यूपी: बदायूं गन हाउस का संचालक हरियाणा में 25 हजार कारतूस के साथ गिरफ्तार, घर की तलाशी में जखीरा बरामद
बदायूं गन हाउस का संचालक हरियाणा में 25 हजार कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया गया है। उसके बदायूं स्थित घर में कारतूसों का जखीरा बरामद हुआ है। पुलिस गहनता से इसकी जांच कर रही है।
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बिहार से शुरू हुई अवैध कारतूसों की तस्करी की जांच बदायूं तक पहुंच गई। हरियाणा की रोहतक एसटीएफ ने झज्जर जिले में बहादुरगढ़-रोहतक हाईवे स्थित रोहद टोल प्लाजा के पास से बदायूं के एक गन हाउस संचालक अफीफुद्दीन उर्फ मुन्ना खान को 25 हजार कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया। दो कारों से कारतूस बरामद होने के बाद मंगलवार को रोहतक एसटीएफ बदायूं पहुंची और स्थानीय सिविल लाइंस थाना पुलिस के आरोपी संचालक के गन हाउस और घर पर छापा मारा।
आरोपी के घर से जिंदा और कारतूस के खोखे बरामद किए हैं। इसके साथ एक रायफल 315 बोर, एक पोनिया 12 बोर भी जब्त की गई। सीओ सिटी सुमेध मिलिंद जाधव ने बताया कि अफीफुद्दीन उर्फ बॉबी उर्फ मुन्ना खान बदायूं गन हाउस संचालित करता है। रोहतक एसटीएफ से मिले इनपुट के आधार पर हरियाणा में बरामद कारतूसों की इस खेप को सिरसा के गन हाउस से खरीदकर यूपी लाया जा रहा था।
हरियाणा पुलिस की सूचना पर बदायूं पुलिस ने रोहतक एसटीएफ के साथ मंगलवार को दिनभर गनहाउस के संचालक के घर और दुकान पर दस्तावेज खंगाले। घर पर पुलिस को दो असलहों के लाइसेंस की वैधता अवधि समाप्त मिली। घर पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक रायफल 315 बोर, एक पोनिया 12 बोर, 40 विभिन्न बोर के जिंदा कारतूस और 738 विभिन्न बोर के खोखा कारतूस बरामद किए।
ऐसे रोहतक में पकड़ा गया कारतूस की तस्करी का खेल
दो दिन पहले बिहार पुलिस से सूचना मिलने के बाद रोहतक एसटीएफ ने टाटा हैरियर और हुंडई ऑरा कार को रोककर तलाशी ली तो उनमें कारतूसों की बड़ी खेप मिली। टाटा हैरियर से 7.65 बोर के 24,400 कारतूस और हुंडई ऑरा से 600 कारतूस बरामद किए गए। दोनों गाड़ियों से कुल 25 हजार कारतूस मिले हैं। पुलिस ने आठ मोबाइल फोन भी जब्त किए।
गिरफ्तार सभी आरोपी बदायूं जिले के निवासी हैं। इनमें गन हाउस संचालक अफीफुद्दीन उर्फ बॉबी उर्फ मुन्ना खान, आसिम रईस, सबलू खान, अरबाज अली और जीनत शामिल हैं। हरियाणा पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कारतूसों की खेप सिरसा स्थित महक गनहाउस से खरीदी गई थी। बिहार एसटीएफ के मुताबिक, मुन्ना खान खुद सिरसा गया और वहां गनहाउस संचालक से कारतूस खरीदे थे। बिहार एसटीएफ से सूचना मिलने के बाद रोहतक एसटीएफ ने निगरानी शुरू की और दोनों गाड़ियों को पकड़ा था।
सभी आरोपियों पर दर्ज हुई रिपोर्ट
आरोपी संचालक अपने गन हाउस के लाइसेंस पर कारतूसों को लाकर बेचता था, पकडे जाने पर बरामद कारतूस के सम्बन्ध में कोई वैध लाइसेंस नहीं दिखा सका। झज्जर जिले के असौधा थाने में सभी आरोपियों के खिलाफ तीन नवंबर को आर्म्स एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
अब पुलिस कारतूसों की खरीद, बिक्री और सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में कारतूसों की बरामदगी ने बदायूं से जुड़े गनहाउस और हथियारों के कारोबार की जांच को भी अहम बना दिया है। इससे माना जा रहा है कि बदायूं सहित कई जिले में बड़े स्तर पर कारतूस की खपत हो रही है।