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बालिकाओं को अधिकारों के प्रति जागरूक किया
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बालिका दिवस पर विचाक सुनतीं छात्राएं। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बिल्सी। सोमवार को नगर के मुख्य बाजार स्थित आर्य कन्या इंटर कॉलेज में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में अमृत महोत्सव के तहत अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर कार्यक्रम हुए। यहां विभिन्न योजनाओं को लेकर छात्राओं को जागरूक किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डा. देवेंद्र सिह फौजदार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना है।
न्यायिक अधिकारी आराधना ने छात्राओं को बताया कि 1995 में चीन में महिलाओं को लेकर हुए विश्व स्तरीय सम्मेलन में लड़कियों के अधिकारों को मान्यता देने के लिए पहली बार एक खाका तैयार किया गया था। बाद में 18 दिसंबर 2011 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में घोषित किया। इससे पहले सिविल जज एवं ग्राम न्यायाधिकारी संजय राज पांडेय और तहसीलदार करनवीर सिंह ने भी शासन और न्याय विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी छात्राओं को दी। इस मौके पर नायब तहसीलदार मोहम्मद अजहर अंसारी, प्रबंधक योगेंद्र पाल शर्मा, प्रशांत शर्मा, प्रधानाचार्य रानी जौहरी, हेमसिंह, रमेश शर्मा, हरिओम सिह, विनय कुमार, राकेश कुमार, नीतू यादव आदि मौजूद रहे।
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विधिक साक्षरता शिविर में छात्राओं को दी कानूनों की जानकारी
बिसौली। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में छात्राओं को कानूनों से संबंधित विभिन्न उपयोगी जानकारियां दी गईं।
सिविल जज जूनियर डिवीजन नगमा खान ने कहा कि आज के दौर में छात्राओं को स्वयं की सुरक्षा के लिए संविधान के अंतर्गत आने वाले कानूनों की जानकारी आवश्यक हैं। जीजीआईसी परिसर में आयोजित शिविर में मुंसिफ जज नगमा खान ने कहा कि बालिकाओं को शिक्षा के साथ साथ उनकी सुरक्षा से जुड़े उपाय भी बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानूनों की सही जानकारी बेहद जरूरी होती है। एसडीएम डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि अभिभावकों के साथ शिक्षकों का भी दायित्व है कि वे छात्राओं की सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। इस मौके पर कालेज की प्रधानाचार्य रजनी सिंह, अवनीश शर्मा के अलावा कालेज स्टाफ मौजूद रहा। संवाद
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डा. देवेंद्र सिह फौजदार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना है।
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न्यायिक अधिकारी आराधना ने छात्राओं को बताया कि 1995 में चीन में महिलाओं को लेकर हुए विश्व स्तरीय सम्मेलन में लड़कियों के अधिकारों को मान्यता देने के लिए पहली बार एक खाका तैयार किया गया था। बाद में 18 दिसंबर 2011 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में घोषित किया। इससे पहले सिविल जज एवं ग्राम न्यायाधिकारी संजय राज पांडेय और तहसीलदार करनवीर सिंह ने भी शासन और न्याय विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी छात्राओं को दी। इस मौके पर नायब तहसीलदार मोहम्मद अजहर अंसारी, प्रबंधक योगेंद्र पाल शर्मा, प्रशांत शर्मा, प्रधानाचार्य रानी जौहरी, हेमसिंह, रमेश शर्मा, हरिओम सिह, विनय कुमार, राकेश कुमार, नीतू यादव आदि मौजूद रहे।
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विधिक साक्षरता शिविर में छात्राओं को दी कानूनों की जानकारी
बिसौली। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में छात्राओं को कानूनों से संबंधित विभिन्न उपयोगी जानकारियां दी गईं।
सिविल जज जूनियर डिवीजन नगमा खान ने कहा कि आज के दौर में छात्राओं को स्वयं की सुरक्षा के लिए संविधान के अंतर्गत आने वाले कानूनों की जानकारी आवश्यक हैं। जीजीआईसी परिसर में आयोजित शिविर में मुंसिफ जज नगमा खान ने कहा कि बालिकाओं को शिक्षा के साथ साथ उनकी सुरक्षा से जुड़े उपाय भी बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानूनों की सही जानकारी बेहद जरूरी होती है। एसडीएम डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि अभिभावकों के साथ शिक्षकों का भी दायित्व है कि वे छात्राओं की सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। इस मौके पर कालेज की प्रधानाचार्य रजनी सिंह, अवनीश शर्मा के अलावा कालेज स्टाफ मौजूद रहा। संवाद