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मिट्टी दरकी तो सड़क के नीचे दिखा कुआं
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Fri, 22 Jan 2016 08:04 PM IST
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उझानी के किलाखेड़ा मोहल्ले का मामला, लोगों ने जताई हादसे की आशंका
सड़क के नीचे से मिट्टी दरकने का मामला बृहस्पतिवार रात का है। शाम को सड़क ठीक थी, लेकिन शुक्रवार सुबह में पड़ोसी नीरज वार्ष्णेय समेत आसपास के लोग पहुंचे तो उन्होंने झांकना शुरू कर दिया। पहले तो किसी को सड़क के दरकने वाले स्थान पर गहराई का आभास नहीं हो पाया, लेकिन बाद में रस्सी के जरिए ईंट बांध कर डाली गई। बकौल नीरज, करीब 40-45 फीट रस्सी कुआं में अंदर तक चली गई। ईंट भी पानी से भीगी हुई निकली। मिट्टी दरकने वाले स्थान की चौड़ाई करीब दो-चार फीट नजर आ रही है। मोहल्ले के लोगों ने नगर पालिका पहुंचकर सड़क की मरम्मत कराने से पहले कुआं पर स्लैब डलवाने की मांग की।
कहीं सुरंग का अवशेष तो नहीं कुआं
उझानी। बुजुर्गों की माने तो कई दशक पहले नवाब अब्दुल्ला ने बिहारी जी मंदिर के पास से मेन मार्केट में सब्जी मंडी के पास मकबरा तक सुरंग खुदवाई थी। वह खुद सुरंग के रास्ते मकबरा तक आया- जाया करते थे। अब्दुल्लागंज गांव भी उन्हीं के नाम पर बसा था। चर्चा तो यहां तक है कि सुरंग के अवशेष में पानी भर गया होगा। अवर अभियंता विनय सक्सेना ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। सड़क कहां दरकी है, उसे दिखवाया जाएगा। अगर नीचे कुआं है तो पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। हो सकता है कि दशकों पुरानी सड़क के नीचे कभी कुआं रहा हो।
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सड़क के नीचे से मिट्टी दरकने का मामला बृहस्पतिवार रात का है। शाम को सड़क ठीक थी, लेकिन शुक्रवार सुबह में पड़ोसी नीरज वार्ष्णेय समेत आसपास के लोग पहुंचे तो उन्होंने झांकना शुरू कर दिया। पहले तो किसी को सड़क के दरकने वाले स्थान पर गहराई का आभास नहीं हो पाया, लेकिन बाद में रस्सी के जरिए ईंट बांध कर डाली गई। बकौल नीरज, करीब 40-45 फीट रस्सी कुआं में अंदर तक चली गई। ईंट भी पानी से भीगी हुई निकली। मिट्टी दरकने वाले स्थान की चौड़ाई करीब दो-चार फीट नजर आ रही है। मोहल्ले के लोगों ने नगर पालिका पहुंचकर सड़क की मरम्मत कराने से पहले कुआं पर स्लैब डलवाने की मांग की।
कहीं सुरंग का अवशेष तो नहीं कुआं
उझानी। बुजुर्गों की माने तो कई दशक पहले नवाब अब्दुल्ला ने बिहारी जी मंदिर के पास से मेन मार्केट में सब्जी मंडी के पास मकबरा तक सुरंग खुदवाई थी। वह खुद सुरंग के रास्ते मकबरा तक आया- जाया करते थे। अब्दुल्लागंज गांव भी उन्हीं के नाम पर बसा था। चर्चा तो यहां तक है कि सुरंग के अवशेष में पानी भर गया होगा। अवर अभियंता विनय सक्सेना ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। सड़क कहां दरकी है, उसे दिखवाया जाएगा। अगर नीचे कुआं है तो पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। हो सकता है कि दशकों पुरानी सड़क के नीचे कभी कुआं रहा हो।
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