फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Civic Amenities

सोत के किनारे स्विमिंग पूल समेत कई कब्जे ढहाना बाकी

Mon, 23 Sep 2019 01:26 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 23 Sep 2019 01:26 AM IST
विज्ञापन
Civic Amenities
बदायूं। सोत नदी के किनारे हो रहे कब्जों को ध्वस्त कराने के लिए प्रशासन सक्रिय है। पिछले दिनों प्रशासन ने अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया था तो शनिवार को प्रशासन और पुलिस ने लालपुल स्थित एसएस लॉन पर भी जेसीबी चलवा दी, लेकिन अभी और भी कब्जे हैं। बताते हैं कि नदी किनारे लोगों ने कब्जा करते हुए स्विमिंग पूल भी बना लिया हैं। यह भी प्रशासनिक अधिकारियों की नजर में है, लेकिन इन्हें कब ध्वस्त किया जाएगा, यह कहना मुश्किल है।
विज्ञापन

कभी सोत नदी का पानी किसानों के लिए अमृत के समान हुआ करता था, लेकिन जैसे-जैसे इसके सूखने पर अतिक्रमणकारियों की नजरें इस पर पड़ीं, तो यहां कब्जों की ‘खेती’ होने लगी। कुछ लोगों ने इसके आसपास की जमीन कब्जाकर खेती शुरू कर दी तो किसी ने निर्माण शुरू कर दिया। सपा सरकार के कार्यकाल में तो जमकर अवैध कब्जे हुए। सोत नदी की छाती पर किसी ने मैरिज लॉन तो किसी ने व्यावसायिक भवन बनाकर अतिक्रमण कर लिया। भाजपा की सरकार आई तो शिकायतों पर प्रशासन ने इन कब्जों पर निगाहें तिरछी करनी शुरू कर दी। एक के बाद एक करके अतिक्रमण ध्वस्त कराये जाने लगे। कुछ माह पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री आबिद रजा का मैरिज लॉन प्रशासन ने ध्वस्त कराया तो इसके बाद एक व्यावसायिक इमारत पर जेसीबी चलवा दी। शनिवार को प्रशासन की जेसीबी एसएस लॉन पर चली, जिसे अंदर व बाहर से प्रशासन ने तुड़वा डाला।
विज्ञापन

नदी किनारे अतिक्रमण का सिलसिला यहीं नहीं रुका है। कुछ लोगों ने यहां स्विमिंग पूल तक बनवा डाले। सूत्रों की माने तो अब प्रशासन की निगाह इसी स्विमिंग पूल पर अटक गई हैं, ऐसे में जल्द ही उसका भी नंबर आने की उम्मीद है। शनिवार को एसएस लॉन पर चल रही कार्रवाई के दौरान कुछ अधिकारी इसकी चर्चा करते भी दिखाई दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


समय लिया, लेकिन अतिक्रमण किया साफ
सोत नदी पर हुआ अतिक्रमण हर किसी को परेशान किए हुए है। हर व्यक्ति सोत नदी को पुराने रंग में देखना चाहता है। सपा सरकार के दौरान इसको लेकर लोग शासन से लेकर प्रशासन तक से शिकायत कर चुके थे, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। भाजपा सरकार आई तो जिला प्रशासन जागा और उसने इस दिशा में काम करना शुरू किया। लालपुल स्थित सोत नदी पर जिन लोगों ने स्थायी अतिक्रमण कर लिया था, उसे प्रशासन ने एक के बाद एक तुड़वाना शुरू कर दिया है। प्रशासन की कार्रवाई भी अचानक हो रही है, जिससे अतिक्रमणकारियों को कुछ करने का मौका भी नहीं मिल पा रहा है।

सोत नदी के पुनर्जीवन के लिए अमर उजाला कर रहा जागरूकता का प्रयास
सोत नदी को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से लोगों और प्रशासन को जागरूक करने के लिए अमर उजाला निरंतर अभियान चला रहा है। लोग भी इस बात की इच्छा जता रहे हैं कि जो सोत नदी कभी किसानों के लिए वरदान होती थी, उसे अतिक्रमण से मुक्ति मिल सके। लोग भी अमर उजाला के इस अभियान से जुड़कर शासन प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि नदी को अपने पुराने स्वरूप में लाया जाए। नगर विकास राज्यमंत्री महेश गुप्ता ने भी आश्वासन दिया है कि सोत के पुनर्जीवन के लिए जो कुछ हो सकेगा, वह करेंगे।


सोत नदी पर स्थायी अतिक्रमण कर लिया गया है, जिसे एक-एक करके हटवाया जा रहा है। अगर अब भी कहीं पर अतिक्रमण है, तो उसे रहने नहीं दिया जाएगा। जल्द ही सोत नदी अतिक्रमण मुक्त होगी। ताकि वह अपने पुराने स्वरूप में वापस आ सके।
-राम निवास शर्मा, एडीएम प्रशासन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed