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चंदनपुर हुसैनपुर बांध काट रही गंगा, खलबली मची
बदायूं, ब्यूरो
Updated Mon, 01 Aug 2016 10:56 PM IST
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चंदनपुर हुसैनपुर बांध काट रही गंगा, खलबली मची
- फोटो : अमर उजाला
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जरीफनगर, सहसवान, उसहैत क्षेत्र के कई गांवों में घुसा गंगा का पानी
शरण लेने को बांधों पर आ बसे हैं बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्रामीण
कछला में जलस्तर सुबह मीटरगेज पर 16335 था जो बढ़कर शाम को 16350 हो गया है। कछला के पास चंदनपुर हुसैनपुर तटबंध से लगकर बह रही गंगा नदी ने तटबंध का करीब 200 मीटर ऐरिया अपनी तेज धार के निशाने पर ले लिया है। इससे बाढ़ खंड के अधिकारियों में खलबली मची हुई है। बाध को बचाने के लिए बाढ़ खंड के इंजीनियर बड़ी संख्या में मजदूरों को लेकर बचाव कार्य में लग गए हैं और बचाव तकनीक अपनाई जा रही है। बाढ़ खंड के एक्सईएन ने भी यहां का दौरा किया है। बचाव कार्य से वह संतुष्ट हैं और भरोसा जताया है कि बांध को कोई नुकसान नहीं हो सकेगा।
उफान पर चल रही गंगा में लगातार पानी के घटा-बढ़ी के कारण कटान की स्थिति पैदा हुई है। पिछले एक पखबाड़ा में गंगा ने कई बार उतार-चढ़ाव का खेल खेला है। बांध कटान पर बाढ़ खंड के अधिकारियों ने पूरी तबुज्जों शुरू कर दी है।
चंदनपुर-हुसैनपुर तटबंध के साढ़े चार और पांच किमी के मध्य गंगा नदी तटबंध से सटकर बह रही है। इस तटबंध में करीब 200 मीटर मध्य गंगा नदी के अत्याधिक दबाव व तीव्र बैक रोलिंग के कारण कटान हो रहा है। कटान को नियंत्रित करने और तटबंध को सुरक्षा प्रदान करने के लिए आवश्यक फ्लड फाइटिंग के कार्य कराते हुए परक्यूपाइन में पेड़ों की शाखाएं बांधकर, मिट्टी भरे ईसी बैग नायलोन रोप क्रेट में भरकर, पेड़ों की शाखाएं जीआई वायर से बांधकर कटान को नियंत्रित किया जा रहा है। प्रयास सफल हो रहे हैं और तटबंध फिलहाल पूर्णतया सुरक्षित है।
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बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता अरविंद वर्मा द्वारा तटबंध का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अपनी अधीनस्थों को तटबंध पर युद्धस्तर पर कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे कि तटबंध को सुरक्षा प्रदान हो सके।
जरीफनगर। थाना क्षेत्र के ग्राम टोटपुर करसरी और परौटी की मढैय़ां में बाढ़ आने के कारण लोगों में दहशत बनी हुई है। बाढ़ पीड़ितों को दवाईयां उपलब्ध कराई गई। डिप्टी सीएमओ डॉ हरिदत्त, डॉ एचएन यादव के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दहगवां की टीम ने पहुंच कर पीड़ितों का जायजा लिया और दवाईयां वितरित की साथ ही ग्राम टोटपुर, करसरी और परौटी की मढैय़ां आदि गांवों के लोगों ने को अब बांध पर तंबुओं के घर बनाकर रहने लगे हैं। बाढ़ पीड़ितों को पानी में डालने के लिए क्लोरीन की गोलियां और सभी परिवारों को उल्टी, दस्त, बुखार, सर्दी जुकाम आदि बीमारियों की दवा भी वितरित की। बाढ़ पीड़ितों को शरण के लिए सुरक्षित स्थान, तिरपाल, भोजन, दवाईयों सहित आवश्यकतानुसार अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई। डाक्टरों की टीम में सतेंद्र यादव, श्याम बिहारी, टिंकू आदि शामिल रहे।
उसहैत। क्षेत्र के दो गांव असमया रफतपुर और अहमद नगर बझोरा में गंगा का पानी आ जाने के कारण लोगों ने अपने-अपने घरों से जरूरत का सामान निकालना शुरू कर दिया है। कोन का नगला, धोबी का नगला, कदम नगला, जसवंत नगला गांवों की ओर भी पानी तेजी से बढ़ रहा है। लोगों में गंगा के पानी के बढने से तमाम आशंकाएं सता रही हैं।
