बोर्ड बैठक में जिप सदस्यों ने निकाली भड़ास
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पिछली बैठक की कार्यवाही के अनुमोदन और पुष्टि को यहां गोविंद बल्लभ पंत सभागार में जिला पंचायत बोर्ड एक बार फिर बैठा। इसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। इसके बाद खुले प्रस्तावों पर चर्चा हुईं। खास बात थी कि सदस्य अधिकारियों की अनसुनी से बेहद खफा थे। उनका मानना था कि अधिकारियों द्वारा जिला पंचायत सदस्यों की शिकायतों को भी हल्के से लिया जाता है। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा प्रतिनिधि भेजने के प्रचलन को भी गंभीरता से लिया गया। सदस्यों ने कहा कि वह अपनी क्षेत्र की जनता की समस्याएं अधिकारियों के सम्मुख रखें तो उनका वरीयता से समाधान होना चाहिए।
बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव ने किया। आमंत्रित सदस्यों में एमएलसी जितेंद्र यादव भी उपस्थित रहे। दोनों ने सदस्यों के प्रस्तावों को समझा और अपनी भी राय दी। अध्यक्ष का मानना था कि जिलास्तरीय अधिकारियों को जिला पंचायत जैसी महत्व की बोर्ड बैठक में शामिल होना चाहिए। जिला पंचायत बोर्ड बैठक 29 अप्रैल को होने वाली थी। अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर शनिवार को आयोजित की गई। दोपहर 12 बजे शुरू होकर एक घंटा में ही निपटी बैठक के मुख्य निशाने पर जिलास्तरीय अधिकारी रहे। उनपर उपेक्षा के आरोप लगे। जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव ने भी इसे गंभीरता से लिया है।
पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि के बाद सदस्यों को अपनी बात रखने का भरपूर मौका मिला। बैठक में 22 अधिकारी मौजूद थे। सीएमओ डॉ. दीपक सक्सेना, डीआरडीए के परियोजना निदेशक रामरक्षपाल सिंह यादव मौजूद रहे लेकिन अधिकतर विभागों के मुखिया अधिकारी ने होने के कारण सदस्यों की जिज्ञासा और प्रश्नों के हल अधूरे रह गए।
एमएलसी की पहल पर सभागार के जीर्णोद्धार का हुआ प्रस्ताव
गोविंद बल्लभ पंत सभागार में जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में सदस्यों ने अपनी सीटों की स्थिति बतानी शुरू की तो सदस्यों में भारी प्रतिक्रिया शुरू हो गई। कुछ सदस्यों ने अपनी सीटों के नीचे लगी ईंटें दिखानी शुरू कर दीं। कहा कि उनके बैठने को सीट तक का इंतजाम नहीं है। एमएलसी जितेंद्र सिंह यादव ने इसके लिए सभागार के जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्व सम्मति से स्वीकार किया गया।
प्रशासनिक अधिकारी के रूप में विनोद के नाम पर मुहर
एजेंडा को आधार माना जाए तो पिछली बैठक में विनोद कुमार यादव की पदोन्नति देकर प्रशासनिक अधिकारी बनाए जाने का प्रस्ताव शामिल था। पिछली बैठक की पुष्टि अनुमोदन के साथ ही वह अब पक्के तौर पर प्रशासनिक अधिकारी बन गए हैं। बोर्ड बैठक में भी वह उपस्थित रहे।
बोर्ड बैठक में गूंजी इन सदस्यों की आवाज
जिला पंचायत बोर्ड बैठक में कुछ सदस्यों अति महत्व के प्रस्तावों को उठाया। वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए विभिन्न योजनाओं के शासन से मिलने वाले धन के आधार पर जहां कार्ययोजना तैयार कराए जाने का प्रस्ताव सर्व सम्मति से हुआ, वहीं दातागंज क्षेत्र के गांव बिहारीपुर में रीबोर लायक हैंडपंप के संबंध में जाकिर हुसैन उर्फ बबलू भैया की सीडीओ से नोकझोंक हो गई। दरअसल उन्होंने इस संबंध में तमाम बार शिकायतें की थीं। दिनेश धारा ने कादरचौक के गांव सिवाया हामिपुर में बिजली के पोल लगाने के बाद भी बिजली न आने की बात उठाई गई। महेंद्र सिंह यादव ने अधिकारियों के बैठक में न आने और उपेक्षा व्यवहार का मामला उठाया। सूखा राहत में किसानों के प्रति सहानुभति का मामला भी उठा। डॉ. गुच्छन इरफान ने जिला पंचायत के डाकबंगले को आरईएस के कब्जे से मुक्त कराए जाने और द्वंदपुर गांव में पात्र लाभार्थियों के आवास से वंचित रहने का मामला उठाया।
इस अवसर पर जिला पंचायत के एएमए हरिपाल सिंह यादव, प्रशासनिक अधिकारी विनोद कुमार यादव, अभियंता संजय शर्मा, अवर अभियंता हरिओम यादव आदि उपस्थित रहे।