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प्रसूताओं की दिक्कत पर चिकित्साधीक्षक को घेरा
अमर उजाला ब्यूरो/ उझानी
Updated Sun, 28 May 2017 12:28 AM IST
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भाकियू कार्यकर्ताओं ने लगाया नर्सों पर वसूली करने का आरोप
भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसूताओं की दिक्कतों को उठाते हुए हंगामा किया। नर्सों पर मनमानी और लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। चिकित्साधीक्षक का घेराव कर उन्हें ज्ञापन सौंपा गया। कार्रवाई नहीं होने पर यूनियन के नेताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी।
यूनियन कार्यकर्ता दोपहर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने वार्डों में मौजूद प्रसूताओं के तीमारदारों से बात कर उनको मिलने वाली सुविधाओं में खामी को उजागर किया। नगर अध्यक्ष चंद्रमोहन वर्मा ने बताया कि प्रसूताओं को शासन की मंशा के अनुरूप भोजन और नाश्ता उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। प्रसव पीड़ा से परेशान किसी गर्भवती महिला को रात में अस्पताल में भर्ती कराने को पहुंचने पर स्टाफ नर्सें नहीं मिलतीं। लेडी डॉक्टर की बजाय प्रसव नर्सों के जरिए कराया जाता है जिससे प्रसूताओं की जान पर खतरा बना रहता है। अस्पताल परिसर में शौचालय साफ नहीं कराए जाने पर भी कार्यकर्ताओं ने नाराजगी व्यक्त की। नारेबाजी करते हुए चिकित्साधीक्षक डॉ. महेंद्रभान सिंह के कक्ष में पहुंचे यूनियन के कार्यकर्ताओं ने उनका घेराव कर लिया। नर्सों समेत संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और अस्पताल परिसर में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के लिए चिकित्साधीक्षक को ज्ञापन भी दिया। यूनियन के नेताओं का कहना है कि मरीजों के अनुरूप माहौल नहीं बना तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। घेराव और प्रदर्शन के दौरान जिला सचिव दुर्वेंद्र चौहान, आसिम उमर, रामदास प्रजापति, रामकुमार, मटरूलाल, नन्हेलाल, होतीलाल, सतीश, रजनेश शर्मा और रामेश्वर प्रजापति मौजूद थे।
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भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसूताओं की दिक्कतों को उठाते हुए हंगामा किया। नर्सों पर मनमानी और लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। चिकित्साधीक्षक का घेराव कर उन्हें ज्ञापन सौंपा गया। कार्रवाई नहीं होने पर यूनियन के नेताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी।
यूनियन कार्यकर्ता दोपहर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने वार्डों में मौजूद प्रसूताओं के तीमारदारों से बात कर उनको मिलने वाली सुविधाओं में खामी को उजागर किया। नगर अध्यक्ष चंद्रमोहन वर्मा ने बताया कि प्रसूताओं को शासन की मंशा के अनुरूप भोजन और नाश्ता उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। प्रसव पीड़ा से परेशान किसी गर्भवती महिला को रात में अस्पताल में भर्ती कराने को पहुंचने पर स्टाफ नर्सें नहीं मिलतीं। लेडी डॉक्टर की बजाय प्रसव नर्सों के जरिए कराया जाता है जिससे प्रसूताओं की जान पर खतरा बना रहता है। अस्पताल परिसर में शौचालय साफ नहीं कराए जाने पर भी कार्यकर्ताओं ने नाराजगी व्यक्त की। नारेबाजी करते हुए चिकित्साधीक्षक डॉ. महेंद्रभान सिंह के कक्ष में पहुंचे यूनियन के कार्यकर्ताओं ने उनका घेराव कर लिया। नर्सों समेत संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और अस्पताल परिसर में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के लिए चिकित्साधीक्षक को ज्ञापन भी दिया। यूनियन के नेताओं का कहना है कि मरीजों के अनुरूप माहौल नहीं बना तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। घेराव और प्रदर्शन के दौरान जिला सचिव दुर्वेंद्र चौहान, आसिम उमर, रामदास प्रजापति, रामकुमार, मटरूलाल, नन्हेलाल, होतीलाल, सतीश, रजनेश शर्मा और रामेश्वर प्रजापति मौजूद थे।
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