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चीनी मिलें जल्द से जल्द करें गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान, वरना होगी कार्रवाई
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बदायूं। डीएम कुमार प्रशांत ने जिला गन्ना अधिकारी समेत आठ चीनी मिलों के प्रतिनिधियों के साथ गन्ना भुगतान को लेकर समीक्षा की। डीएम ने चीनी मिलों के प्रबंधकों को जल्द से जल्द गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान करने के निर्देश दिए। कहा कि लापरवाही बरतने वाली चीनी मिलों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार को कलक्ट्रेट में आयोजित बैठक में डीएम ने पाया कि जिले के किसान आठ चीनी मिलों को गन्ना बेच रहे हैं। उन पर कुल 16991.69 लाख रुपये गन्ना किसानों का बनता है। इसमें 3628.72 लाख रुपये का भुगतान चीनी मिलों के द्वारा किया जा चुका है, जबकि 13362. 97 लाख रुपये बकाया है। पेराई सत्र 2019-20 के तहत शेखूपुर स्थित चीनी मिल ने 3541.86 लाख रुपये के सापेक्ष 1514.34 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है और 2027.52 लाख रुपये बकाया है। बिसौली स्थित यदु शुगर मिल पर 6711.52 लाख रुपये बकाया है और अब तक कोई भी भुगतान नहीं किया गया है। रजपुरा चीनी मिल ने 1511.71 लाख रुपये के सापेक्ष 1176.37 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है और 335.34 लाख रुपये बकाया है।
डीएम ने बताया कि न्यौली शुगर मिल ने 1611.84 लाख रुपये के सापेक्ष मात्र 143.07 लाख रुपये का ही भुगतान किया है, जो मात्र 8.88 प्रतिशत है। 1468.77 लाख रुपये अभी भी बकाया है। फरीदपुर चीनी मिल ने 198.01 लाख रुपये के सापेक्ष 151.62 लाख रुपये का भुगतान किया है और 46.39 लाख रुपये बकाया है। करीमगंज चीनी मिल ने 2461.33 लाख रुपये के सापेक्ष 560.69 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है, मिल पर 1900.64 लाख रुपये बकाया है। मझावली चीनी मिल ने 181.6 लाख रुपये के सापेक्ष 26.27 लाख रुपये का भुगतान करने के बाद 155.33 लाख रुपये अब भी बकाया है। बिलारी चीनी मिल ने 773.82 लाख रुपये के सापेक्ष 56.36 लाख रुपये का भुगतान कर दिया और 717.46 लाख रुपये बकाया है। डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जल्द से जल्द चीनी मिल किसानों को भुगतान करें। अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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बुधवार को कलक्ट्रेट में आयोजित बैठक में डीएम ने पाया कि जिले के किसान आठ चीनी मिलों को गन्ना बेच रहे हैं। उन पर कुल 16991.69 लाख रुपये गन्ना किसानों का बनता है। इसमें 3628.72 लाख रुपये का भुगतान चीनी मिलों के द्वारा किया जा चुका है, जबकि 13362. 97 लाख रुपये बकाया है। पेराई सत्र 2019-20 के तहत शेखूपुर स्थित चीनी मिल ने 3541.86 लाख रुपये के सापेक्ष 1514.34 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है और 2027.52 लाख रुपये बकाया है। बिसौली स्थित यदु शुगर मिल पर 6711.52 लाख रुपये बकाया है और अब तक कोई भी भुगतान नहीं किया गया है। रजपुरा चीनी मिल ने 1511.71 लाख रुपये के सापेक्ष 1176.37 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है और 335.34 लाख रुपये बकाया है।
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डीएम ने बताया कि न्यौली शुगर मिल ने 1611.84 लाख रुपये के सापेक्ष मात्र 143.07 लाख रुपये का ही भुगतान किया है, जो मात्र 8.88 प्रतिशत है। 1468.77 लाख रुपये अभी भी बकाया है। फरीदपुर चीनी मिल ने 198.01 लाख रुपये के सापेक्ष 151.62 लाख रुपये का भुगतान किया है और 46.39 लाख रुपये बकाया है। करीमगंज चीनी मिल ने 2461.33 लाख रुपये के सापेक्ष 560.69 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है, मिल पर 1900.64 लाख रुपये बकाया है। मझावली चीनी मिल ने 181.6 लाख रुपये के सापेक्ष 26.27 लाख रुपये का भुगतान करने के बाद 155.33 लाख रुपये अब भी बकाया है। बिलारी चीनी मिल ने 773.82 लाख रुपये के सापेक्ष 56.36 लाख रुपये का भुगतान कर दिया और 717.46 लाख रुपये बकाया है। डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जल्द से जल्द चीनी मिल किसानों को भुगतान करें। अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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