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शरण लेने को बांधों पर आ बसे हैं बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्रामीण
कछला में जलस्तर सुबह मीटरगेज पर 16335 था जो बढ़कर शाम को 16350 हो गया है। कछला के पास चंदनपुर हुसैनपुर तटबंध से लगकर बह रही गंगा नदी ने तटबंध का करीब 200 मीटर ऐरिया अपनी तेज धार के निशाने पर ले लिया है। इससे बाढ़ खंड के अधिकारियों में खलबली मची हुई है। बाध को बचाने के लिए बाढ़ खंड के इंजीनियर बड़ी संख्या में मजदूरों को लेकर बचाव कार्य में लग गए हैं और बचाव तकनीक अपनाई जा रही है। बाढ़ खंड के एक्सईएन ने भी यहां का दौरा किया है। बचाव कार्य से वह संतुष्ट हैं और भरोसा जताया है कि बांध को कोई नुकसान नहीं हो सकेगा।
उफान पर चल रही गंगा में लगातार पानी के घटा-बढ़ी के कारण कटान की स्थिति पैदा हुई है। पिछले एक पखबाड़ा में गंगा ने कई बार उतार-चढ़ाव का खेल खेला है। बांध कटान पर बाढ़ खंड के अधिकारियों ने पूरी तबुज्जों शुरू कर दी है।
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चंदनपुर-हुसैनपुर तटबंध के साढ़े चार और पांच किमी के मध्य गंगा नदी तटबंध से सटकर बह रही है। इस तटबंध में करीब 200 मीटर मध्य गंगा नदी के अत्याधिक दबाव व तीव्र बैक रोलिंग के कारण कटान हो रहा है। कटान को नियंत्रित करने और तटबंध को सुरक्षा प्रदान करने के लिए आवश्यक फ्लड फाइटिंग के कार्य कराते हुए परक्यूपाइन में पेड़ों की शाखाएं बांधकर, मिट्टी भरे ईसी बैग नायलोन रोप क्रेट में भरकर, पेड़ों की शाखाएं जीआई वायर से बांधकर कटान को नियंत्रित किया जा रहा है। प्रयास सफल हो रहे हैं और तटबंध फिलहाल पूर्णतया सुरक्षित है।
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बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता अरविंद वर्मा द्वारा तटबंध का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अपनी अधीनस्थों को तटबंध पर युद्धस्तर पर कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे कि तटबंध को सुरक्षा प्रदान हो सके।
जरीफनगर। थाना क्षेत्र के ग्राम टोटपुर करसरी और परौटी की मढैय़ां में बाढ़ आने के कारण लोगों में दहशत बनी हुई है। बाढ़ पीड़ितों को दवाईयां उपलब्ध कराई गई। डिप्टी सीएमओ डॉ हरिदत्त, डॉ एचएन यादव के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दहगवां की टीम ने पहुंच कर पीड़ितों का जायजा लिया और दवाईयां वितरित की साथ ही ग्राम टोटपुर, करसरी और परौटी की मढैय़ां आदि गांवों के लोगों ने को अब बांध पर तंबुओं के घर बनाकर रहने लगे हैं। बाढ़ पीड़ितों को पानी में डालने के लिए क्लोरीन की गोलियां और सभी परिवारों को उल्टी, दस्त, बुखार, सर्दी जुकाम आदि बीमारियों की दवा भी वितरित की। बाढ़ पीड़ितों को शरण के लिए सुरक्षित स्थान, तिरपाल, भोजन, दवाईयों सहित आवश्यकतानुसार अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई। डाक्टरों की टीम में सतेंद्र यादव, श्याम बिहारी, टिंकू आदि शामिल रहे।
उसहैत। क्षेत्र के दो गांव असमया रफतपुर और अहमद नगर बझोरा में गंगा का पानी आ जाने के कारण लोगों ने अपने-अपने घरों से जरूरत का सामान निकालना शुरू कर दिया है। कोन का नगला, धोबी का नगला, कदम नगला, जसवंत नगला गांवों की ओर भी पानी तेजी से बढ़ रहा है। लोगों में गंगा के पानी के बढने से तमाम आशंकाएं सता रही हैं।