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ब्लड कंपोनेंट यूनिट के लिए बनेगा नया भवन, दो करोड़ खर्च होंगे
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जिला अस्पताल का ब्लड बैंक। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट यूनिट की स्थापना का काम जल्द शुरू हो जाएगा। यूनिट के लिए ब्लड बैंक के पास ही खाली पड़ी जमीन पर नया भवन बनाया जाएगा। बृहस्पतिवार को बरेली से आई टीम ने ब्लड बैंक का निरीक्षण करने के साथ ही यहां नए भवन निर्माण के लिए जमीन को भी चिह्नित किया। भवन निर्माण का काम जल्द शुरू हो जाएगा।
ब्लड कंपोनेंट यूनिट स्थापित होने के बाद एक यूनिट ब्लड चार लोगों की जान बचाने के काम आएगा। अब तक एक यूनिट ब्लड एक व्यक्ति की जान ही बचाता है। ब्लड कंपोनेंट यूनिट में एक यूनिट ब्लड को चार पार्ट में अलग-अलग बनाया जाएगा। दरअसल, ब्लड में चार तत्व कंपोनेंट रेड ब्लड सेल (आरबीसी), प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट होते हैं। कंपोनेंट यूनिट में इन चारो तत्वों को अलग-अलग किया जा सकेगा। इसके बाद एक यूनिट ब्लड का लाभ चार लोगों को दिया जा सकेगा। कंपोनेंट यूनिट के भवन और अन्य उपकरणों पर करीब दो करोड़ का बजट खर्च होगा।
बृहस्पतिवार को अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के जेई मोहम्मद आरिफ बरेली से यहां पहुंचे। उन्होंने तकनीकी टीम के साथ ब्लड बैंक के पुराने भवन का निरीक्षण करने के साथ ही नए भवन के लिए जगह भी देखी।
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नए भवन के लिए ब्लड बैंक के बराबर में ही जगह चिह्नित कर ली गई है। उम्मीद है कि ब्लड कंपोनेंट यूनिट का निर्माण जल्द शुरू हो जाएगा।
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हर महीने 300 यूनिट से ज्यादा ब्लड की खपत
जिला अस्पताल में हर महीने 300 यूनिट से ज्यादा ब्लड की खपत होती है। दरअसल, जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पर जिला अस्पताल समेत जिला महिला अस्पताल, राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिले के निजी अस्पतालों में भर्ती होने वाले जरूरतमंदों को रक्त मुहैया कराने की जिम्मेदारी है। यहां से हर महीने 300 यूनिट से ज्यादा ब्लड की खपत होती है। जिला अस्पताल का ब्लड बैंक ब्लड कंपोनेंट यूनिट के सभी मानकों को पूरा करता है।
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जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सप्रेशन यूनिट की स्थापना होनी है। बृहस्पतिवार को तकनीकी टीम ने ब्लड बैंक के भवन और ब्लड बैंक के पास ही खाली पड़ी जमीन का निरीक्षण किया है। ब्लड बैंक के पास कंपोनेंट यूनिट के लिए नए भवन का निर्माण कराया जाएगा। उम्मीद है कि काम जल्द चालू हो जाएगा।
- डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस
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ब्लड कंपोनेंट यूनिट स्थापित होने के बाद एक यूनिट ब्लड चार लोगों की जान बचाने के काम आएगा। अब तक एक यूनिट ब्लड एक व्यक्ति की जान ही बचाता है। ब्लड कंपोनेंट यूनिट में एक यूनिट ब्लड को चार पार्ट में अलग-अलग बनाया जाएगा। दरअसल, ब्लड में चार तत्व कंपोनेंट रेड ब्लड सेल (आरबीसी), प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट होते हैं। कंपोनेंट यूनिट में इन चारो तत्वों को अलग-अलग किया जा सकेगा। इसके बाद एक यूनिट ब्लड का लाभ चार लोगों को दिया जा सकेगा। कंपोनेंट यूनिट के भवन और अन्य उपकरणों पर करीब दो करोड़ का बजट खर्च होगा।
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बृहस्पतिवार को अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के जेई मोहम्मद आरिफ बरेली से यहां पहुंचे। उन्होंने तकनीकी टीम के साथ ब्लड बैंक के पुराने भवन का निरीक्षण करने के साथ ही नए भवन के लिए जगह भी देखी।
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नए भवन के लिए ब्लड बैंक के बराबर में ही जगह चिह्नित कर ली गई है। उम्मीद है कि ब्लड कंपोनेंट यूनिट का निर्माण जल्द शुरू हो जाएगा।
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हर महीने 300 यूनिट से ज्यादा ब्लड की खपत
जिला अस्पताल में हर महीने 300 यूनिट से ज्यादा ब्लड की खपत होती है। दरअसल, जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पर जिला अस्पताल समेत जिला महिला अस्पताल, राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिले के निजी अस्पतालों में भर्ती होने वाले जरूरतमंदों को रक्त मुहैया कराने की जिम्मेदारी है। यहां से हर महीने 300 यूनिट से ज्यादा ब्लड की खपत होती है। जिला अस्पताल का ब्लड बैंक ब्लड कंपोनेंट यूनिट के सभी मानकों को पूरा करता है।
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जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सप्रेशन यूनिट की स्थापना होनी है। बृहस्पतिवार को तकनीकी टीम ने ब्लड बैंक के भवन और ब्लड बैंक के पास ही खाली पड़ी जमीन का निरीक्षण किया है। ब्लड बैंक के पास कंपोनेंट यूनिट के लिए नए भवन का निर्माण कराया जाएगा। उम्मीद है कि काम जल्द चालू हो जाएगा।
- डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस