अफीम कांड: बदायूं के अफसर दबाए रहे मामला, पीलीभीत की एएसपी ने घर-घर जाकर दर्ज किए बयान
बदायूं के इस्लामनगर थाने में अफीम के आरोपियों को आठ लाख रुपये लेकर छोड़ने के मामले में जांच तेज हो गई है। डीआईजी के आदेश पर पीलीभीत की एएसपी नताशा गोयल ने शुक्रवार को बदायूं और बरेली में जांच की। उन्होंने थाना स्टाफ से पूछताछ की, सीसीटीवी फुटेज देखे और आरोपियों के घर जाकर बयान दर्ज किए।
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बदायूं के इस्लामनगर थाने में बरेली जिले के दो युवकों समेत तीन लोगों को अफीम समेत पकड़ने और आठ लाख रुपये लेकर छोड़ने के मामले को वहां के अफसर दबाए रहे। डीआईजी के आदेश पर पीलीभीत की एएसपी नताशा गोयल ने शुक्रवार को दिनभर बदायूं और बरेली में रहकर जांच की।
सूत्रों के मुताबिक उन्होंने काफी जानकारी हासिल कर ली है। थाना प्रभारी भी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। सितंबर में हुए मामले की पहली जांच सीओ बिल्सी को मिली थी। इसमें पुलिस को क्लीनचिट देने की तैयारी थी।
अमर उजाला ने किया था खुलासा
अमर उजाला ने मामले को उजागर किया तो डीआईजी ने पीलीभीत की एएसपी नताशा गोयल को और बदायूं एसएसपी अंकिता शर्मा ने वहां के एसपी सिटी अभिषेक सिंह को जांच सौंपी थी। नताशा गोयल शुक्रवार को इस्लामनगर थाने पहुंचीं। वहां उन्होंने थाना प्रभारी धनंजय सिंह समेत स्टाफ से पूछताछ की। अलग-अलग बयान दर्ज किए। थाने के सीसीटीवी कैमरे चेक किए।
थाने के पीछे का वह रास्ता देखा जिससे आरोपियों और लाने व सौदे के बाद सुबह छोड़ने की बात कही जा रही है। एएसपी ने बदायूं जिले के दबतोरी व बरेली के सिरौली थाने के गांव शिवपुरी में उन तीनों आरोपियों के घर जाकर बयान दर्ज किए।
आरोपियों ने खुद को बेकसूर बताया
सूत्रों के मुताबिक, सभी ने खुद को बेकसूर बताया। हालांकि, गांव वालों ने लाखों रुपये नकद जुटाकर इस्लामनगर थाना पुलिस को सौंपने की बात कही। आरोपियों को छुड़ाकर लाने वाले प्रधानी चुनाव की तैयारी कर रहे लोगों ने भी हकीकत बयां कर दी।
एएसपी ने जल्द रिपोर्ट सौंपने की बात कही है। इसके विपरीत, बदायूं के एसपी सिटी अब तक केवल आरोपियों के बयान दर्ज कर सके हैं। उन्होंने बताया कि वह साक्ष्य जुटा रहे हैं।
ये है मामला
शिवपुरी निवासी दो युवकों व उनके दबतोरी निवासी रिश्तेदार से इस्लामनगर पुलिस के सिपाहियों ने ग्राहक बनकर अफीम की डील की थी। बताते हैं कि रात में जब तीनों अफीम लेकर इस्लामनगर पहुंचे तो पुलिस उन्हें पकड़कर थाने के पिछले गेट से एक क्वार्टर में ले गई। सौदेबाजी के बाद आरोपियों के परिजनों ने गांव में चंदा करके आठ लाख रुपये जुटाए। सुबह पुलिस ने तीनों को बिना कार्रवाई के छोड़ दिया।
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि पीलीभीत की एएसपी से सभी बिंदुओं पर जांच करके रिपोर्ट तलब की गई है। जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।