फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Board of three doctors of medical college also formed for investigating missing eyes of women in Budaun

Budaun: शव से आंखें निकालने के मामले में तीन डॉक्टरों का बोर्ड भी गठित; कार्रवाई पर आईएमए ने उठाए सवाल

Thu, 14 Dec 2023 09:27 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: बरेली ब्यूरो Updated Thu, 14 Dec 2023 09:27 AM IST
सार

आईएमए के जिलाध्यक्ष डॉ. अमित वार्ष्णेय बुधवार दोपहर कई डॉक्टरों के साथ डीएम से मिले। उन्होंने कहा कि इस मामले में दो डॉक्टरों का जेल भेजा जाना न्यायसंगत नहीं है, इससे पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों का मनोबल टूट जाएगा।

विज्ञापन
Board of three doctors of medical college also formed for investigating missing eyes of women in Budaun
कलक्ट्रेट पर डीएम से मिलने पहुंचे डॉक्टर एशोसिएसन के पदाधिकारी। - फोटो : संवाद

विस्तार

बदायूं में महिला पूजा के शव से आंखें निकालने के मामले को डीएम मनोज कुमार ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने जांच के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज के तीन डॉक्टरों का बोर्ड भी गठित किया है, जिससे इस मामले की तह तक पहुंचा जा सके और सबके सामने सच्चाई आ सके। साथ ही प्रशासन की तीन सदस्यीय कमेटी अलग से मामले की जांच करेगी। बाद में दोनों जांच रिपोर्ट का मिलान कराया जाएगा।
विज्ञापन


बुधवार शाम महिला के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. मोहम्मद उवैस और डॉ. मोहम्मद आरिफ हुसैन को जेल भेज दिया गया। इसको लेकर शहर के कुछ डॉक्टरों ने नाराजगी भी व्यक्त की है।
विज्ञापन


आईएमए ने उठाई कार्रवाई पर सवाल 
इधर, डीएम से मुलाकात के दौरान आईएमए पदाधिकारियों ने सीधे पुलिस-प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए और पहले मामले की जांच कराने की मांग की। इसको लेकर डीएम मनोज कुमार ने राजकीय मेडिकल कॉलेज के तीन डॉक्टरों का एक अलग बोर्ड गठित किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

उन्होंने कहा है कि वैसे तो मामले की जांच तीन सदस्यीय कमेटी के साथ सिविल लाइंस पुलिस भी जांच कर रही है। इसको डॉक्टर किस नजरिये से देख रहे हैं। इससे उनके विचार भी सामने आने चाहिए, ऐसे में मेडिकल कॉलेज के तीन डॉक्टरों का बोर्ड भी गठित किया गया है। 

डीएम के अनुसार, जांच कुछ ही दिनों में पूरी करके सब स्पष्ट कर दिया जाएगा। इस बोर्ड में शामिल डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि उनकी जांच में सभी तथ्य शामिल होने चाहिए, जिससे इस मामले की सही जांच हो सके।

डीएम मनोज कुमार ने कहा कि महिला के शव की आंखें निकालने के मामले की जांच चल रही है। इसमें सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा। राजकीय मेडिकल कॉलेज के तीन डॉक्टरों का एक बोर्ड भी गठित किया गया है, जिससे डॉक्टरों का भी विचार सामने आ सके। प्राथमिक जांच में दोनों डॉक्टर दोषी पाए गए हैं। इससे उन्हें जेल भेज दिया गया है। अभी इसकी विस्तृत जांच रिपोर्ट आएगी। 

डीएम से मिले आईएमए पदाधिकारी
आईएमए के जिलाध्यक्ष डॉ. अमित वार्ष्णेय बुधवार दोपहर कई डॉक्टरों के साथ डीएम से मिले। उन्होंने कहा कि इस मामले में दो डॉक्टरों का जेल भेजा जाना न्यायसंगत नहीं है, इससे पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों का मनोबल टूट जाएगा। पहले इस मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए थी। फिर जांच रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आते, उसके आधार पर डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई होती।  कहा कि इससे पहले ही बिना जांच पड़ताल के उन्हें जेल भेजना ठीक नहीं है। वे इसका विरोध करते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed