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बच्ची की दीवार गिरने से मलबे में दबकर मौत
अमर उजाला ब्यूरो मूसाझाग (बदायूं)।
Updated Mon, 07 Aug 2017 11:21 PM IST
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गिरी दीवार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बरेली के बिथरी चैनपुर इलाके का रहने वाला है परिवार
रक्षाबंधन पर माता-पिता के साथ ननिहाल गई दो मासूम बहनें अचानक दीवार ढहने से मलबे में दब गईं। इससे छोटी बहन की मौत हो गई, जबकि बड़ी बहन घायल है। यह परिवार बरेली के बिथरी चैनपुर इलाके का रहने वाला है।
बरेली जिले के थाना बिथरीचैनपुर के गांव परसौना निवासी राजेंद्र रक्षाबंधन पर पत्नी और बच्चों के साथ अपनी ससुराल मूसाझाग इलाके के गांव गुलड़िया आया था। सोमवार शाम करीब 7 बजे राजेंद्र की 8 वर्षीय बेटी मोनिका और 6 वर्षीय नीलम आंगन में खेल रहीं थी। इसी बीच घर के बाहर वाली कच्ची ईंटों की दीवार अचानक ढह गई। इससे आंगन में खेल रहीं दोनों बहनें मोनिका और नीलम मलबे में दब गईं। चीखपुकार सुनकर कमरे में काम कर रहे उसके पिता राजेंद्र, मामा मोरपाल दौड़कर पहुंच गए और उन्होंने मलबे में दबी बच्चियों को बाहर निकला। मगर तब तक नीलम की मौत हो चुकी थी। मोनिका घायल हो गई, जिसका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस हादसे के बाद खुशियों भरे घर में कोहराम मच गया।
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रक्षाबंधन पर माता-पिता के साथ ननिहाल गई दो मासूम बहनें अचानक दीवार ढहने से मलबे में दब गईं। इससे छोटी बहन की मौत हो गई, जबकि बड़ी बहन घायल है। यह परिवार बरेली के बिथरी चैनपुर इलाके का रहने वाला है।
बरेली जिले के थाना बिथरीचैनपुर के गांव परसौना निवासी राजेंद्र रक्षाबंधन पर पत्नी और बच्चों के साथ अपनी ससुराल मूसाझाग इलाके के गांव गुलड़िया आया था। सोमवार शाम करीब 7 बजे राजेंद्र की 8 वर्षीय बेटी मोनिका और 6 वर्षीय नीलम आंगन में खेल रहीं थी। इसी बीच घर के बाहर वाली कच्ची ईंटों की दीवार अचानक ढह गई। इससे आंगन में खेल रहीं दोनों बहनें मोनिका और नीलम मलबे में दब गईं। चीखपुकार सुनकर कमरे में काम कर रहे उसके पिता राजेंद्र, मामा मोरपाल दौड़कर पहुंच गए और उन्होंने मलबे में दबी बच्चियों को बाहर निकला। मगर तब तक नीलम की मौत हो चुकी थी। मोनिका घायल हो गई, जिसका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस हादसे के बाद खुशियों भरे घर में कोहराम मच गया।
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