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गंगा-महावा और उसहैत बांध पर कटान का खतरा, अलर्ट जारी
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गंगा में जलस्तर बढ़ने से उसहैत कतटबंध के आसपास भरा बाढ़ का पानी।
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। कई दिन हुई बारिश के बाद अब नरौरा बैराज से गंगा में ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में गंगा का जलस्तर एक बार फिर से खतरे के निशान की ओर बढ़ने लगा है। जलस्तर में इजाफा होने के कारण उसहैत और गंगा-महावा तटबंधों पर कटान का खतरा मंडराने लगा है। इसको लेकर अलर्ट किया गया है। बाढ़ खंड की टीमें निगरानी के साथ कटान रोकने के प्रयास कर रही हैं।
गंगा में सोमवार को नरौरा बैराज से 56756 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रविवार को भी 50 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया था। ऐसे में जलस्तर बढ़ गया है। सोमवार को कछला में गंगा का मीटरगेज खतरे के निशान पर 162.300 दर्ज किया गया। मीटरगेज पर खतरे का निशान 162 सेमी है। अगर इससे ऊपर जलस्तर जाता है तो उसे खतरा माना जाता है। जलस्तर बढ़ने और कटान का खतरा पैदा होने के बाद गंगा-महावा और उसहैत बांध को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। बाढ़ खंड की टीमें यहां निगरानी कर रही हैं। सोमवार को बिजनौर से 52457 और हरिद्वार से 64689 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ऐसे में फिलहाल गंगा का जलस्तर कम होने की उम्मीद कम है।
गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। उसहैत और गंगा-महावा बांध पर अलर्ट किया गया है। यहां कटान का खतरा बना हुआ है। सोमवार को गंगा का मीटरगेज खतरे के निशान के पार हो गया है। हालात पर नजर रखने के साथ कटान रोकने के प्रबंध किए जा रहे हैं।-नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड
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गंगा में सोमवार को नरौरा बैराज से 56756 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रविवार को भी 50 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया था। ऐसे में जलस्तर बढ़ गया है। सोमवार को कछला में गंगा का मीटरगेज खतरे के निशान पर 162.300 दर्ज किया गया। मीटरगेज पर खतरे का निशान 162 सेमी है। अगर इससे ऊपर जलस्तर जाता है तो उसे खतरा माना जाता है। जलस्तर बढ़ने और कटान का खतरा पैदा होने के बाद गंगा-महावा और उसहैत बांध को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। बाढ़ खंड की टीमें यहां निगरानी कर रही हैं। सोमवार को बिजनौर से 52457 और हरिद्वार से 64689 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ऐसे में फिलहाल गंगा का जलस्तर कम होने की उम्मीद कम है।
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गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। उसहैत और गंगा-महावा बांध पर अलर्ट किया गया है। यहां कटान का खतरा बना हुआ है। सोमवार को गंगा का मीटरगेज खतरे के निशान के पार हो गया है। हालात पर नजर रखने के साथ कटान रोकने के प्रबंध किए जा रहे हैं।-नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड
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