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बीएसए तहसील दिवस में गए और शिक्षक घर
बदायूं, ब्यूरो
Updated Tue, 02 Aug 2016 11:35 PM IST
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जिले में बेपटरी चल रही बेसिक शिक्षा को दुरुस्त करने में जुटे बीएसए पीसी यादव के तमाम प्रयोगों पर शिक्षक नेता पानी फेरते नजर आ रहे हैं।
- फोटो : अमर उजाला
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समय से पूर्व ही विद्यालयों में लटके मिले ताले
बीएसए बोले, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिले में बेपटरी चल रही बेसिक शिक्षा को दुरुस्त करने में जुटे बीएसए पीसी यादव के तमाम प्रयोगों पर शिक्षक नेता पानी फेरते नजर आ रहे हैं। पिछले एक माह में पूरे जिले में निरीक्षण कर कई शिक्षकों के वेतन काटने से लेकर सर्विस बुक में प्रतिकूल प्रविष्टि होने के बावजूद शिक्षक सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। शिक्षकों की समस्याओं को सुलझाने और बीएसए कार्यालय के किसी भी काम को चुटकियों में कराने का दावा करने वाले कथित शिक्षक नेता भी अपने विद्यालयों की स्थिति नहीं सुधार पा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि या तो शिक्षक सुधरना नहीं चाहते या उन्हें बीएसए का डर नहीं है।
बेसिक शिक्षा को सुधारने के लिए बीएसए पीसी यादव ने जिले में कई प्रयोग किए हैं। दो दिन पहले ही उन्होंने कार्यालय में दो अनुदेशकों को सिर्फ इसलिए संबद्ध किया है, ताकि वे कार्यालय में बैठकर जिले के किसी भी प्रधानाध्यापक के मोबाईल पर कॉल कर उपस्थिति दर्ज कर सकें, लेकिन बीएसए द्वारा किए जा रहे सभी प्रयोग बेअसर साबित हो रहे हैं। मंगलवार को जब बीएसए दातागंज में तहसील दिवस में मौजूद रहे तो मानों शिक्षकों की चांदी हो गई और समय से पूर्व ही विद्यालयों में ताले लटकाकर चल दिए। बेसिक शिक्षा के स्कूलों को स्थिति बयां करती लाइव खबर।
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समय दोपहर 11:45 बजे। नगर क्षेत्र के मोहल्ला पटियाली सराय स्थित प्राथमिक विद्यालय में ताले लटके मिले। इस विद्यालय में शिक्षक नेता की पत्नी भी सहायक अध्यापक है। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि क्या बीएसए द्वारा इस विद्यालय के स्टाफ पर कार्रवाई की जाएगी।
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खेड़ा नवादा स्थित प्राथमिक विद्यालय में महिला शिक्षक पढ़ा तो हिंदी रही थीं, लेकिन उन्होंने ब्लैकबोर्ड पर विषय के कॉलम में गणित भर रखा था। ऐसे में शिक्षक का इस कदर गैरजिम्मेदार व्यवहार बच्चों पर क्या प्रभाव डालेगा। इस दौरान विद्यालय के प्रधानाध्यापक भी विद्यालय से गायब मिले।
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खेड़ा नवादा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा आठ में शिक्षिका ने गणित के सवालों को गंदे बोर्ड पर ही उतार दिया। जिससे बच्चों को देखने में कॉफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस बीच जब उन्होंनें बोर्ड पर गलत तारीख देखी तो तुरंत ही उसे मिटा दिया।
बीएसए बोले, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिले में बेपटरी चल रही बेसिक शिक्षा को दुरुस्त करने में जुटे बीएसए पीसी यादव के तमाम प्रयोगों पर शिक्षक नेता पानी फेरते नजर आ रहे हैं। पिछले एक माह में पूरे जिले में निरीक्षण कर कई शिक्षकों के वेतन काटने से लेकर सर्विस बुक में प्रतिकूल प्रविष्टि होने के बावजूद शिक्षक सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। शिक्षकों की समस्याओं को सुलझाने और बीएसए कार्यालय के किसी भी काम को चुटकियों में कराने का दावा करने वाले कथित शिक्षक नेता भी अपने विद्यालयों की स्थिति नहीं सुधार पा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि या तो शिक्षक सुधरना नहीं चाहते या उन्हें बीएसए का डर नहीं है।
बेसिक शिक्षा को सुधारने के लिए बीएसए पीसी यादव ने जिले में कई प्रयोग किए हैं। दो दिन पहले ही उन्होंने कार्यालय में दो अनुदेशकों को सिर्फ इसलिए संबद्ध किया है, ताकि वे कार्यालय में बैठकर जिले के किसी भी प्रधानाध्यापक के मोबाईल पर कॉल कर उपस्थिति दर्ज कर सकें, लेकिन बीएसए द्वारा किए जा रहे सभी प्रयोग बेअसर साबित हो रहे हैं। मंगलवार को जब बीएसए दातागंज में तहसील दिवस में मौजूद रहे तो मानों शिक्षकों की चांदी हो गई और समय से पूर्व ही विद्यालयों में ताले लटकाकर चल दिए। बेसिक शिक्षा के स्कूलों को स्थिति बयां करती लाइव खबर।
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समय दोपहर 11:45 बजे। नगर क्षेत्र के मोहल्ला पटियाली सराय स्थित प्राथमिक विद्यालय में ताले लटके मिले। इस विद्यालय में शिक्षक नेता की पत्नी भी सहायक अध्यापक है। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि क्या बीएसए द्वारा इस विद्यालय के स्टाफ पर कार्रवाई की जाएगी।
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खेड़ा नवादा स्थित प्राथमिक विद्यालय में महिला शिक्षक पढ़ा तो हिंदी रही थीं, लेकिन उन्होंने ब्लैकबोर्ड पर विषय के कॉलम में गणित भर रखा था। ऐसे में शिक्षक का इस कदर गैरजिम्मेदार व्यवहार बच्चों पर क्या प्रभाव डालेगा। इस दौरान विद्यालय के प्रधानाध्यापक भी विद्यालय से गायब मिले।
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खेड़ा नवादा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा आठ में शिक्षिका ने गणित के सवालों को गंदे बोर्ड पर ही उतार दिया। जिससे बच्चों को देखने में कॉफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस बीच जब उन्होंनें बोर्ड पर गलत तारीख देखी तो तुरंत ही उसे मिटा दिया।