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प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से लौट रही बस पलटी, एडीओ समेत 19 महिलाएं घायल
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बदायूं/उसहैत। प्रयागराज में भाजपा के महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम से लौट रही बस उसहैत थाना क्षेत्र में हरेंडी गांव के नजदीक अनियंत्रित होकर पलट गई। इसमें एडीओ समेत समूह से जुड़ी 19 महिलाएं घायल हो गईं। एडीओ को अलीगढ़ रेफर किया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने घायलों की हालत जानी और हादसे के संबंध में जानकारी ली।
हादसा बुधवार सुबह करीब छह बजे हुआ। उस दौरान एक निजी बस स्वयं सहायता समूह की 48 महिलाओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम से प्रयागराज से लौट रही थी। सवार महिलाओं के मुताबिक बस में दो ड्राइवर और एक हेल्पर थे। उसहैत आने के बाद बस का स्टेयरिंग हेल्पर ने संभाल लिया था। जबकि ड्राइवर यात्रियों की सीट पर आकर बैठ गया था। जैसे ही बस उसहैत-कादरचौक रोड पर हरेंडी गांव के नजदीक पहुंची कि तभी बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े दो पोल को तोड़ते हुए जाकर पलट गई। गनीमत ये रही कि उस दौरान बिजली सप्लाई चालू नहीं थी। अन्यथा पूरी बस में करंट दौड़ जाता। फिर और बड़ा हादसा हो जाता। बस के आगे एक गहरी खाई भी थी। दूसरी राहत की बात यह रही कि बस उसमें भी जाने से बच गई।
हादसे के बाद बस सवार महिलाओं में चीत्कार मच गई। शोर शराबा सुनकर तमाम स्थानीय लोग आ गए। उन्होंने तुरंत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी। इससे पुलिस मौके पर पहुंच गई। हादसे में सकरी कासिमपुर निवासी गीता, सुनीता, गुठायन नगला की रीना, चौडेरा गांव की राखी, लभारी की ज्योति, जोरीनगला की सीमा, सदाठेर गांव की लक्ष्मी व प्रियंका, पसेई निवासी सुनीता व रामदेवी, इस्माइलपुर की शबाना व नगमा, मंडी समिति इलाके की निधि, ककोडा की सूरजवती, मुगर्रा टटेई की रानी और एडीओ एग्रीकल्चर अजय कुमार सारस्वत के अलावा बीपीएम संजीव यादव घायल हो गए। सभी को कादरचौक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। इनमें एडीओ अजय कुमार को अलीगढ़ भेजा गया है। हादसे की सूचना पर डीएम दीपा रंजन, एसएसपी डॉ. ओपी सिंह, एसपी सिटी प्रवीन सिंह चौहान, सीओ गजेंद्र कुमार श्रोत्रिय और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। बाद में उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना।
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स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की खुली पोल
कादरचौक स्वास्थ्य केंद्र पर बुधवार सुबह घायलों को लाए जाने के दौरान वहां एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं थे। केवल एक कर्मचारी था। उससे भी ठीक से घायलों का इलाज नहीं हो पाया। उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। तब कहीं एक डॉक्टर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उन्होंने भी इलाज से ज्यादा उन्हें जिला अस्पताल रेफर करना जरूरी समझा। सभी घायलों को अस्पताल रेफर कर दिया गया लेकिन किसी को स्वास्थ्य केंद्र में उपचार नहीं मिला।
अलग कार से गए थे सचिव, जिम्मेदारी भूल बैठे
समूह से जुड़ी महिलाओं को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में ले जाने और लाने की पूरी जिम्मेदारी सचिव नवीन माहेश्वरी की थी। घायल महिलाओं के मुताबिक सचिव उनके पास तक नहीं आए। वह अलग कार से कार्यक्रम में गए थे। वह बस के साथ भी नहीं चल रहे थे। उनका कहना था कि रास्ते में खाने पीने तक का ख्याल नहीं रखा गया। ऐसे गैर जिम्मेदार अधिकारियों को महिलाओं को लाने और ले जाने की जिम्मेदारी दी गई और वह अलग कार से ही गए और उनके साथ भी नहीं लौटे।
बस में छूट गए तमाम महिलाओं के बैग
हादसे के दौरान पूरा अफरातफरी का माहौल हो गया था। बस पलटने के दौरान सभी महिलाएं बहुत घबरा गईं थीं। ऐसे में किसी महिला का बस में बैग तो किसी का पर्स ही छूट गया। हादसे के बाद बस के ड्राइवर और हेल्पर दिखाई नहीं दिए।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से लौट रही बस उसहैत-कादरचौक रोड पर पलटी है। इसमें कुछ महिलाओं को चोट आई है। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। हमने मौके पर जाकर उनका हाल जाना। सभी की हालत ठीक है। - डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
