Budaun News: उझानी में सड़क पर भिड़े सांड़, एक सरकारी अस्पताल में घुसा, चपेट में आने से गर्भवती घायल
बदायूं के उझानी में सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंश खतरे का सबब बने हुए हैं। बृहस्पतिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने उझानी स्टेशन रोड पर दो सांड़ भिड़ गए। एक सांड़ अस्पताल में घुस गया, जिसकी चपेट में आने से गर्भवती महिला घायल हो गई।
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बदायूं के उझानी में स्टेशन रोड पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने दो सांड भिड़ गए। करीब 10 मिनट तक आपस में भिड़ने के बाद एक सांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में घुस गया। उसकी चपेट में आकर एक गर्भवती घायल हो गई। सांड़ों की लड़ाई के दौरान स्टेशन रोड पर यातायात रुक गया। काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
सांड़ों की बीच सड़क भिड़ंत का मामला बृहस्पतिवार दोपहर का है। उस वक्त सड़क पर वाहनों के साथ ही राहगीरों की भी खासी आवाजाही थी। दोनों सांड़ करीब 10 मिनट तक बीच सड़क पर भिड़ते रहे। इस दौरान उन्हें भगाने के लिए फल और जूस विक्रेताओं ने उनके ऊपर पानी फेंका तो एक सांड़ सीएचसी में घुस गया।
उसकी चपेट में आकर आपातकालीन कक्ष के सामने खड़ीं गांव रायपुर निवासी गर्भवती उस्मीन (26) पत्नी सलमान औंधे मुंह गिर पड़ीं। उन्हें सलमान ने आशा कार्यकर्ताओं की मदद से उठाया। उस्मीन का प्राथमिक उपचार भी कराया गया। तब तक अस्पताल कर्मियों ने सांड़ को खदेड़ दिया।
चश्मदीद नाजमा और हरिओम ने बताया कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। सांड़ पहले भी स्टेशन रोड पर आपस में लड़ते दिखे हैं। पिछले दिनों कृषि विज्ञान केंद्र के सामने बाइक सवार कछला निवासी नेमचंद्र सांड़ के हमले में घायल हो गए थे। बाजार में सांड़ों की आवाजाही बनी रहती है।
उझानी के दोनों गोआश्रय स्थल पहले से हैं फुल
उझानी कस्बे में नगर पालिका परिषद का अपना गोआश्रय स्थल है। इसमें करीब 50 गोवंशीय पशुओं को रखने की व्यवस्था है। श्री कामधेनु गोआश्रय स्थल में करीब डेढ़ सौ पशु हैं। कस्बे में करीब 30 सांड़ छुट्टा घूम रहे हैं। ईओ अब्दुल शबूर का कहना है कि सूचना पर पालिका के सफाई कर्मियों को मौके पर भेजा गया, लेकिन तब तक दोनों सांड़ वहां से भाग चुके थे। आवारा सांड़ों को पकड़ कर कहां छोड़ा जाए, इसमें दिक्कत आती है।
पल भर के लिए लगा कि जान चली जाएगी
अस्पताल परिसर में सांड़ के हमले में घायल गर्भवती उस्मीन की हालत देख आसपास के मरीजों को पल भर के लिए ऐसा लगा कि उसकी जान चली जाएगी। आनन-फानन घायल उस्मीन को परिजन उठाकर इमरजेंसी रूम में ले गए तो चिकित्साधिकारी डॉ. आकांक्षा माहेश्वरी ने उनके पैर में चोट बताई। चिकित्साधीक्षक डॉ. राजकुमार गंगवार ने बताया कि फिर ऐसा न हो, इसके लिए एक कर्मचारी को गेट पर तैनात करेंगे।