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Sawan 2023: दिन में तीन बार रंग बदलता है बदायूं के पान दरीबा मंदिर में शिवलिंग, नागा बाबाओं ने की थी स्थापना

Sun, 16 Jul 2023 03:35 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 16 Jul 2023 03:35 PM IST
सार

बदायूं के मोहल्ला पटियाली सराय में पानदरीबा मंदिर स्थित है। वैसे तो मंदिर का नाम शिवजी महाराज मंदिर है लेकिन अब यह दरीबा मंदिर या पान दरीबा मंदिर के नाम से अपनी पहचान बना चुका है।

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Badaun Paan Dariba temple Shivling changes color three times a day
पान दरीबा मंदिर में स्थापित शिवलिंग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बदायूं में स्थित पान दरीबा मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां स्थापित शिवलिंग कब का है, इसके ठोस प्रमाण तो नहीं हैं लेकिन लोगों द्वारा यह करीब 1200 साल पुराना बताया जाता है। इसकी खास बात यह है कि यह दिन के तीनों पहर में तीन रंग बदलता है। सावन के महीने में यहां शिवभक्तों का तांता लगा रहता है।
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शहर के मोहल्ला पटियाली सराय में पानदरीबा मंदिर स्थित है। वैसे तो मंदिर का नाम शिवजी महाराज मंदिर है लेकिन अब यह दरीबा मंदिर या पान दरीबा मंदिर के नाम से अपनी पहचान बना चुका है। कुछ बुजुर्गों का कहना है कि इस मोहल्ले में पहले जो लोग रहा करते थे, उनमें से अधिकांश पान का काम करते थे, जिससे इसका नाम पान दरीबा पड़ गया।
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मंदिर के पुजारी सत्यपाल शर्मा का कहना है कि वर्ष 1989 से उन्होंने इस मंदिर की जिम्मेदारी संभाली थी। तब यहां खंडहर था। लोगों के सहयोग से मंदिर का जीर्णेाद्धार कराया। इसके बाद पान का काम करने वाले लोगों ने इस जमीन को अपना बताना शुरू कर दिया। उन्हीं लोगों ने इसे पान दरीबा नाम दिया, जिसके बाद से लोग इसे इस नाम से पुकारने लगे।

नागा साधुओं ने स्थापित किया था शिवलिंग 

इस मंदिर की खास बात यहां स्थापित शिवलिंग है। शिवलिंग करीब तीन फुट ऊंचा है और इतना ही यह जमीन के भीतर बताया जाता है। पुजारी बताते हैं कि इस शिवलिंग को दो नागा साधुओं ने स्थापित किया था। यहां इन बाबाओं की मढ़ी थी। इन साधुओं की समाधि भी इस मंदिर में बनी है। बताते हैं कि यह शिवलिंग दिन में तीन बार अपना रंग बदलता है।

सुबह के समय यह सफेद रंग का दिखाई देता है तो दोपहर में गुलाबी हो जाता है। शाम को यह पीलापन लिए दिखाई देता है। शिवलिंग के अलावा यहां माता दुर्गा, मां संतोषी, मां काली की प्रतिमाएं भी हैं।

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