रहे हैं। जोरी नगला बांध को अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। फिलहाल गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 58 सेमी ऊपर है। - उमेश चंद्र, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड