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Budaun News: नौ लाख की ठगी के मामले में चार्जशीट दाखिल
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बदायूं। आश्रम में रह रहे कासगंज के नेत्रहीन से नौ लाख रुपये और सोने की अंगूठी ठगने के मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। अब पुलिस कोर्ट में पैरवी कर आरोपी को सजा दिलाने का प्रयास करेगी।
कासगंज के मोहल्ला जयराम निवासी हरिशंकर गौतम ने 15 सितंबर को सीओ उझानी शक्ति सिंह को तहरीर देकर बताया था कि वह गंगा स्नान करने कछला गंगा घाट आए थे। वहां एक आश्रम में रुक गए। आश्रम में सुबह एक व्यक्ति मिला। वह उन्हें चौधरी बाबा आश्रम बुलाकर ले गया। हरिशंकर पोस्ट ऑफिस से सेवानिवृत कर्मचारी हैं। तीन साल पहले अचानक उनकी आंखों की रोशनी चली गई थी। उनकी कोई संतान नहीं है।
चौधरी बाबा आश्रम पहुंचने पर युवक ने अपना नाम हरसुख बताया। हरसुख उनकी सेवा करने लगा। धीरे-धीरे हरसुख ने उनके बारे में सारी जानकारी ले ली। एक दिन हरसुख ने कहा कि आश्रम में कमरे बनवा दें, ताकि गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने की सुविधा मिल सके। आश्रम प्रबंधन उनके रुपये दो महीने में लौटा देगा।
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हरसुख की बात पर विश्वास कर हरिशंकर ने नौ लाख रुपये दे दिये। एक सोने की अंगूठी भी उसे दे दी। चार माह बाद रुपये मांगने पर हरसुख ने उन्हें धक्का देकर आश्रम से निकाल दिया। सीओ के आदेश पर पुलिस ने धोखाधड़ी की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। पुलिस ने साक्ष्य संकलन करने के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी।
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कासगंज के मोहल्ला जयराम निवासी हरिशंकर गौतम ने 15 सितंबर को सीओ उझानी शक्ति सिंह को तहरीर देकर बताया था कि वह गंगा स्नान करने कछला गंगा घाट आए थे। वहां एक आश्रम में रुक गए। आश्रम में सुबह एक व्यक्ति मिला। वह उन्हें चौधरी बाबा आश्रम बुलाकर ले गया। हरिशंकर पोस्ट ऑफिस से सेवानिवृत कर्मचारी हैं। तीन साल पहले अचानक उनकी आंखों की रोशनी चली गई थी। उनकी कोई संतान नहीं है।
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चौधरी बाबा आश्रम पहुंचने पर युवक ने अपना नाम हरसुख बताया। हरसुख उनकी सेवा करने लगा। धीरे-धीरे हरसुख ने उनके बारे में सारी जानकारी ले ली। एक दिन हरसुख ने कहा कि आश्रम में कमरे बनवा दें, ताकि गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने की सुविधा मिल सके। आश्रम प्रबंधन उनके रुपये दो महीने में लौटा देगा।
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हरसुख की बात पर विश्वास कर हरिशंकर ने नौ लाख रुपये दे दिये। एक सोने की अंगूठी भी उसे दे दी। चार माह बाद रुपये मांगने पर हरसुख ने उन्हें धक्का देकर आश्रम से निकाल दिया। सीओ के आदेश पर पुलिस ने धोखाधड़ी की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। पुलिस ने साक्ष्य संकलन करने के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी।