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बसपा की जिला कार्यकारिणी से तीन पदाधिकारी हटाए गए
बदायूं, ब्यूरो
Updated Tue, 29 Mar 2016 12:10 AM IST
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बिसौली विधानसभा क्षत्र की कार्यकारिणी को किया भंग
योगेंद्र सागर के पुत्र कुशाग्र को टिकट की पैरवी पड़ी महंगी
कुशाग्र सागर को बिसौली से टिकट देने का समर्थन करना तीन पदाधिकारियों को भारी पड़ा। बसपा की जिला कार्यकारिणी से तीन बड़े पदाधिकारियों को जोन कोआर्डिनेटर की सलाह पर जिलाध्यक्ष ने हटा दिया है। इनको पदों से हटाकर अभी किसी पद पर भी नहीं रखा है। इससे बसपा मे अंदरखाने खिचाव पैदा हो गया है। हालांकि इन पदाधिकारियों को हटाने के लिए कोई कारण बसपा नेतृत्व ने नहीं खोला है, लेकिन अंदरखाने यही चर्चा जोरों पर है।
बसपा के जोन कोआर्डिनेटर राममूर्ति लाल एडवोकेट से संस्तुति कराके जिलाध्यक्ष डॉ. क्रांति कुमार ने जिला उपाध्यक्ष डीपी पाल को हटाकर उनके स्थान पर ज्ञान सिंह पाल, जिला महासचिव जगदीश सरन के स्थान पर मोर सिंह और जिला सचिव मनोज कश्यप के स्थान पर रवि मौर्य को मनोनीत कर दिया है। यहीं नहीं बिसौली विधानसभा क्षेत्र की पूरी कार्यकारिणी को ही भंग कर दिया गया है। पार्टी सूत्रों की मानें तो यह सभी पदाधिकारी और बिसौली विधानसभा क्षेत्र की कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने पूर्व विधायक योगेंद्र सागर के पुत्र कुशाग्र सागर को बिसौली से प्रत्याशी बनाए जाने को पहल की थी। बसपा के दिग्गज नसीमउद्दीन सिद्दीकी से भी इस संबंध में मुलाकात की। यह बात यहां जिलाध्यक्ष और उनसे ऊपर क पदाधिकारियों को नागवार लगी। इस प्रयास को पार्टी उसूलों के खिलाफ माना गया।
बताते हैं कि बाद में बरेली आए बसपा के दिग्गज नेता नसीमउद्दीन सिद्दीकी से जिलाध्यक्ष और ऊपर के पदाधिकारी मिले। उनको विश्वास में लेकर पार्टी के इन पदाधिकारियों को कार्यकारिणी से बेदखल कर दिया गया है। यहां बता दें कि जिलाध्यक्ष और जोन कोआर्डिनेटर के हस्ताक्षर से जारी पदाधिकारियों को निकाले जाने वाले पत्र में पदाधिकारियों को हटाए जाने का कोई महत्वपूर्ण कारण घोषित नहीं किया गया है। जिलाध्यक्ष डॉ. क्रांति कुमार ने कहा है कि पार्टी के उच्च निर्देशानुसार ही इन पदाधिकारियों को हटाया गया है, क्यों हटाया गया है? इस पर वह चुप्पी साध गए।
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योगेंद्र सागर के पुत्र कुशाग्र को टिकट की पैरवी पड़ी महंगी
कुशाग्र सागर को बिसौली से टिकट देने का समर्थन करना तीन पदाधिकारियों को भारी पड़ा। बसपा की जिला कार्यकारिणी से तीन बड़े पदाधिकारियों को जोन कोआर्डिनेटर की सलाह पर जिलाध्यक्ष ने हटा दिया है। इनको पदों से हटाकर अभी किसी पद पर भी नहीं रखा है। इससे बसपा मे अंदरखाने खिचाव पैदा हो गया है। हालांकि इन पदाधिकारियों को हटाने के लिए कोई कारण बसपा नेतृत्व ने नहीं खोला है, लेकिन अंदरखाने यही चर्चा जोरों पर है।
बसपा के जोन कोआर्डिनेटर राममूर्ति लाल एडवोकेट से संस्तुति कराके जिलाध्यक्ष डॉ. क्रांति कुमार ने जिला उपाध्यक्ष डीपी पाल को हटाकर उनके स्थान पर ज्ञान सिंह पाल, जिला महासचिव जगदीश सरन के स्थान पर मोर सिंह और जिला सचिव मनोज कश्यप के स्थान पर रवि मौर्य को मनोनीत कर दिया है। यहीं नहीं बिसौली विधानसभा क्षेत्र की पूरी कार्यकारिणी को ही भंग कर दिया गया है। पार्टी सूत्रों की मानें तो यह सभी पदाधिकारी और बिसौली विधानसभा क्षेत्र की कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने पूर्व विधायक योगेंद्र सागर के पुत्र कुशाग्र सागर को बिसौली से प्रत्याशी बनाए जाने को पहल की थी। बसपा के दिग्गज नसीमउद्दीन सिद्दीकी से भी इस संबंध में मुलाकात की। यह बात यहां जिलाध्यक्ष और उनसे ऊपर क पदाधिकारियों को नागवार लगी। इस प्रयास को पार्टी उसूलों के खिलाफ माना गया।
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बताते हैं कि बाद में बरेली आए बसपा के दिग्गज नेता नसीमउद्दीन सिद्दीकी से जिलाध्यक्ष और ऊपर के पदाधिकारी मिले। उनको विश्वास में लेकर पार्टी के इन पदाधिकारियों को कार्यकारिणी से बेदखल कर दिया गया है। यहां बता दें कि जिलाध्यक्ष और जोन कोआर्डिनेटर के हस्ताक्षर से जारी पदाधिकारियों को निकाले जाने वाले पत्र में पदाधिकारियों को हटाए जाने का कोई महत्वपूर्ण कारण घोषित नहीं किया गया है। जिलाध्यक्ष डॉ. क्रांति कुमार ने कहा है कि पार्टी के उच्च निर्देशानुसार ही इन पदाधिकारियों को हटाया गया है, क्यों हटाया गया है? इस पर वह चुप्पी साध गए।
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