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Budaun News: नखासे पर कब्जे के लिए तीन दशक लड़े मुकदमा, अब दोनों पक्ष को सजा

Wed, 27 Aug 2025 12:52 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 27 Aug 2025 12:52 AM IST
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Case fought for three decades for possession of Nakhase, now both sides are punished
सजा के बाद कोर्ट से दो​षियों को जेल ले जाती पुलिस, मौजूद परिवार के लोग। स्रोत:परिजन
बदायूं। वर्चस्व के झगड़े में दो परिवार 31 साल तक एक दूसरे को सजा दिलाने के लिए कोर्ट की पैरवी करते रहे। इतने साल बाद जब फैसला आया तो होश उड़ गए। दोनों पक्ष खुद को निर्दोष साबित करने लिए अपने-अपने अधिवक्ताओं से जोर आजमाइश कराते रहे। मंगलवार को दोनों पक्ष के 10 लोग दोषी पाए गए। कोर्ट ने इन लोगों को 22 अगस्त को ही जेल भेज दिया था। सजा मंगलवार को सुनाई गई। दोनों ही परिवार के लोग गमजदा हैं।
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दातागंज कस्बे के मोहल्ला तकिया के रहने वाले निसार और राशिद खां एक ही परिवार से थे। परिवार की 32 बीघा जमीन पर नखासा बाजार लगता था। यह क्षेत्र का सबसे बड़ा नखासा था। दोनों ही बाजार से आने वाली धनराशि को आपस में बांट लेते थे। वर्चस्व की जंग उस समय शुरू हुई जब दोनों पक्ष बाजार पर अपना हक जताते हुए धनराशि हड़पने में लग गए। दोनों ओर से दीवानी का केस कोर्ट में दायर किया गया।
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अब एक संयुक्त परिवार दो हिस्सों में बंट चुका था। एक दूसरे को मारने की फिराक में रहने लगे। कई बार एक दूसरे ने जानलेवा हमले भी किए, लेकिन मामला पुलिस तक नहीं पहुंचा था। आठ अप्रैल को रुपये के बंटवारे को लेकर एक दूसरे ने जानलेवा हमला कर दिया। निसार अहमद ने 11 लोगों के खिलाफ तो राशिद ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। तब से अब तक मुकदमा कोर्ट में चल रहा था। इस दौरान दोनों वादी की मौत हो गई। इसके बाद उनके बेटों ने कोर्ट की पैरवी शुरू की। वर्चस्व की लड़ाई जो शुरू हुई तो चलती रही। इस दौरान दोनों पक्ष के आठ जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज था, उनकी मौत हो गई। 10 लोग बचे जो अब सभी 60 साल से अधिक की उम्र के हो गए है। दोनों पक्ष के लोगों ने हार नहीं मानी और नतीजा सामने आया कि सभी 10 आरोपियों को 10-10 साल की सजा हो गई। सभी को 31 साल बाद 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड भी देना होगा। जबकि लूट मात्र तीन हजार रुपये की थी। अगर उसी समय मामले को परिवार और रिश्तेदारों के माध्यम से निपट गया होता तो आज यह दिन देखने को नहीं मिलता।
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नखासा का आज भी हो रहा संचालन
नखासे पर आज भी दोनों पक्षों का कब्जा है। दोनों पक्ष बाजार के रुपये ले रहे हैं। महीने में चार नखासे लगते हैं। उसमें से दो बार से होने वाली आमदनी को निसार अहमद के बेटे ले रहे हैं। जबकि दो बाजार से होने वाली आमदनी को राशिद उल्ला खां के बेटे लेते आ रहे हैं।
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