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हादसा बुधवार सुबह करीब छह बजे हुआ। उस दौरान एक निजी बस स्वयं सहायता समूह की 48 महिलाओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम से प्रयागराज से लौट रही थी। सवार महिलाओं के मुताबिक बस में दो ड्राइवर और एक हेल्पर थे। उसहैत आने के बाद बस का स्टेयरिंग हेल्पर ने संभाल लिया था। जबकि ड्राइवर यात्रियों की सीट पर आकर बैठ गया था। जैसे ही बस उसहैत-कादरचौक रोड पर हरेंडी गांव के नजदीक पहुंची कि तभी बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े दो पोल को तोड़ते हुए जाकर पलट गई। गनीमत ये रही कि उस दौरान बिजली सप्लाई चालू नहीं थी। अन्यथा पूरी बस में करंट दौड़ जाता। फिर और बड़ा हादसा हो जाता। बस के आगे एक गहरी खाई भी थी। दूसरी राहत की बात यह रही कि बस उसमें भी जाने से बच गई।
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हादसे के बाद बस सवार महिलाओं में चीत्कार मच गई। शोर शराबा सुनकर तमाम स्थानीय लोग आ गए। उन्होंने तुरंत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी। इससे पुलिस मौके पर पहुंच गई। हादसे में सकरी कासिमपुर निवासी गीता, सुनीता, गुठायन नगला की रीना, चौडेरा गांव की राखी, लभारी की ज्योति, जोरीनगला की सीमा, सदाठेर गांव की लक्ष्मी व प्रियंका, पसेई निवासी सुनीता व रामदेवी, इस्माइलपुर की शबाना व नगमा, मंडी समिति इलाके की निधि, ककोडा की सूरजवती, मुगर्रा टटेई की रानी और एडीओ एग्रीकल्चर अजय कुमार सारस्वत के अलावा बीपीएम संजीव यादव घायल हो गए। सभी को कादरचौक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। इनमें एडीओ अजय कुमार को अलीगढ़ भेजा गया है। हादसे की सूचना पर डीएम दीपा रंजन, एसएसपी डॉ. ओपी सिंह, एसपी सिटी प्रवीन सिंह चौहान, सीओ गजेंद्र कुमार श्रोत्रिय और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। बाद में उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना।
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स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की खुली पोल
कादरचौक स्वास्थ्य केंद्र पर बुधवार सुबह घायलों को लाए जाने के दौरान वहां एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं थे। केवल एक कर्मचारी था। उससे भी ठीक से घायलों का इलाज नहीं हो पाया। उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। तब कहीं एक डॉक्टर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उन्होंने भी इलाज से ज्यादा उन्हें जिला अस्पताल रेफर करना जरूरी समझा। सभी घायलों को अस्पताल रेफर कर दिया गया लेकिन किसी को स्वास्थ्य केंद्र में उपचार नहीं मिला।
अलग कार से गए थे सचिव, जिम्मेदारी भूल बैठे
समूह से जुड़ी महिलाओं को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में ले जाने और लाने की पूरी जिम्मेदारी सचिव नवीन माहेश्वरी की थी। घायल महिलाओं के मुताबिक सचिव उनके पास तक नहीं आए। वह अलग कार से कार्यक्रम में गए थे। वह बस के साथ भी नहीं चल रहे थे। उनका कहना था कि रास्ते में खाने पीने तक का ख्याल नहीं रखा गया। ऐसे गैर जिम्मेदार अधिकारियों को महिलाओं को लाने और ले जाने की जिम्मेदारी दी गई और वह अलग कार से ही गए और उनके साथ भी नहीं लौटे।
बस में छूट गए तमाम महिलाओं के बैग
हादसे के दौरान पूरा अफरातफरी का माहौल हो गया था। बस पलटने के दौरान सभी महिलाएं बहुत घबरा गईं थीं। ऐसे में किसी महिला का बस में बैग तो किसी का पर्स ही छूट गया। हादसे के बाद बस के ड्राइवर और हेल्पर दिखाई नहीं दिए।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से लौट रही बस उसहैत-कादरचौक रोड पर पलटी है। इसमें कुछ महिलाओं को चोट आई है। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। हमने मौके पर जाकर उनका हाल जाना। सभी की हालत ठीक है। - डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी