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जर्जर भवनों के सुंदरीकरण में भी गड़बड़झाला
अमर उजाला ब्यूरो दातागंज।
Updated Sat, 08 Oct 2016 11:47 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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हजरतपुर पीएचसी में रंग- रोगन और मरम्मत के नाम पर हड़पे 1.10 लाख रुपये
अलापुर, ककराला, म्याऊं, गूरा के स्वास्थ्य केंद्रों में भी यही हाल
स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार पर लगाम तमाम प्रयासों के बाद भी नहीं लग पा रही। सरकारी इमारतों के सुंदरीकरण के नाम पर आई धनराशि को अंदरखाने ही हड़प लिया जा रहा है। ताजा मामला स्वास्थ्य केंद्रों के रंग-रोगन के नाम पर गड़बड़झाले का मामला सामने आया है। वर्ष 2015-16 में हजरतपुर पीएचसी के रंग-रोगन के नाम पर 1.10 लाख रुपये निकाल लिए गए, लेकिन काम नहीं कराया गया। अगले वित्तीय वर्ष के लिए डिमांड भेज दी गई।
जिले में 12 सीएचसी, पांच पीएचसी, 45 न्यू पीएचसी हैं। इनके रंग-रोगन और मरम्मत पर स्वास्थ्य विभाग हर साल मोटा बजट खर्च करता है। इसके बाद भी भवनों की दशा खराब है। दातागंज तहसील क्षेत्र में हजरतपुर, गूरा, अलापुर, ककराला और म्याऊं स्वास्थ्य केंद्रों का भी यही हाल है। रकम खर्च होने के बाद भी यहां काम नहीं कराया गया। ताजा मामला हजरतपुर पीएचसी का है। यहां 1.10 लाख रुपये रंग-रोगन और मरम्मत पर खर्च होना दर्शाया गया है, लेकिन सच्चाई इससे अलग है। देख-रेख और मरम्मत के अभाव में जिले के तमाम स्वास्थ्य केंद्रों के भवन जर्जर होते जा रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान ही नहीं देते।
अब तक इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है। पूरे मामले में जांच कराई जाएगी। अगर ऐसा हुआ है तो शासन को लिखा जाएगा। इसमें जो भी लोग शामिल होंगे उनके खिलाफ कारर्ढवाई की जाएगी।
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-डॉ. सुनील कुमार, सीएमओ
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अलापुर, ककराला, म्याऊं, गूरा के स्वास्थ्य केंद्रों में भी यही हाल
स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार पर लगाम तमाम प्रयासों के बाद भी नहीं लग पा रही। सरकारी इमारतों के सुंदरीकरण के नाम पर आई धनराशि को अंदरखाने ही हड़प लिया जा रहा है। ताजा मामला स्वास्थ्य केंद्रों के रंग-रोगन के नाम पर गड़बड़झाले का मामला सामने आया है। वर्ष 2015-16 में हजरतपुर पीएचसी के रंग-रोगन के नाम पर 1.10 लाख रुपये निकाल लिए गए, लेकिन काम नहीं कराया गया। अगले वित्तीय वर्ष के लिए डिमांड भेज दी गई।
जिले में 12 सीएचसी, पांच पीएचसी, 45 न्यू पीएचसी हैं। इनके रंग-रोगन और मरम्मत पर स्वास्थ्य विभाग हर साल मोटा बजट खर्च करता है। इसके बाद भी भवनों की दशा खराब है। दातागंज तहसील क्षेत्र में हजरतपुर, गूरा, अलापुर, ककराला और म्याऊं स्वास्थ्य केंद्रों का भी यही हाल है। रकम खर्च होने के बाद भी यहां काम नहीं कराया गया। ताजा मामला हजरतपुर पीएचसी का है। यहां 1.10 लाख रुपये रंग-रोगन और मरम्मत पर खर्च होना दर्शाया गया है, लेकिन सच्चाई इससे अलग है। देख-रेख और मरम्मत के अभाव में जिले के तमाम स्वास्थ्य केंद्रों के भवन जर्जर होते जा रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान ही नहीं देते।
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अब तक इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है। पूरे मामले में जांच कराई जाएगी। अगर ऐसा हुआ है तो शासन को लिखा जाएगा। इसमें जो भी लोग शामिल होंगे उनके खिलाफ कारर्ढवाई की जाएगी।
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-डॉ. सुनील कुमार, सीएमओ