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बैंक खुलने के एक घंटे बाद डाले ताले, जमकर हंगामा
ब्यूरो/बदायूं
Updated Thu, 01 Dec 2016 11:25 PM IST
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एसबीआई मुख्य शाखा में ग्राहकों ने स्टाफ पर बैंक में न घुसने देने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। ग्राहकों का आरोप था कि बैंक कर्मचारियों ने 11 बजे बैंक का मुख्य गेट बंद कर दिया। इतना ही नहीं बैंक से रुपये निकालने आए ग्राहकों को दो-दो रुपये के सिक्कों के कट्टे देकर टरका दिया गया।
गुरुवार सुबह एसबीआई की मुख्य शाखा खुलने से पहले ही भीड़ जमा थी। एक घंटे के बाद ही बैंक के मुख्य गेट पर ताला डाल दिया गया। इस पर ग्राहक भड़क गए और हंगामा काटने लगे। नारेबाजी शुरू कर दी। आरोप लगाया कि आमजन के लिए रुपये नहीं दए जा रहे हैं। जबकि पिछे गेट से कुछ लोगों को अंदर बुलाकर नोट दिए गए। मय फोर्स के साथ पहुंचे प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार सिंह यादव ने इस संबंध में शाखा प्रबंधक गोविंद कुमार गुप्ता से बात की। उन्होंने बताया कि बैंक में कैश खत्म हो गया है। उन्होंने शाखा प्रबंधक से कहा पीछे के गेट से किसी को भी अंदर नहीं आने दिया जाए। रुपये लेने पहुंचे तमाम ग्राहकों को दो-दो रुपये के सिक्के देकर टरका दिया गया। लोगों को सिक्कों के कट्टों को सिर पर उठा कर ले जाना पड़ा। बैंक से सिक्के मिलने पर ग्राहकों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। उनका कहना था कि इन सिक्कों को कहां पर चलाएंगे। इसके अलावा पीएनबी की शाखा में कैश न होने का बोर्ड सुबह ही लगा दिया गया। केवल रुपये जमा किए गए। जबकि सेंट्रल बैंक पर कैशियर ने तीन हजार से अधिक का भुगतान किसी ग्राहकों नहीं किया। एसबीआई की शहबाजपुर शाखा पर भीड़ न होने के कारण कामकाज शांतिपूर्वक चलता रहा।
बैंक के बाहर दलाल हावी होने का आरोप
सहसवान। नोटबंदी के बाद नोटों की अदला-बदली का काम देर रात्रि तक दलालों के माध्यम से पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा में खुलेआम चल रहा है। इसकी शिकायत ग्राहकों ने बैंक के उच्चाधिकारियों से की है।
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ग्राहकों का आरोप है कि बैंक का समय समाप्त हो जाने के बाद देर रात्रि तक दलालों के माध्यम से नोटों की अदला-बदली का काम किया जाता है। यह दलाल बंद हुए हजार और पांच सौ के नोटों को ग्राहकों से कम रुपये में बदल लेते हैं। बाद में बैंक जाकर उन्हें जमा कर सौ और पचास के नोट निकालकर ले आते हैं। आरोप यह भी है कि पांच सौ का नोट 400 और 1000 को नोट 800 में यह दलाल खरीद रहे हैं। बैंक अधिकारियों को भेजे शिकायत में कार्रवाई की मांग की गई है।
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गुरुवार सुबह एसबीआई की मुख्य शाखा खुलने से पहले ही भीड़ जमा थी। एक घंटे के बाद ही बैंक के मुख्य गेट पर ताला डाल दिया गया। इस पर ग्राहक भड़क गए और हंगामा काटने लगे। नारेबाजी शुरू कर दी। आरोप लगाया कि आमजन के लिए रुपये नहीं दए जा रहे हैं। जबकि पिछे गेट से कुछ लोगों को अंदर बुलाकर नोट दिए गए। मय फोर्स के साथ पहुंचे प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार सिंह यादव ने इस संबंध में शाखा प्रबंधक गोविंद कुमार गुप्ता से बात की। उन्होंने बताया कि बैंक में कैश खत्म हो गया है। उन्होंने शाखा प्रबंधक से कहा पीछे के गेट से किसी को भी अंदर नहीं आने दिया जाए। रुपये लेने पहुंचे तमाम ग्राहकों को दो-दो रुपये के सिक्के देकर टरका दिया गया। लोगों को सिक्कों के कट्टों को सिर पर उठा कर ले जाना पड़ा। बैंक से सिक्के मिलने पर ग्राहकों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। उनका कहना था कि इन सिक्कों को कहां पर चलाएंगे। इसके अलावा पीएनबी की शाखा में कैश न होने का बोर्ड सुबह ही लगा दिया गया। केवल रुपये जमा किए गए। जबकि सेंट्रल बैंक पर कैशियर ने तीन हजार से अधिक का भुगतान किसी ग्राहकों नहीं किया। एसबीआई की शहबाजपुर शाखा पर भीड़ न होने के कारण कामकाज शांतिपूर्वक चलता रहा।
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बैंक के बाहर दलाल हावी होने का आरोप
सहसवान। नोटबंदी के बाद नोटों की अदला-बदली का काम देर रात्रि तक दलालों के माध्यम से पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा में खुलेआम चल रहा है। इसकी शिकायत ग्राहकों ने बैंक के उच्चाधिकारियों से की है।
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ग्राहकों का आरोप है कि बैंक का समय समाप्त हो जाने के बाद देर रात्रि तक दलालों के माध्यम से नोटों की अदला-बदली का काम किया जाता है। यह दलाल बंद हुए हजार और पांच सौ के नोटों को ग्राहकों से कम रुपये में बदल लेते हैं। बाद में बैंक जाकर उन्हें जमा कर सौ और पचास के नोट निकालकर ले आते हैं। आरोप यह भी है कि पांच सौ का नोट 400 और 1000 को नोट 800 में यह दलाल खरीद रहे हैं। बैंक अधिकारियों को भेजे शिकायत में कार्रवाई की मांग की गई है।